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मध्य प्रदेश में  छात्र-किसान नाराजगी के बीच सरकार का ‘डैमेज कंट्रोल’, अब हर जिले में युवाओं से सीधा संवाद

Fri, 28 Aug 2026 02:05 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 28 Aug 2026 02:05 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में युवाओं और किसानों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार अब सीधे संवाद की रणनीति पर काम कर रही है। ‘युवा-कृषि संवाद’ के जरिए हर जिले में समस्याएं सुनी जाएंगी और युवाओं को पांच वर्गों में बांटकर उनकी जरूरत के हिसाब से समाधान तलाशा जाएगा।

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Madhya Pradesh government's 'damage control' amid student-farmer anger, now direct communication with youth in
सीएम डॉ मोहन यादव - फोटो : Dr Mohan Yadav Facebook

विस्तार

मध्य प्रदेश में छात्रों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर उठ रही आवाजों के बीच सरकार अब सीधे संवाद के जरिए नई पीढ़ी और ग्रामीण वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘युवा-कृषि संवाद’ की शुरुआत की है। इसे आने वाले दिनों में प्रदेश के हर जिले तक ले जाने की तैयारी है। खास बात यह है कि सरकार ने युवाओं को एक समूह मानने के बजाय उनकी अलग-अलग जरूरतों के आधार पर पांच वर्गों में बांटकर काम करने की रणनीति बनाई है। सरकार की इस पहल को केवल संवाद कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि युवाओं की सबसे बड़ी परेशानी क्या है और सरकार की योजनाओं का फायदा किस वर्ग तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों से लेकर रोजगार की तलाश में शहरों का रुख करने वाले युवाओं तक को इस रणनीति में शामिल किया गया है।
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पांच हिस्सों में समझेगी युवाओं की परेशानी
कैबिनेट बैठक में युवाओं के कौशल विकास को लेकर सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई। नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर युवाओं को पांच श्रेणियों में बांटने की तैयारी है। इनमें स्कूली विद्यार्थी, कॉलेज छात्र, संगठित क्षेत्र में काम करने वाले युवा, असंगठित क्षेत्र से जुड़े युवा और शिक्षा, रोजगार या स्वरोजगार से वंचित युवा शामिल हैं। यानी सरकार अब युवाओं के लिए एक जैसी नीति के बजाय उनकी स्थिति और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग समाधान पर काम करना चाहती है। 
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गांव से शहर आने वालों पर खास नजर
सरकार का फोकस उन युवाओं पर भी रहेगा, जो गांवों से रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों में आते हैं। ऐसे युवाओं के सामने कौशल, रोजगार, आर्थिक संसाधन और स्वरोजगार जैसी चुनौतियां हैं। ‘युवा-कृषि संवाद’ के जरिए सरकार ग्रामीण युवाओं के साथ किसानों से भी सीधा संपर्क बढ़ाएगी। इससे गांवों में रोजगार और कृषि से जुड़े मुद्दों को एक साथ समझने की कोशिश होगी। 

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स्कूल-कॉलेज में भी पहुंचेगी सरकार
युवा आयोग को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की तैयारी है। स्कूल और कॉलेजों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से सीधे उनकी समस्याएं पूछी जाएंगी। रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य के अवसरों से जुड़े मुद्दों को इन बैठकों में प्रमुखता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद भी ‘जनविश्वास अभियान’ के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि स्कूल में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी बात सुनी थी।
 
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