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MPPSC 2024 Result: लड़कियों ने किया कमाल, टॉप 13 में 5 ने बनाई जगह
Fri, 12 Sep 2025 08:51 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 12 Sep 2025 08:51 PM IST
सार
MPPSC 2024 Result: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को राज्य सेवा परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। घोषित परिणाम में कुल 110 पदों में से 87 प्रतिशत पदों की सूची जारी की गई है।
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- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा- 2024 (MPPSC 2024 Result) के फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। शुक्रवार शाम को आए रिजल्ट में टॉप 13 में 5 महिलाओं ने जगह बनाई है। आयोग ने अभी 87 प्रतिशत पदों की पदवार सूची जारी की है। 13 प्रतिशत पद अभी होल्ड पर रखे हैं। इसमें 13 पद डिप्टी कलेक्टर के थे। इसमें 8 पुरुष और 5 पद महिलाओं के पास गए हैं।
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110 पद के लिए हुई थी परीक्षा, 3000 उम्मीदवार बैठे
बता दें कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (2024) 21 से 26 अक्टूबर तक आयोजित की गई थी। 110 पदों के लिए ये एग्जाम हुए थे। इसमें करीब तीन हजार से ज्यादा उम्मीदवार बैठे थे। 110 पदों में से 87 फीसदी फॉर्मूले में 102 पद रखे गए हैं, जिसमें 306 उम्मीदवार सफल रहे थे। वहीं, 13 फीसदी प्रोविजनल रिजल्ट कैटेगरी में कुल 8 पद रखे हैं। इसके लिए 33 उम्मीदवार सफल रहे थे। इंटरव्यू के लिए 339 उम्मीदवार का चयन हुआ था।
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इसलिए होल्ड किए 13% पद
साल 2019 से पहले एमपी में सरकारी नौकरियों में OBC को 14%, ST को 20% और SC को 16% आरक्षण दिया जाता था। बाकी बचे 50% पद अनरिजर्व्ड कैटेगरी से भरे जाते थे। यानी आरक्षण की सीमा 50% थी। 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया। इससे आरक्षण की सीमा बढ़कर 63 फीसदी हो गई। आरक्षण की बढ़ाई गई इस सीमा को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने 20 जनवरी 2020 को 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देने के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भर्तियों में ओबीसी को पहले की तरह 14 फीसदी आरक्षण दिया जाए। हाईकोर्ट ने ये आदेश 1992 में सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी बनाम भारत सरकार के फैसले को आधार बनाकर दिया। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी भी राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती। इस फैसले के बाद एमपी सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने को लेकर याचिका लगाई। इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रांसफर याचिका पर जब तक सुप्रीम कोर्ट अपना रुख साफ नहीं करता, तब तक हाईकोर्ट भी सुनवाई नहीं करेगा।
टॉप 13 छात्र
1- देवांशु शिवहरे- कुल अंक 953 (1685 अंक में से)
2- ऋषव अवस्थी-945.50 अंक
3- अंकित 942 अंक
4- शुभम - 913 अंक
5- हर्षिता दवे- 893.75 अंक
6- रुचि जाट-891 अंक
7- नम्रता जैन- 890 अंक
8- गिरराज परिहार-859.75 अंक
9- स्वर्णा दिवान-833.75 अंक
10- विक्रमदेव सरयम-765.50 अंक
11- शिवानी सिरमचे-761.50 अंक
12- जतिन ठाकुर- 759.75 अंक
13- हिमांशु सोनी- 716 अंक
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बता दें कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (2024) 21 से 26 अक्टूबर तक आयोजित की गई थी। 110 पदों के लिए ये एग्जाम हुए थे। इसमें करीब तीन हजार से ज्यादा उम्मीदवार बैठे थे। 110 पदों में से 87 फीसदी फॉर्मूले में 102 पद रखे गए हैं, जिसमें 306 उम्मीदवार सफल रहे थे। वहीं, 13 फीसदी प्रोविजनल रिजल्ट कैटेगरी में कुल 8 पद रखे हैं। इसके लिए 33 उम्मीदवार सफल रहे थे। इंटरव्यू के लिए 339 उम्मीदवार का चयन हुआ था।
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इसलिए होल्ड किए 13% पद
साल 2019 से पहले एमपी में सरकारी नौकरियों में OBC को 14%, ST को 20% और SC को 16% आरक्षण दिया जाता था। बाकी बचे 50% पद अनरिजर्व्ड कैटेगरी से भरे जाते थे। यानी आरक्षण की सीमा 50% थी। 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया। इससे आरक्षण की सीमा बढ़कर 63 फीसदी हो गई। आरक्षण की बढ़ाई गई इस सीमा को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने 20 जनवरी 2020 को 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण देने के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भर्तियों में ओबीसी को पहले की तरह 14 फीसदी आरक्षण दिया जाए। हाईकोर्ट ने ये आदेश 1992 में सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी बनाम भारत सरकार के फैसले को आधार बनाकर दिया। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी भी राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती। इस फैसले के बाद एमपी सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने को लेकर याचिका लगाई। इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रांसफर याचिका पर जब तक सुप्रीम कोर्ट अपना रुख साफ नहीं करता, तब तक हाईकोर्ट भी सुनवाई नहीं करेगा।
टॉप 13 छात्र
1- देवांशु शिवहरे- कुल अंक 953 (1685 अंक में से)
2- ऋषव अवस्थी-945.50 अंक
3- अंकित 942 अंक
4- शुभम - 913 अंक
5- हर्षिता दवे- 893.75 अंक
6- रुचि जाट-891 अंक
7- नम्रता जैन- 890 अंक
8- गिरराज परिहार-859.75 अंक
9- स्वर्णा दिवान-833.75 अंक
10- विक्रमदेव सरयम-765.50 अंक
11- शिवानी सिरमचे-761.50 अंक
12- जतिन ठाकुर- 759.75 अंक
13- हिमांशु सोनी- 716 अंक
