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MP News: प्रदेश में हरियाली बढ़ाने दो माह चलेगा पौधरोपण, सरकार 1.75 करोड़ छायादार और औषधीय पौधे लगाएगी
Fri, 14 Jun 2024 07:55 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 14 Jun 2024 07:55 PM IST
सार
सरकार ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग से सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। वर्षाकाल में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मध्य प्रदेश में 15 जुलाई से पौधरोपण अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पौधरोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इस उद्देश्य से नगरीय क्षेत्र में पूरे दो माह पौधरोपण अभियान चलेगा। शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ 75 लाख पौधों को रोपा जाएगा। सरकार ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग से सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। वर्षाकाल में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम इंदौर एवं भोपाल में 15-15 लाख, नगर निगम ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में 10-10 लाख और शेष 11 नगर निगम में 5-5 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इसी प्रकार एक लाख एवं इससे अधिक जनसंख्या की 17 नगर पालिकाओं में एक-एक लाख, एक लाख से कम जनसंख्या की 82 नगर पालिका में 15-15 हजार और 298 नगर परिषद में 10-10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। नगरीय निकायों द्वारा पौधरोपण का कार्य नगरीय निकाय की स्वयं की हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि, अन्य शासकीय भूमि तथा निजी कॉलोनियों में हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि में किया जाएगा। निजी कॉलोनियों में पौधरोपण जन-सहयोग से होगा। निकाय द्वारा पौधों की आपूर्ति नगरीय निकाय एवं वन विभाग की नर्सरी तथा स्थानीय रूप से उपलब्ध पौधों से की जाएगी।
अभियान में छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का चयन करने को कहा गया है। सजावटी एवं हेज प्लांट का उपयोग नहीं होगा। निकायों द्वारा किए जाने वाले पौधरोपण की सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को भी कहा गया है। निश्चित अंतराल एवं आवश्यकतानुसार पानी देने की व्यवस्था के भी निर्देश हैं। पौधों की निगरानी एवं रख-रखाव में निकाय द्वारा गैर सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों से सहयोग लेने की अपेक्षा की गई है।
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पौधरोपण कार्य वन, उद्यानिकी तथा नगरीय निकाय के स्वयं की उद्यानिकी शाखा के तकनीकी मार्ग दर्शन में किया जाएगा। अभियान में स्मृति वन, नक्षत्र वन, संस्कृति वन विकसित करने को प्रोत्साहित करने को कहा गया है। निकायों द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा साइंटिफिक लैंडफिल परिसर में पौधरोपण का कार्य अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। साथ ही जन-अभियान परिषद, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्व-सहायता समूह, एनएसएस, एससीसी तथा स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत हरित क्षेत्रों का विकास कार्य प्रचलित है। पौधरोपण अभियान में वित्तीय व्यवस्था अमृत 2.0 योजना अंतर्गत उपलब्ध राशि, नगरीय निकाय में उपलब्ध स्वयं के स्त्रोत से तथा जन-सहयोग से की जाएगी। इसके अलावा भी प्रति वर्ष नगरीय निकायों द्वारा वर्षाकाल में पौधरोपण का कार्य किया जाता है।
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नगर निगम इंदौर एवं भोपाल में 15-15 लाख, नगर निगम ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में 10-10 लाख और शेष 11 नगर निगम में 5-5 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इसी प्रकार एक लाख एवं इससे अधिक जनसंख्या की 17 नगर पालिकाओं में एक-एक लाख, एक लाख से कम जनसंख्या की 82 नगर पालिका में 15-15 हजार और 298 नगर परिषद में 10-10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। नगरीय निकायों द्वारा पौधरोपण का कार्य नगरीय निकाय की स्वयं की हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि, अन्य शासकीय भूमि तथा निजी कॉलोनियों में हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि में किया जाएगा। निजी कॉलोनियों में पौधरोपण जन-सहयोग से होगा। निकाय द्वारा पौधों की आपूर्ति नगरीय निकाय एवं वन विभाग की नर्सरी तथा स्थानीय रूप से उपलब्ध पौधों से की जाएगी।
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अभियान में छायादार और औषधीय प्रजाति के पौधों का चयन करने को कहा गया है। सजावटी एवं हेज प्लांट का उपयोग नहीं होगा। निकायों द्वारा किए जाने वाले पौधरोपण की सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को भी कहा गया है। निश्चित अंतराल एवं आवश्यकतानुसार पानी देने की व्यवस्था के भी निर्देश हैं। पौधों की निगरानी एवं रख-रखाव में निकाय द्वारा गैर सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों से सहयोग लेने की अपेक्षा की गई है।
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पौधरोपण कार्य वन, उद्यानिकी तथा नगरीय निकाय के स्वयं की उद्यानिकी शाखा के तकनीकी मार्ग दर्शन में किया जाएगा। अभियान में स्मृति वन, नक्षत्र वन, संस्कृति वन विकसित करने को प्रोत्साहित करने को कहा गया है। निकायों द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा साइंटिफिक लैंडफिल परिसर में पौधरोपण का कार्य अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। साथ ही जन-अभियान परिषद, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्व-सहायता समूह, एनएसएस, एससीसी तथा स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में नगरीय निकायों में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत हरित क्षेत्रों का विकास कार्य प्रचलित है। पौधरोपण अभियान में वित्तीय व्यवस्था अमृत 2.0 योजना अंतर्गत उपलब्ध राशि, नगरीय निकाय में उपलब्ध स्वयं के स्त्रोत से तथा जन-सहयोग से की जाएगी। इसके अलावा भी प्रति वर्ष नगरीय निकायों द्वारा वर्षाकाल में पौधरोपण का कार्य किया जाता है।
