एमपी: फेसबुक फ्रेंड के प्यार में बेटी संग भारत आई जर्मन महिला, वीजा खत्म हुआ तो फंसी; भोपाल में पनाह
जर्मन महिला जेसिका 10 साल पुरानी फेसबुक दोस्ती के चलते बेटी संग भारत आई थी। 180 दिनों का टूरिस्ट वीजा खत्म होने और पैसे नहीं होने पर वह वापस नहीं लौट सकी। भोपाल गौरवी सेंटर में मां-बेटी को रखा गया है।
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सोशल मीडिया की दोस्ती के चलते सात समंदर पार से भारत आई एक जर्मन महिला की प्रेम कहानी अब प्रशासनिक कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तक पहुंच गई है। करीब 10 साल पुरानी फेसबुक दोस्ती के चलते अपनी छोटी बेटी के साथ भारत पहुंची जर्मन नागरिक जेसिका का टूरिस्ट वीजा खत्म हो चुका है। जेब में पैसे नहीं होने के कारण वह स्वदेश लौटने में असमर्थ है। फिलहाल विदेशी महिला और उसकी बेटी को भोपाल के गौरवी सेंटर में रखा गया है। पुलिस प्रशासन दोनों को वापस जर्मनी भेजने की कानूनी प्रक्रिया में जुटा है।
पुलिस के अनुसार, जर्मन महिला जेसिका की करीब एक दशक पहले जबलपुर निवासी युवक से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और महिला ने पूर्व में युवक को जर्मनी भी बुलाया था। पिछले साल सितंबर में जेसिका अपनी बेटी के साथ 180 दिनों के टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। भारत प्रवास के दौरान जबलपुर का युवक दोनों मां-बेटी को कई जगहों पर घुमाता रहा।
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हालांकि, वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद महिला के पास वापस लौटने के लिए पैसे नहीं बचे। इसके चलते वह भारत में ही रुक गई। बिना वैध दस्तावेजों के रहने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
भोपाल महिला थाना पुलिस ने मामले में जबलपुर के युवक को तलब कर पूछताछ की है। सुरक्षा और देखभाल के मद्देनजर मां-बेटी को भोपाल स्थित गौरवी सेंटर में रखा गया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार के अनुसार, जर्मन दूतावास और मुंबई स्थित संबंधित विभागों से पत्राचार किया गया है। प्राथमिकता महिला का वीजा एक्सटेंशन कराकर टिकट की व्यवस्था करना और उसे उसकी बेटी के साथ सुरक्षित जर्मनी भेजना है। पुलिस प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि विदेशी नागरिक के भारत आने का वास्तविक उद्देश्य क्या था और जबलपुर के युवक के साथ उसके संबंधों की प्रकृति क्या है।
