{"_id":"66b581ae0eea1548be02efae","slug":"damoh-risking-their-lives-school-students-crossed-the-submerged-bridge-due-to-rain-damoh-news-c-1-1-noi1223-1978377-2024-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh News: जान जोखिम में डालकर पानी में डूबे पुल को पार कर निकले स्कूली छात्र, बारिश में बनी समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh News: जान जोखिम में डालकर पानी में डूबे पुल को पार कर निकले स्कूली छात्र, बारिश में बनी समस्या
Fri, 09 Aug 2024 09:47 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 09:47 AM IST
सार
ग्रामीणों ने बताया कि अचानक से नाला का जलस्तर बड़ा और पुल के ऊपर पानी आ गया। बारिश में हालात यह होते हैं सुबह गांव से निकला व्यक्ति शाम को घर लौटता है तो नाले के ऊपर से पानी बह रहा होता है।
विज्ञापन
पुल से निकलते छात्र
विस्तार
दमोह जिले के जबेरा तहसील के विजय सागर गांव में गुरुवार शाम स्कूली छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार कर घर पहुंचे। यह जंगली नाला दोपहर में हुई बारिश के बाद उफान पर आ गया था, जिससे नाले का पुल डूब गया। स्थानीय लोगों और छात्र ने तीन फीट पानी में गुजरते हुए पुल पार किया। जिसका विडियो बनाकर प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत भी कराया।
जानकारी के अनुसार यह जंगली एक नाला है, जिस पर बने पुल की ऊंचाई बहुत कम है। गांव में भले ही बारिश न हो, लेकिन जंगल में बारिश हो जाए तो भी पुल डूब जाता है। सुबह स्कूल गए बच्चों को शाम को लौटते वक्त नाला उफान पर मिला। क्योंकि, गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने बाला केवल एक ही रास्ता है, जिस पर पड़ने वाला जंगली नाले का पुल कब डूब जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। सुबह दस बजे गांव के छात्र स्कूल गए थे तो पुल के नीचे से पानी बह रहा था, लेकिन शाम को स्कूल की छुट्टी के बाद घर वापस आ रहे थे तो पुल के तीन फीट ऊपर पानी बह रहा था। ऐसे में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर पुल को पार किया।
सरपंच राहुल यादव, नरेंद्र सिंह ठाकुर हरिराम यादव ने बताया कि अचानक से नाला का जलस्तर बड़ा और पुल के ऊपर पानी आ गया। बच्चों के घुटनों तक नाला का पानी चल रहा था। बारिश में हालात यह होते हैं कि सुबह गांव से निकला व्यक्ति शाम को घर लौटता है तो नाले के पुल के ऊपर से पानी बहता मिलता है। लंबे समय से ग्रामीण पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिसके चलते स्कूली छात्रों के साथ-साथ गांव वाले भी जान जोखिम में डाल इस पुल को पार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार यह जंगली एक नाला है, जिस पर बने पुल की ऊंचाई बहुत कम है। गांव में भले ही बारिश न हो, लेकिन जंगल में बारिश हो जाए तो भी पुल डूब जाता है। सुबह स्कूल गए बच्चों को शाम को लौटते वक्त नाला उफान पर मिला। क्योंकि, गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने बाला केवल एक ही रास्ता है, जिस पर पड़ने वाला जंगली नाले का पुल कब डूब जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। सुबह दस बजे गांव के छात्र स्कूल गए थे तो पुल के नीचे से पानी बह रहा था, लेकिन शाम को स्कूल की छुट्टी के बाद घर वापस आ रहे थे तो पुल के तीन फीट ऊपर पानी बह रहा था। ऐसे में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर पुल को पार किया।
विज्ञापन
सरपंच राहुल यादव, नरेंद्र सिंह ठाकुर हरिराम यादव ने बताया कि अचानक से नाला का जलस्तर बड़ा और पुल के ऊपर पानी आ गया। बच्चों के घुटनों तक नाला का पानी चल रहा था। बारिश में हालात यह होते हैं कि सुबह गांव से निकला व्यक्ति शाम को घर लौटता है तो नाले के पुल के ऊपर से पानी बहता मिलता है। लंबे समय से ग्रामीण पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग प्रशासन से कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिसके चलते स्कूली छात्रों के साथ-साथ गांव वाले भी जान जोखिम में डाल इस पुल को पार करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन
