फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior: Injured female leopard found from Satau forest, brought to Gwalior zoo for treatment

ग्वालियर: सातऊ के जंगल से मिली घायल मादा तेंदुआ, इलाज के लिए ग्वालियर चिड़ियाघर लाए

Sun, 19 Dec 2021 02:40 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 19 Dec 2021 02:40 PM IST
सार

वन विभाग को सर्चिंग के दौरान एक घायल मादा तेंदुआ मिली। जिसके पैर में चोट थी। शिकारियों के ट्रेप से घायल होने की आशंका बताई जा रही है। उसे उपचार के लिए जंगल से चिड़ियाघर ग्वालियर लाया गया। ठीक होने पर उसे फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
 

विज्ञापन
Gwalior: Injured female leopard found from Satau forest, brought to Gwalior zoo for treatment
मादा तेंदुए को इलाज के लिए ग्वालियर लाया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन विभाग को सर्चिंग के दौरान एक घायल मादा तेंदुआ मिली। जिसके पैर में चोट थी। शिकारियों के ट्रेप से घायल होने की आशंका बताई जा रही है। उसे उपचार के लिए जंगल से चिड़ियाघर ग्वालियर लाया गया। ठीक होने पर उसे फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन


ग्वालियर में वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर इन दिनों वन्य प्राणियों की गणना की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को वन विभाग को सर्चिंग के दौरान एक घायल मादा तेंदुआ मिली। इस वयस्क मादा तेंदुए के पैर में गंभीर चोट थी जो ट्रेप फंदे से आई थी। सीधे तौर पर वह शिकारियों की ओर इशारा कर रही थी। वन विभाग की सर्चिंग टीम ने सूचना दी थी कि सातऊ के जंगल में छोड़ा वन चौकी के अंतर्गत घायल तेंदुआ मिला है। जिसके चलते गांधी प्राणी उद्यान चिड़ियाघर के डॉक्टर और वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचे और मादा तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया। उसे जंगल से चिड़ियाघर ग्वालियर लाए, जहां चिड़ियाघर के चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज शुरू किया गया है।
विज्ञापन

 
 

शिकारियों के जाल में फंसने से घायल होने की आशंका

Gwalior: Injured female leopard found from Satau forest, brought to Gwalior zoo for treatment
सातऊ के जंगल से मादा तेंदुए को पकड़ा गया - फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों की मानें तो मादा तेंदुए के पैर में जो चोट आई है वह शिकारियों द्वारा अमूमन लगाए जाने वाले लोहे की जाल से बने ट्रेप फंदे से आई है। ऐसे में घायल मादा तेंदुए का इलाज शुरू किया गया है। उम्मीद है कि आने वाले 4 से 5 दिनों में वह पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी। इसके बाद उसे परीक्षण के आधार पर जंगल में एक बार फिर छोड़ दिया जाएगा।
 
इस मामले पर रेंजर एचडी शर्मा का कहना है कि विभाग कभी भी किसी जानवर की मूल लोकेशन को सार्वजनिक नहीं करता है, क्योंकि ऐसा करने पर शिकारी एक्टिव हो जाते हैं। लिहाजा इस मामले में वन विभाग की टीम विभागीय स्तर पर इसकी जांच करेगी और दोषियों तक पहुंचने का भी प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed