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पढ़ाई छोड़ सड़क पर उतरे विद्यार्थी: शिक्षिका पर लगाए मारपीट-धमकी के आरोप,3 घंटे प्रदर्शन के बाद विभाग ने हटाया

Mon, 05 Oct 2026 12:50 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 05 Oct 2026 12:50 PM IST
सार

मिसरोद के सरकारी स्कूल में शिक्षिका पर मारपीट, फेल करने की धमकी और आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राएं तीन घंटे सड़क पर प्रदर्शन करते रहे। छात्रों के विरोध के बीच शिक्षा विभाग ने बबिता कुशवाहा को स्कूल से हटाकर दूसरी शिक्षिका को शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंप दी, लेकिन विद्यार्थी निलंबन की मांग पर अड़े हैं।

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Students abandon studies to take to the streets: Allegations of assault and intimidation against teacher; depa
विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मिसरोद के शासकीय नवीन हायर सेकंडरी स्कूल में सोमवार को छात्र-छात्राओं का गुस्सा सड़क पर नजर आया। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षिका बबिता कुशवाहा के खिलाफ सुबह 9 बजे से स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उनसे पढ़ाई के बजाय सफाई और दूसरे काम कराए जाते हैं, विरोध करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है और मारपीट भी की जाती है। विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर छात्राओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप भी लगाए। उनका कहना था कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। छात्र-छात्राएं शिक्षिका के निलंबन की मांग पर अड़े रहे।
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पढ़ने आते हैं, कर्मचारी बनने नहीं
विद्यार्थियों ने प्राचार्य को सामूहिक शिकायत देकर आरोप लगाया कि परीक्षा और अन्य गतिविधियों के दौरान उनसे बेंच जमाने, सफाई कराने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते हैं। लैब की सफाई कराने का भी दावा किया गया। छात्रों का कहना है कि काम करने से मना करने पर उन्हें फेल करने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि वे स्कूल में पढ़ने आते हैं, कर्मचारियों की तरह काम करने नहीं। विद्यार्थियों ने रविवार को भी परीक्षा के लिए बुलाए जाने का दावा किया है।
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सीनियर छात्रों को पाइप से पीटने का आरोप
छात्रों ने शिकायत में दावा किया कि उनके सामने सीनियर छात्रों की लोहे के पाइप से पिटाई की गई। प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्राओं ने भी हाथ-पैर में पाइप से मारने का आरोप लगाया। एक छात्रा ने दावा किया कि सवाल का जवाब देर से देने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
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विज्ञान के छात्रों से 2500 रुपए मांगने का आरोप
विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट के नाम पर विज्ञान विषय लेने वाले छात्रों से हर महीने 2500 रुपये मांगने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि पैसे के दबाव में कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय तक छोड़ दिया। छात्रों ने शिक्षिका के साथ बातचीत का एक ऑडियो भी सौंपा है। उनके मुताबिक इसमें परीक्षा परिणाम, पास-फेल और पैसे खर्च होने जैसी बातें हैं। हालांकि ऑडियो की आवाज और बातचीत के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गुस्से में वॉशरूम का गेट और सीसीटीवी तोड़ा
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गुस्सा भी सामने आया। विद्यार्थियों ने स्कूल के वॉशरूम का गेट और सीसीटीवी तोड़ दिया। जिला शिक्षा अधिकारी और मिसरोद थाने के प्रभारी ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
छात्रों का कहना था कि मामला 12वीं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ा है, इसलिए वे शिक्षिका के साथ पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहते।

प्रदर्शन के बीच विभाग ने शिक्षिका को स्कूल से हटाया
छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच शिक्षा विभाग ने बबिता कुशवाहा को मिसरोद स्कूल से हटा दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें राज्य स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बरखेड़ा में पदस्थ रहीं रेणुका श्रीवास्तव को मिसरोद स्कूल में शैक्षणिक कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों आदेश 5 अक्टूबर से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। हालांकि शिक्षिका को स्कूल से हटाए जाने के बावजूद छात्र निलंबन की मांग पर कायम हैं।

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शिक्षिका बोलीं- आरोप गलत, रिजल्ट बेहतर करने के लिए सख्ती
बबिता कुशवाहा ने विद्यार्थियों के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि वे लंबे समय से पढ़ा रही हैं और भौतिक विज्ञान में बेहतर परिणाम के लिए विद्यार्थियों पर सख्ती करती हैं। उन्होंने पैसे लेकर पास कराने या फेल करने, विद्यार्थियों से सफाई कराने और 2500 रुपये मांगने के आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि प्रायोगिक कार्य के दौरान उपकरण व्यवस्थित करना और साफ करना पढ़ाई की प्रक्रिया का हिस्सा है। कुशवाहा ने शिकायत में कुछ विद्यार्थियों के हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा भी किया है।
उन्होंने बताया कि प्राचार्य का नोटिस मिला है और वे उसका जवाब देंगी।

अब जांच में आरोपों की होगी पड़ताल
फिलहाल विभाग ने छात्रों के प्रदर्शन के बीच शिक्षिका को स्कूल से हटाकर दूसरी शिक्षिका को शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंप दी है। छात्रों की ओर से लगाए गए मारपीट, धमकी, पैसे मांगने और आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
 
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