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महाकाल लोक की तर्ज पर अब ओरछा की बारी! रामराजा लोक से बदलेगी श्रीराम राजा की नगरी की तस्वीर
Mon, 31 Aug 2026 05:57 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:57 PM IST
सार
ओरछा को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रामराजा लोक समेत ऐतिहासिक महलों का निरीक्षण कर विरासत को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
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सीएम मोहन ओरछा में पुरानी धरोहरों का निरीक्षण करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीराम राजा की नगरी ओरछा को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को निर्माणाधीन रामराजा लोक, जुझार सिंह महल और जहांगीर महल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और काम समय पर पूरा करने के साथ पुरानी धरोहरों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की सदियों पुरानी स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। यहां के मंदिर, महल और भवन उस दौर की निर्माण कला की पहचान हैं। इन धरोहरों को उसी पुराने स्वरूप में सहेजने की कोशिश की जा रही है।
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पुरानी तकनीक का भी रखा जा रहा ध्यान
रामराजा लोक के निरीक्षण के दौरान सावन-भादो के ऐतिहासिक स्तंभों के संरक्षण की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नए निर्माण के दौरान इन प्राचीन संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आसपास के क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी हो और पुरानी धरोहर भी नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेला राजाओं के समय ओरछा बुंदेलखंड की राजधानी रहा है। यहां के महल और भवन उस दौर की समृद्धि की कहानी बताते हैं। इनके जीर्णोद्धार में उसी तरह की सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसी उस समय होती थी। इसके लिए पारंपरिक कला में माहिर कारीगरों की मदद ली जा रही है।
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रामराजा लोक से बढ़ेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार में बड़ा बदलाव आया है। इसी तरह ओरछा में रामराजा लोक बनने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ओरछा के साथ चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा और मंदसौर के पशुपतिनाथ सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
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चित्रकूट और उज्जैन भी योजना में
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने वनवास का लंबा समय चित्रकूट में बिताया था। इसी तरह उज्जैन का सांदीपनि आश्रम भगवान कृष्ण की शिक्षा से जुड़ा है। भगवान कृष्ण से जुड़े दूसरे स्थानों को भी धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर लाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ नए निर्माण करना नहीं, बल्कि पुरानी विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को उससे जोड़ना है। रामराजा लोक इसी सोच का हिस्सा है। आने वाले समय में ओरछा को देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल करने की तैयारी है।
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पुरानी तकनीक का भी रखा जा रहा ध्यान
रामराजा लोक के निरीक्षण के दौरान सावन-भादो के ऐतिहासिक स्तंभों के संरक्षण की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नए निर्माण के दौरान इन प्राचीन संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आसपास के क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी हो और पुरानी धरोहर भी नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेला राजाओं के समय ओरछा बुंदेलखंड की राजधानी रहा है। यहां के महल और भवन उस दौर की समृद्धि की कहानी बताते हैं। इनके जीर्णोद्धार में उसी तरह की सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसी उस समय होती थी। इसके लिए पारंपरिक कला में माहिर कारीगरों की मदद ली जा रही है।
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रामराजा लोक से बढ़ेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार में बड़ा बदलाव आया है। इसी तरह ओरछा में रामराजा लोक बनने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ओरछा के साथ चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा और मंदसौर के पशुपतिनाथ सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
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चित्रकूट और उज्जैन भी योजना में
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने वनवास का लंबा समय चित्रकूट में बिताया था। इसी तरह उज्जैन का सांदीपनि आश्रम भगवान कृष्ण की शिक्षा से जुड़ा है। भगवान कृष्ण से जुड़े दूसरे स्थानों को भी धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर लाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ नए निर्माण करना नहीं, बल्कि पुरानी विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को उससे जोड़ना है। रामराजा लोक इसी सोच का हिस्सा है। आने वाले समय में ओरछा को देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल करने की तैयारी है।
