{"_id":"6a94f2bb87e00cb2290e1bb6","slug":"major-sealing-drive-begins-in-bhopal-today-following-8-264-notices-establishments-will-now-be-shut-down-dire-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल में आज से सीलिंग का बड़ा एक्शन: 8264 नोटिस के बाद अब सीधे प्रतिष्ठान होंगे बंद,पुलिस बल के साथ कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल में आज से सीलिंग का बड़ा एक्शन: 8264 नोटिस के बाद अब सीधे प्रतिष्ठान होंगे बंद,पुलिस बल के साथ कार्रवाई
Mon, 31 Aug 2026 08:55 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 31 Aug 2026 08:55 AM IST
सार
8264 नोटिस के बाद अब भोपाल में सीलिंग का चरण शुरू हो रहा है। आज पुलिस बल के साथ कई जगह कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 15 सितंबर की अगली सुनवाई से पहले नगर निगम कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
विज्ञापन
सीलिंग कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी में रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक कारोबार पर अब नगर निगम का शिकंजा कसने जा रहा है। नोटिस और जांच के चरण के बाद सोमवार से सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी। निगम की टीमें पुलिस बल के साथ छह स्थानों पर पहुंचेंगी और नियमों के खिलाफ संचालित प्रतिष्ठानों को बंद किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान विरोध या हंगामे की आशंका को देखते हुए संबंधित थानों का बल भी तैनात रहेगा। नगर निगम ने 26 अगस्त तक 8264 नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों के परीक्षण के बाद अब कार्रवाई का चरण शुरू किया जा रहा है। इससे पहले वार्ड-58 के गौतम नगर स्थित एक आवासीय भवन में संचालित होटल को सील किया जा चुका है। रविवार को संबंधित प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के नोटिस चस्पा किए गए।
आज छह जगह पहुंचेगी निगम की टीम
सीलिंग कार्रवाई के दौरान मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों से पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। निगम ने सोमवार को छह स्थानों पर कार्रवाई की तैयारी की है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
रहवासी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम की कार्रवाई तेज हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है। इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है।
विज्ञापन
रहवासी इलाकों में कारोबार पर क्यों है विरोध?
रहवासी क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण सड़कों पर भीड़ और शोर बढ़ रहा है। सार्वजनिक शांति प्रभावित हो रही है। असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ी है।
नोटिस के बाद कारोबारियों में बढ़ी चिंता
सीलिंग की कार्रवाई की खबर से उन कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है, जो रहवासी भवनों में दुकान या अन्य व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई क्षेत्रों में कारोबारी अब वैध व्यावसायिक स्थान तलाशने में जुटे हैं। नए सर्वे में केवल व्यावसायिक उपयोग ही नहीं, बल्कि भवन से जुड़े अन्य उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। नगर नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर स्पष्ट मास्टर प्लान और आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों का उचित निर्धारण होता तो मौजूदा विवाद की स्थिति नहीं बनती।
यह भी पढ़ें-पूर्वी एमपी में फिर आफत की बारिश: आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, डैमों के गेट खुले, बाढ़ का खतरा बरकरार
अब मुख्य सड़कों से लेकर नदी-तालाब किनारे तक निगरानी
नगर निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, हरित पट्टी, बफर जोन और जलग्रहण क्षेत्र में बने भवनों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। अवैध मैरिज गार्डन पर भी नोटिस की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आज छह जगह पहुंचेगी निगम की टीम
सीलिंग कार्रवाई के दौरान मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों से पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। निगम ने सोमवार को छह स्थानों पर कार्रवाई की तैयारी की है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
रहवासी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम की कार्रवाई तेज हुई है। अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है। इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है।
विज्ञापन
रहवासी इलाकों में कारोबार पर क्यों है विरोध?
रहवासी क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण सड़कों पर भीड़ और शोर बढ़ रहा है। सार्वजनिक शांति प्रभावित हो रही है। असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ी है।
नोटिस के बाद कारोबारियों में बढ़ी चिंता
सीलिंग की कार्रवाई की खबर से उन कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है, जो रहवासी भवनों में दुकान या अन्य व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई क्षेत्रों में कारोबारी अब वैध व्यावसायिक स्थान तलाशने में जुटे हैं। नए सर्वे में केवल व्यावसायिक उपयोग ही नहीं, बल्कि भवन से जुड़े अन्य उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। नगर नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर स्पष्ट मास्टर प्लान और आवासीय-व्यावसायिक क्षेत्रों का उचित निर्धारण होता तो मौजूदा विवाद की स्थिति नहीं बनती।
यह भी पढ़ें-पूर्वी एमपी में फिर आफत की बारिश: आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, डैमों के गेट खुले, बाढ़ का खतरा बरकरार
अब मुख्य सड़कों से लेकर नदी-तालाब किनारे तक निगरानी
नगर निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू किया है। नदी-तालाब किनारे, हरित पट्टी, बफर जोन और जलग्रहण क्षेत्र में बने भवनों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। अवैध मैरिज गार्डन पर भी नोटिस की कार्रवाई की जाएगी।
