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इंदौर: 50 से अधिक बोरिंग के पानी में मिले हानिकारक ई-कोलाई बैक्टीरिया, एनजीटी ने नगर निगम को दिए सख्त निर्देश

Sun, 08 Nov 2026 12:54 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 08 Nov 2026 12:54 PM IST
सार

इंदौर में 50 से अधिक निजी बोरिंग के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने पर एनजीटी ने स्वतः संज्ञान लिया है। अधिकरण ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रभावित बोरवेलों की जांच, पानी के शोधन और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।

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indore 50 private borewell water samples found e coli bacteria ngt strict directions
इंदौर में पानी के नमूने फेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 50 से अधिक निजी बोरिंग के पानी में हानिकारक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिलने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर नगर निगम, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को तत्काल जांच करने तथा दूषित पानी के उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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संस्थानों और हॉस्टलों के पानी में मिला बैक्टीरिया
जांच के दौरान इंदौर शहर के कई सरकारी अस्पतालों, निजी छात्रावासों, आवासीय कॉलोनियों और अन्य प्रमुख संस्थानों के बोरवेल पानी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया की उपस्थिति दर्ज की गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद नगर निगम प्रशासन ने संबंधित सभी प्रभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए और पानी को पीने के लिए पूर्णतः असुरक्षित घोषित कर दिया। नगर निगम की टीमों ने कुछ अति संवेदनशील स्थानों पर बोरिंग सील करने की कार्रवाई भी की है। इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच में हुई, जिसमें न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने विभागों को पानी के शोधन हेतु तुरंत कदम उठाने का आदेश दिया।
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भागीरथपुरा हादसे से जुड़ी मौतों के बाद चिंता
इंदौर शहर में पीने के पानी की शुद्धता का मामला पहले भी अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुका है। पूर्व में शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण 36 लोगों की असामयिक मौत हो गई थी। इस दुखद हादसे को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में पांच जनहित याचिकाओं पर निरंतर सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक सदस्य जांच आयोग ने इस मामले में 600 से अधिक पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर दी है।

हरित प्राधिकरण ने दिए जांच और इलाज के आदेश
भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद अब 50 से अधिक निजी बोरिंग के जल में बैक्टीरिया मिलने से नगर की शुद्धता तथा निगरानी व्यवस्था पर पुनः सवाल खड़े हो गए हैं। एनजीटी द्वारा मामले में हस्तक्षेप किए जाने के बाद अब इंदौर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रभावित बोरवेलों के पानी के शोधन के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने होंगे। संबंधित विभागों को जांच संपन्न कर अपनी रिपोर्ट अधिकरण के सामने पेश करनी होगी।
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