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इंदौर: स्वच्छता के जनभागीदारी मॉडल को मिला सम्मान, लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए कलेक्टर मनीष सिंह को मिला प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार
Wed, 20 Apr 2022 05:50 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Wed, 20 Apr 2022 05:50 PM IST
सार
इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। इंदौर के स्वच्छता के जन सहभागिता मॉडल को सम्मान मिला है। "स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के माध्यम से जन आंदोलन को बढ़ावा- जनभागीदारी" के तहत इंदौर का चयन हुआ है।
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कलेक्टर मनीष सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
स्वच्छता में सिरमौर बने इंदौर और यहां के नागरिकों के स्वच्छता के प्रति समर्पण को एक बार फिर पुरस्कृत किया जा रहा है। इंदौर के स्वच्छता के जन सहभागिता मॉडल को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। कलेक्टर मनीष सिंह यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। वर्ष 2020 में लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की कैटेगरी "स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के माध्यम से जन आंदोलन को बढ़ावा- जनभागीदारी" के तहत इंदौर का चयन करते हुए केन्द्र सरकार ने कलेक्टर मनीष सिंह को इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया है।
कलेक्टर मनीष सिंह ने यह पुरस्कार इंदौर के सफाईकर्मियों और नागरिकों को समर्पित किया है। कलेक्टर ने कहा कि यह अवार्ड स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ सफाईकर्मियों, इंदौर के समस्त नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और परिश्रम के कारण इंदौर को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और सफाईकर्मियों की सक्रिय सहभागिता देशभर में उदाहरण बन चुकी है।
उल्लेखनीय है कि यह अवार्ड टीम इंदौर को स्वच्छता के क्षेत्र में सफल तरीके से जनभागीदारी करते हुए उसे जन आंदोलन बनाने के लिए दिया जा रहा है। वर्ष 2020 हेतु यह अवार्ड केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य के रेसीडेंट कमिश्नर के माध्यम से अवार्डी अधिकारियों को दिया जाएगा। इस पुरस्कार में ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र तथा जिले को 10 लाख रुपये का रिवार्ड दिया जाएगा, जिसे कलेक्टर द्वारा लोक कल्याण संबंधी कार्यों में अथवा स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित कार्यों में व्यय किया जा सकेगा।
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2006 में शुरू हुई थी योजना
विदित है कि लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2006 में केन्द्र सरकार द्वारा योजना के रूप में प्रारंभ की गई थी, जिसमें सम्पूर्ण देश में विभिन्न जिलों अथवा केन्द्र/राज्य सरकार के संगठनों द्वारा किए गए असाधारण एवं अभिनव कार्यों को पुरस्कृत किया जाता है। राज्य शासन की विभिन्न स्कीम जिसमें स्वच्छ भारत मिशन भी शामिल है, को भी केन्द्र सरकार द्वारा मिशन मोड में लागू किया गया था। इसमें विभिन्न कार्यों के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता विभिन्न विभागों की योजनाओं का समावेश एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग भी प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार लोक प्रशासन के क्षेत्र में दिए जाने के पूर्व मापदण्डों के रूप में देखा जाता है। किसी भी मिशन मोड के कार्यक्रम जैसे स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन करने में प्लानिंग, उसका क्रियान्वयन, विभिन्न संसाधनों की उपलब्धता तथा कम्यूनिटी/समाज की उसमें सहभागिता तथा सहयोग आवश्यक भाग रहते हैं तथा इन सभी मापदण्डों को अवार्ड के आंकलन में देखा जाता है।
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कलेक्टर मनीष सिंह ने यह पुरस्कार इंदौर के सफाईकर्मियों और नागरिकों को समर्पित किया है। कलेक्टर ने कहा कि यह अवार्ड स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ सफाईकर्मियों, इंदौर के समस्त नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और परिश्रम के कारण इंदौर को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और सफाईकर्मियों की सक्रिय सहभागिता देशभर में उदाहरण बन चुकी है।
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उल्लेखनीय है कि यह अवार्ड टीम इंदौर को स्वच्छता के क्षेत्र में सफल तरीके से जनभागीदारी करते हुए उसे जन आंदोलन बनाने के लिए दिया जा रहा है। वर्ष 2020 हेतु यह अवार्ड केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य के रेसीडेंट कमिश्नर के माध्यम से अवार्डी अधिकारियों को दिया जाएगा। इस पुरस्कार में ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र तथा जिले को 10 लाख रुपये का रिवार्ड दिया जाएगा, जिसे कलेक्टर द्वारा लोक कल्याण संबंधी कार्यों में अथवा स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित कार्यों में व्यय किया जा सकेगा।
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2006 में शुरू हुई थी योजना
विदित है कि लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2006 में केन्द्र सरकार द्वारा योजना के रूप में प्रारंभ की गई थी, जिसमें सम्पूर्ण देश में विभिन्न जिलों अथवा केन्द्र/राज्य सरकार के संगठनों द्वारा किए गए असाधारण एवं अभिनव कार्यों को पुरस्कृत किया जाता है। राज्य शासन की विभिन्न स्कीम जिसमें स्वच्छ भारत मिशन भी शामिल है, को भी केन्द्र सरकार द्वारा मिशन मोड में लागू किया गया था। इसमें विभिन्न कार्यों के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता विभिन्न विभागों की योजनाओं का समावेश एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग भी प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार लोक प्रशासन के क्षेत्र में दिए जाने के पूर्व मापदण्डों के रूप में देखा जाता है। किसी भी मिशन मोड के कार्यक्रम जैसे स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन करने में प्लानिंग, उसका क्रियान्वयन, विभिन्न संसाधनों की उपलब्धता तथा कम्यूनिटी/समाज की उसमें सहभागिता तथा सहयोग आवश्यक भाग रहते हैं तथा इन सभी मापदण्डों को अवार्ड के आंकलन में देखा जाता है।
