फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News Prison Inmates Learning Fluent English, Aiming for a New Life

Indore News: जेल में अंग्रेजी की पाठशाला, कैदी सीख रहे फर्राटेदार अंग्रेजी, कर रहे होटल मैनेजमेंट के कोर्स

Wed, 19 Feb 2025 05:36 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Wed, 19 Feb 2025 05:36 PM IST
सार

Indore News : सेंट्रल जेल के कैदी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सीख रहे हैं, जिससे वे समाज में नई पहचान बना सकें। जेल प्रशासन द्वारा कैदियों को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें पुनर्वास के लिए तैयार किया जा रहा है।

विज्ञापन
Indore News Prison Inmates Learning Fluent English, Aiming for a New Life
Indore News - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

इंदौर सेंट्रल जेल में अपराध की दुनिया को पीछे छोड़ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा रखने वाले 20 कैदी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने की कला भी सीख रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह है कि जब वे जेल से बाहर आएं, तो समाज के सामने खुद को एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर सकें।

विज्ञापन


नवाचार से सुधार देखने को मिल रहे
इंदौर की सेंट्रल जेल में वर्तमान में 2000 से अधिक कैदी सजा काट रहे हैं, जिनमें 1455 पुरुष दंडित बंदी, 37 साधारण कैदी, 93 महिला बंदी, 699 विचाराधीन कैदी, 11 मृत्युदंड प्राप्त कैदी, और 16 राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध कैदी शामिल हैं। जेल अधीक्षक अलका सोनकर का कहना है कि महिला और पुरुष कैदियों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर नवाचार किए जाते हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप कैदी अब शिक्षा की ओर रुचि दिखा रहे हैं और उन्हें विभिन्न बुनियादी कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन


आजीवन कारावास की सजा काट रहे परविंदर ने की पहल
जेल के अंदर बनी पाठशाला में हर दिन अंग्रेजी की कक्षाएं लगाई जाती हैं। इन्हीं कक्षाओं में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी परविंदर त्रिलोक सिंह अपने साथी कैदियों को न केवल अंग्रेजी लिखना सिखा रहे हैं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने का अभ्यास भी करवा रहे हैं। इस समय जेल की इस पाठशाला में 20 कैदी नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से कई अब धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने लगे हैं। परविंदर त्रिलोक सिंह को वर्ष 2002 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467 और 471 के तहत धोखाधड़ी के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और वह 6 दिसंबर 2002 से जेल में सजा काट रहा है। अब उसका संकल्प है कि अधिक से अधिक कैदियों को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान दिया जाए, ताकि वे जेल से बाहर जाकर समाज में अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान बना सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 कैदी पहली कक्षा से पढ़ाई शुरू कर चुके
जेल प्रशासन द्वारा निरक्षर कैदियों को भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वर्तमान में, जेल में 50 से अधिक कैदी पहली कक्षा से अपनी शिक्षा शुरू कर चुके हैं। इसके अलावा, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कैदी भी हैं, जिनमें से 10 कैदी इस वर्ष इन परीक्षाओं में शामिल होंगे। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कैदियों की संख्या 8 है, जो बीकॉम और एमए जैसी डिग्रियां हासिल कर रहे हैं।


होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी चल रहा
पिछले तीन वर्षों से सेंट्रल जेल में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 10 से अधिक कैदी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से कई कैदी जेल से बाहर जाने के बाद अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण अच्छे तरीके से कर सकें। ऐसे ही एक कैदी, रुस्तम, जो वर्षों पहले हत्या के आरोप में जेल आया था, उसने न केवल उच्च शिक्षा ग्रहण की बल्कि होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी किया। उसने अपने साथियों को भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया है। इसी तरह, जेल में बंद बिरजू अहिरवार ने भी अपने जीवन को बदलने के लिए शिक्षा का सहारा लिया और अब वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेंट्रल जेल में किए जा रहे ये सुधारात्मक प्रयास कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल कैदियों के जीवन में बदलाव ला रही है, बल्कि यह समाज में उनके पुनर्वास की संभावनाओं को भी बढ़ा रही है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed