{"_id":"6a91577867b3d77aff0bc8f7","slug":"indore-news-crime-branch-recovers-stolen-mobile-phones-on-rakhi-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर: रक्षाबंधन पर मिले 75 लाख के गुम हुए 238 मोबाइल, क्राइम ब्रांच ने दिया बड़ा तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर: रक्षाबंधन पर मिले 75 लाख के गुम हुए 238 मोबाइल, क्राइम ब्रांच ने दिया बड़ा तोहफा
Fri, 28 Aug 2026 03:10 PM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 28 Aug 2026 03:10 PM IST
सार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने रक्षाबंधन के अवसर पर सिटीजन काप एप और सीईआईआर पोर्टल की मदद से चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे। इनमें 11 आईफोन भी शामिल हैं जो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, यूपी और राजस्थान जैसे राज्यों से ट्रेस किए गए।
विज्ञापन
238 लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक सराहनीय कदम उठाते हुए गुम और चोरी हुए 238 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके मालिकों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पीड़ितों ने अपने गुम हुए मोबाइल की शिकायत सिटीजन काप एप के माध्यम से दर्ज कराई थी। इंदौर पुलिस के साइबर विशेषज्ञों ने भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल की तकनीकी सहायता से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से इन मोबाइल फोनों को तलाशकर सुरक्षित बरामद कर लिया है।
करीब 75 लाख रुपये कीमत के 238 मोबाइल फोन लौटाए गए
एक विशेष कार्यक्रम में करीब 75 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाले 238 मोबाइल फोन उनके असल मालिकों के सुपुर्द किए गए। इन बरामद फोनों में 11 महंगे आईफोन भी शामिल हैं। डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2026 में अब तक गुम हुए मोबाइल फोनों की प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 1045 मोबाइल फोन तलाश कर आवेदकों को वापस सौंपे हैं।
देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों से हुई बरामदगी
विशेष बात यह है कि गुम या चोरी होने के बाद ये मोबाइल फोन न केवल इंदौर में बल्कि देश के अन्य विभिन्न शहरों और राज्यों में सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने आधुनिक तकनीकी जानकारी के आधार पर इन फोनों की सटीक लोकेशन और उनके मौजूदा इस्तेमाल का पता लगाया। इसके पश्चात पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों से इन फोनों की सफल बरामदगी की गई।
विज्ञापन
वीवो ब्रांड के सबसे ज्यादा और 11 आईफोन भी मिले
इस बार पुलिस द्वारा बरामद किए गए 238 मोबाइल फोनों में सबसे अधिक 77 फोन वीवो कंपनी के हैं। इसके अतिरिक्त 38 ओप्पो, 29 सैमसंग, 22 वनप्लस तथा 16 रेडमी के फोन शामिल हैं। इसके साथ ही साइबर टीम ने 11 प्रीमियम आईफोन भी ढूंढ निकालने में सफलता प्राप्त की है।
तकनीकी विश्लेषण और आईएमईआई ट्रैकिंग से मिली सफलता
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिटीजन काप एप और सीईआईआर पर दर्ज शिकायतों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। आईएमईआई नंबर के आधार पर ऐसे मोबाइल फोनों को चिन्हित किया गया जिनमें पुरानी सिम हटाकर किसी अन्य नई सिम का उपयोग किया जा रहा था। इस तकनीकी जानकारी के मजबूत आधार पर पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दबिश देकर मोबाइल बरामद किए।
सिटीजन काप एप से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की अपील
इंदौर क्राइम ब्रांच की सिटीजन काप एप्लीकेशन पर आम नागरिक अपने गुम या चोरी हुए सामान की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मोबाइल गुम होने की स्थिति में इस एप के रिपोर्ट लॉस्ट आर्टिकल विकल्प पर जाकर आसानी से शिकायत पंजीकृत की जा सकती है। इसमें मोबाइल का विवरण, बिल अथवा पुलिस थाने की शिकायत की प्रति और वैकल्पिक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होता है। मोबाइल बरामद होने पर पुलिस इसी दिए गए वैकल्पिक नंबर पर आवेदक को सूचित करती है।
सीईआईआर पोर्टल के जरिए आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराने की प्रक्रिया
यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल चोरी या गुम हो जाता है तो सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से उसका आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराया जा सकता है। इसके लिए सर्वप्रथम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होती है और अपनी पुरानी सिम दोबारा प्राप्त करनी होती है। इसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर आवेदन भरकर मोबाइल का बिल, पुलिस शिकायत की प्रति तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर एक रिक्वेस्ट आईडी मिलती है जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
विज्ञापन
करीब 75 लाख रुपये कीमत के 238 मोबाइल फोन लौटाए गए
एक विशेष कार्यक्रम में करीब 75 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाले 238 मोबाइल फोन उनके असल मालिकों के सुपुर्द किए गए। इन बरामद फोनों में 11 महंगे आईफोन भी शामिल हैं। डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2026 में अब तक गुम हुए मोबाइल फोनों की प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 1045 मोबाइल फोन तलाश कर आवेदकों को वापस सौंपे हैं।
विज्ञापन
देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों से हुई बरामदगी
विशेष बात यह है कि गुम या चोरी होने के बाद ये मोबाइल फोन न केवल इंदौर में बल्कि देश के अन्य विभिन्न शहरों और राज्यों में सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने आधुनिक तकनीकी जानकारी के आधार पर इन फोनों की सटीक लोकेशन और उनके मौजूदा इस्तेमाल का पता लगाया। इसके पश्चात पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों से इन फोनों की सफल बरामदगी की गई।
विज्ञापन
वीवो ब्रांड के सबसे ज्यादा और 11 आईफोन भी मिले
इस बार पुलिस द्वारा बरामद किए गए 238 मोबाइल फोनों में सबसे अधिक 77 फोन वीवो कंपनी के हैं। इसके अतिरिक्त 38 ओप्पो, 29 सैमसंग, 22 वनप्लस तथा 16 रेडमी के फोन शामिल हैं। इसके साथ ही साइबर टीम ने 11 प्रीमियम आईफोन भी ढूंढ निकालने में सफलता प्राप्त की है।
तकनीकी विश्लेषण और आईएमईआई ट्रैकिंग से मिली सफलता
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिटीजन काप एप और सीईआईआर पर दर्ज शिकायतों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। आईएमईआई नंबर के आधार पर ऐसे मोबाइल फोनों को चिन्हित किया गया जिनमें पुरानी सिम हटाकर किसी अन्य नई सिम का उपयोग किया जा रहा था। इस तकनीकी जानकारी के मजबूत आधार पर पुलिस टीमों ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दबिश देकर मोबाइल बरामद किए।
सिटीजन काप एप से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की अपील
इंदौर क्राइम ब्रांच की सिटीजन काप एप्लीकेशन पर आम नागरिक अपने गुम या चोरी हुए सामान की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मोबाइल गुम होने की स्थिति में इस एप के रिपोर्ट लॉस्ट आर्टिकल विकल्प पर जाकर आसानी से शिकायत पंजीकृत की जा सकती है। इसमें मोबाइल का विवरण, बिल अथवा पुलिस थाने की शिकायत की प्रति और वैकल्पिक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होता है। मोबाइल बरामद होने पर पुलिस इसी दिए गए वैकल्पिक नंबर पर आवेदक को सूचित करती है।
सीईआईआर पोर्टल के जरिए आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराने की प्रक्रिया
यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल चोरी या गुम हो जाता है तो सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से उसका आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराया जा सकता है। इसके लिए सर्वप्रथम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होती है और अपनी पुरानी सिम दोबारा प्राप्त करनी होती है। इसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर आवेदन भरकर मोबाइल का बिल, पुलिस शिकायत की प्रति तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर एक रिक्वेस्ट आईडी मिलती है जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
