{"_id":"5e01d2858ebc3e880106700a","slug":"indore-police-raid-the-bases-of-group-d-employee-unaccounted-property-disclosed","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के ठिकानों पर पुलिस ने मारे छापे, बेहिसाब संपत्ति का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के ठिकानों पर पुलिस ने मारे छापे, बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
Tue, 24 Dec 2019 02:46 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 24 Dec 2019 02:46 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारी भ्रष्टाचार के संदेह में लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के ठिकानों पर मंगलवार को छापे मारे। छापों में जांचकर्ताओं को उसकी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति के सुराग मिले हैं।
विज्ञापन
लोकायुक्त पुलिस के उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि आईएमसी के बेलदार (बिल बांटने और अन्य छोटे-मोटे काम करने वाला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) रियाजुल हक अंसारी के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उसने भ्रष्ट तरीकों से खासी संपत्ति अर्जित की है। इस शिकायत पर उसके घर तथा दो अन्य ठिकानों पर छापे मारे गए।
विज्ञापन
बघेल ने बताया कि छापों में अंसारी के घर से 50,000 रुपये की नकदी और सोने-चांदी के कुछ जेवरात बरामद किए गए हैं। आईएमसी कर्मचारी के खिलाफ जारी जांच के घेरे में आईं अचल संपत्तियों में शहर के एक रिहाइशी अपार्टमेंट में दो फ्लैट, एक पेंट हाउस, एक भूखंड जिस पर मकान बनाया जा रहा है, एक भवन और एक दुकान शामिल है। इनमें से कुछ संपत्तियां अंसारी के परिजनों के नाम से भी खरीदी गई हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के घर एक छोटी एसयूवी गाड़ी तथा दो पहियों वाले दो वाहन भी मिले हैं।
डीएसपी ने बताया कि अंसारी वर्ष 2003 में आईएमसी की सरकारी सेवा में शामिल हुआ था। गुजरे 16 साल में उसने आईएमसी के वेतन से करीब 25 लाख रुपये कमाए हैं, जबकि उसके ठिकानों पर छापों के बाद जांच के घेरे में आईं चल-अचल संपत्तियों का कुल मूल्य इस रकम से कहीं ज्यादा है।
मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत विस्तृत जांच और आईएमसी कर्मचारी की बेहिसाब संपत्ति का मूल्यांकन जारी है।
