MP News: उमरिया में हाथी महोत्सव का समापन, मालिश के साथ पसंदीदा व्यंजनों का उठाया लुफ्त
मध्यप्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आयोजित हाथी महोत्सव का समापन हो गया। समापन के दिन हाथियों की लिए कई तरह की व्यवस्था की गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की अनोखी पिकनिक हुई। जहां पर हाथियों को आराम के अलावा खाना-पीना और नहलाने के साथ मालिश की भी व्यवस्था की गई थी। उसके साथ विशेषज्ञों द्वारा हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाया गया। हाथी महोत्सव 27 अगस्त से शुरू होकर दो सितंबर को समाप्त होता है।
बता दें कि हाथियों की सात दिन की पिकनिक में उन्हें पूरी तरह आराम दिया गया और किसी भी तरह का काम नहीं लिया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 14 हाथियों की टीम है, जो जंगलों की सुरक्षा के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशनो में मदद करती है और बुजुर्ग से लेकर हाथियों के बच्चे भी हैं। इसमें आठ नर हाथी और छह मादा हाथी हैं, इनमें से कुछ हाथियों को रेस्क्यू करके बांधवगढ़ लाया गया और उन्हें विभागीय कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया। जिन्हें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन प्रशिक्षित भी कर रहा है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सबसे बुजुर्ग गौतम 76 साल का है तो 10 महीने की गायत्री ने भी सबका मन मोह रखा है। हाथी के बच्चों को प्रबंधन लगातार प्रशिक्षित कर रहा है, जो कि भविष्य में प्रबंधन का सहयोग करेंगे।
हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी महोत्सव में हाथियों का विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है, जिसमें हाथियों के रक्त नमूने, फीकल नमूने और मूत्र नमूने सहित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है।
सात दिन की पिकनिक
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों के लिए सात दिन की पिकनिक के लिए हाथी महोत्सव नाम दिया गया है, जहां पर की हाथी आराम फरमाते हैं और मनपसंद व्यंजनों का लुफ्त उठाते हैं। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। महोत्सव में ग्रामीण सहित पूरे जिले और आसपास के लोग पहुंचते हैं। सभी लोग हाथियों को अपने हाथ से फल खिलाते हैं और इसकी हाथियों की जमकर फोटोशूट भी किया जाता है साथ ही उनके वीडियो भी वायरल होते हैं और सेल्फी भी ली जाती है।
बांधवगढ़ के हाथियों की टीम
- गौतम (नर) 76 साल
- अनारकली (मादा) 58 साल
- काजल (मादा) 44 साल
- श्याम (नर) 39 साल
- रामा (नर) 36 साल
- सुंदरगज (नर) 35 साल
- लक्ष्मण (नर) 25 साल
- अष्टम (नर) 20 साल
- बांधवीय (मादा) 11 साल
- सूर्या (नर) 10 साल
- पूनम (मादा) 9 साल
- गणेश (नर) 7 साल
- लक्ष्मी (मादा) 4 साल
- गायत्री (मादा) 10 महीने
