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दमोह: प्रसव के दौरान नवजात की मौत, परिजनों ने स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप, अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

Fri, 28 Aug 2026 02:53 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Fri, 28 Aug 2026 02:53 PM IST
सार

मड़ियादो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि प्रसव में जटिलता के बावजूद महिला को समय रहते उच्च स्वास्थ्य केंद्र रैफर नहीं किया गया।

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Damoh: Newborn Dies During Delivery, Family Alleges Staff Negligence; Protest Held Outside Hospital
अस्पताल के बाहर मौजूद परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के मड़ियादो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार रात प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि महिला को सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन प्रसव में जटिलता की स्थिति बनने के बावजूद उसे समय रहते उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रैफर नहीं किया गया। शुक्रवार सुबह नाराज परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।

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मड़ियादो निवासी मिथलेश पाल (23) को परिजन गुरुवार सुबह करीब 8 बजे प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। पति प्रदीप पाल के अनुसार भर्ती के दौरान उन्हें प्रसव में किसी संभावित जटिलता की जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि महिला की स्थिति बिगड़ने के बावजूद उन्हें लगातार इंतजार करने को कहा जाता रहा। प्रदीप पाल ने बताया कि प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उन्होंने नर्सिंग स्टाफ से पत्नी की जांच करने और जरूरत पड़ने पर दूसरे अस्पताल भेजने की बात कही थी। उनका आरोप है कि उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया। रात में दर्द अधिक बढ़ने के बाद परिजनों ने दोबारा रैफर करने की मांग की लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया कि बच्चा ठीक है और सामान्य प्रसव हो जाएगा।
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परिजनों के मुताबिक रात करीब साढ़े आठ बजे प्रसव के दौरान स्थिति गंभीर हो गई और नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिवार में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि महिला को समय रहते बेहतर स्वास्थ्य सुविधा वाले अस्पताल भेज दिया जाता तो नवजात को बचाया जा सकता था।


नवजात की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पति प्रदीप पाल ने कहा कि उन्हें प्रसव की जटिलता के बारे में समय रहते जानकारी दी जाती और रैफर किया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना से नाराज परिजन शुक्रवार सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही। परिजन मामले की जांच और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद हटा बीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल ने कहा कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि वे मड़ियादो पहुंचकर मामले से जुड़े तथ्यों और अस्पताल स्टाफ की भूमिका की जांच करेंगे। जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नवजात की मौत को लेकर परिजनों के आरोपों की जांच होना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसव के दौरान किन परिस्थितियों में नवजात की मौत हुई और क्या उपचार या रैफरल में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।

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