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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: The government is making a new policy for mill establishment and upgradation, the establishment of new mills will be encouraged.

इंदौरः मिल स्थापना व अपग्रेडेशन के लिए नई नीति बना रहा शासन, नई मिलों की स्थापना को मिलेगा प्रोत्साहन

Thu, 18 Nov 2021 05:42 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 18 Nov 2021 05:42 PM IST
सार

मप्र शासन द्वारा मिल स्थापना तथा अपग्रेडेशन के लिए नई नीति जारी की जाएगी। जिससे नई मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। किसानों की आय बढ़ाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

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Indore: The government is making a new policy for mill establishment and upgradation, the establishment of new mills will be encouraged.
इंदौर में बैठक लेते हुए प्रमुख सचिव। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इंदौर संभाग में केवल चार मिलर्स हैं। जिनमें से तीन इंदौर तथा एक खण्डवा में है। इंदौर संभाग में मिलिंग के कार्य को बढ़ावा देने के लिए सभी कलेक्टर्स को निवेशकों की सहायता से उनके जिलों में मिलों की स्थापना के लिए प्रयास करना चाहिए। इससे उनके जिलों में कृषि उद्योग, फसल खरीदी एवं रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। चावल की भूसी से तैयार किए जाने वाले तेल का उत्पादन भी संभाग में बढ़ाया जा सकता है। इससे भी किसानों को आय के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे तथा नए उद्योगों को स्थापित किया जा सकेगा। जल्द ही शासन द्वारा मिल स्थापना तथा अपग्रेडेशन के लिए नई नीति जारी की जाएगी। जिससे नई मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
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यह कहना है प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग फैज अहमद किदवई का। उनकी अध्यक्षता में गुरुवार को  रेसीडेंसी कोठी में इंदौर संभाग के सभी जिलों के लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मिलिंग एवं खरीफ उपार्जन की समीक्षा की गई। इसमें कई तरह की बातें हुई और निर्देश दिए गए। बैठक में संभागायुक्त, कलेक्टर सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग फैज अहमद किदवई ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे आगामी रबी फसल के स्टोरेज के लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दें। पीपीपी मोड पर गोदाम तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि धार, झाबुआ एवं आलीराजपुर जहां कम संख्या में गोदाम हैं वे आगामी रबी फसल हेतु अभी से ही निजी एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर गोदाम बनवाना शुरू दें। किसानों के पंजीयन में आधार सीडिंग को प्राथमिकता से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधार आधारित एमएसपी के भुगतान के लिए किसानों के खातों से आधार नंबर लिंक करवाया जाना अनिवार्य है। यदि किसी किसान का मोबाइल नंबर बदल गया है तो किसान के नए मोबाइल नंबर को भी अपडेट करवाने के सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रमुख सचिव किदवई ने कहा कि संभाग में केवल चार मिलर्स है। जिनमे से तीन इंदौर तथा एक खण्डवा में है। इंदौर संभाग में मिलिंग के कार्य को बढ़ावा देने के लिए सभी कलेक्टर्स को निवेशकों की सहायता से उनके जिलों में मिलों की स्थापना के लिए प्रयास करना चाहिए। इससे उनके जिलों में कृषि उद्योग, फसल खरीदी एवं रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। चावल की भूसी से तैयार किए जाने वाले तेल का उत्पादन भी संभाग में बढ़ाया जा सकता है। इससे भी किसानों को आय के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे तथा नए उद्योगो को स्थापित किया जा सकेगा। जल्द ही शासन द्वारा मिल स्थापना तथा अपग्रेडेशन के लिए नई नीति जारी की जाएगी। जिससे नई मिलों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
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जिला स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश
प्रमुख सचिव किदवई ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों पर पक्के प्लेटफॉर्म का निर्माण करावाया जाए जिससे खरीदी के दौरान किसानों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। उन्होंने इस क्षेत्र में धार जिले द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा की। विगत वर्ष के निस्तारण योग्य खराब स्कंध के जल्द से जल्द निस्तारण कर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। सभी जिलों में एक जिला स्तरीय समिति का गठन करने के निर्देश दिए। जिसमें वेयरहउसिंग, नापतोल, जिला खाद्य अधिकारी, सहकारी बैंक एवं सहकारी समिति के सदस्य शामिल रहें। समिति के सदस्यों द्वारा संबंधित जिलों में ऐसे नोडल प्वाइंट चिन्हित किए जाएं जहां तोलकांटे लगवाए जाना आवश्यक है। इससे सहकारी समितियों को होने वाले ट्रांजेक्शन लॉस को कम किया जा सकेगा। 
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इंदौर संभाग में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि सभी जिलों में उचित मूल्य दुकानों का सुदृढ़ीकरण किया जाए। इसके तहत दुकानवार भण्डारण क्षमता का सर्वे किया जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम द्वारा एवं शहरी क्षेत्रों में जिला खाद्य अधिकारी द्वारा उचित मूल्य दुकानों की भण्डारण क्षमता कम से कम 60 दिवस तक बढ़ाने के निर्देश दिए जाएं। शहरी क्षेत्रों में हर वार्ड में एक उचित मूल्य दुकान स्थापित की जाए, जिससे उपभोक्ताओं को राशन लेने के लिए परेशानी न उठाना पड़े। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों के संचालन के लिए स्व सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चिचत की जाए। उज्जवला 2.0 योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में संचालक नागरिक आपूर्ति निगम तरुण पिथोड़े ने संभाग में खरीफ 2021-22 उपार्जन, किसान पंजीयन एवं सत्यापन, धान उर्पाजन की पिछले तीन वर्षो की जानकारी, बारदाना व्यवस्था, उपार्जन परिवहन व्यवस्था, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 की भण्डारण व्यवस्था, धानमिलिंग की प्रगति, संभाग में मिलों की स्थिति, अंतर जिला मिलिंग की प्रगति, रबी विपणन समितियों एवं परिवहनकर्ता का लंबित भुगतान आदि विषयों पर जानकारी दी। 
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