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भोपाल में सीलिंग के खिलाफ टॉर्च मार्च: रहवासियों का आरोप- भूमाफियाओं पर मेहरबानी, छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई

Sat, 22 Aug 2026 08:01 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 22 Aug 2026 08:01 PM IST
सार

भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने शनिवार को सेवाय, गुलमोहर, त्रिलंगा और भरत नगर क्षेत्र में टॉर्च लाइट मार्च निकाला।

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Torchlight march in Bhopal against sealing drive: Residents allege leniency towards land mafias but action aga
रहवासियों का टॉर्च लाइट मार्च - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण और भू-उपयोग के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भोपाल में रहवासियों का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के आह्वान पर सेवाय, गुलमोहर, त्रिलंगा और भरत नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में रहवासी और शहर के प्रबुद्ध नागरिक जुटे। उन्होंने नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में टॉर्च लाइट मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई में समानता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि बड़े और रसूखदार लोगों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से निगम पीछे हट रहा है, जबकि छोटे व्यापारियों को नोटिस देकर दबाव बनाया जा रहा है। समिति ने सवाल उठाया कि जब आवासीय भू-उपयोग में संचालित अवैध संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश हैं, तो अब तक केवल सर्वे और नोटिस तक कार्रवाई क्यों सीमित है।
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सर्वे हो चुका तो दोबारा सर्वे क्यों?
समिति के सदस्यों ने कहा कि नगर निगम पहले ही आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे करा चुका है। हजारों अवैध निर्माण सामने आने और इसकी जानकारी न्यायालय के समक्ष रखे जाने के बावजूद दोबारा सर्वे कराने पर सवाल उठ रहे हैं। रहवासियों का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है। समिति ने कहा कि कई बड़े मॉल और शोरूम ने 1 अगस्त को अपने संस्थान बंद कर बाहर निगम के आदेश से बंद होने के पोस्टर लगाए थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी है।
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आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक की मांग
संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की है। समिति का कहना है कि आवासीय कॉलोनियों का मूल स्वरूप बचाने के लिए इन क्षेत्रों में पब, बार, होटल, मॉल, चाय-सिगरेट केंद्र, शोरूम, छात्रावास और शराब दुकानों जैसी व्यावसायिक गतिविधियों पर स्पष्ट रोक होनी चाहिए। रहवासियों ने आरोप लगाया कि अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के कारण आवासीय कॉलोनियों में यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
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भोपाल को भूमाफियाओं से बचाने का संकल्प
याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने टॉर्च मार्च को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भोपाल को अवैध निर्माण और भूमाफियाओं से बचाने का नागरिक अभियान बताया। रहवासियों ने कहा कि शहर के बड़े तालाब, छोटे तालाब, कलियासोत बांध, केरवा, चंदनपुरा और गोरा बिसनखेड़ा जैसे क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं। अब आवासीय क्षेत्रों के स्वरूप को भी प्रभावित किया जा रहा है, जिसे नागरिक स्वीकार नहीं करेंगे। समिति ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की कि आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध भू-उपयोग के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्माणाधीन भवनों की भी जांच कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।


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कई आवासीय समितियां अभियान में शामिल
अरेरा कॉलोनी के रहवासियों से शुरू हुई इस मुहिम को अब शहर की कई आवासीय समितियों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। गौतम नगर, विकास कुंज, कोलार रोड, नेहरू नगर, प्रियदर्शनी, रोहित नगर, रचना, बावड़िया, साकेत नगर, भेल, कोटरा, लालघाटी, शक्तिनगर, शाहपुरा, गुलमोहर, डीके कॉटेज, ग्रीन सिटी और श्रीराम शरणम सोसाइटी सहित कई क्षेत्रों के नागरिकों के संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति से जुड़ने की बात कही गई है। समिति ने कहा कि यह अभियान एक दिन का आंदोलन नहीं है। जरूरत पड़ने पर भोपाल के दूसरे आवासीय क्षेत्रों के नागरिकों को भी जोड़कर इसे व्यापक 'भोपाल बचाओ अभियान' बनाया जाएगा।
 
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