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सरकारी मकान कब्जाए रखना पड़ेगा महंगा: तबादले के बाद खाली नहीं किया तो 10 गुना किराया और 30 प्रतिशत अधिभार
Tue, 28 Oct 2025 09:17 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 28 Oct 2025 09:17 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें अब सरकारी मकान कब्जाए रखने वालों पर सख्ती करेगी। तबादला या रिटायरमेंट के बाद 3 महीने में मकान न खाली करने पर 10 गुना किराए पर 30% अतिरिक्त जुर्माना लगेगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। इसमें प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम-जनमन) अंतर्गत प्रदेश में पीवीटीजी समूहों भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के घरों के विद्युतीकरण के लिए विद्युत वितरण कंपनियों की अतिरिक्त कार्य योजना (द्वितीय चरण) का अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अलावा सबसे अहम फैसला सरकारी मकान खाली नहीं करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों को लेकर किया गया। अब तबादले के बाद तय समय सीमा में सरकारी आवास खाली नहीं करने पर 10 गुना किराया और 30 फीसदी अधिभार देना पड़ेगा।
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कैबिनेट ने अब राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में सरकारी आवासों पर अनधिकृत कब्जा बनाए रखने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर अब सख्ती का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने आवास किराया नीति में संशोधन करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। मौजूदा नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को तबादले या सेवानिवृत्ति के बाद तीन माह के भीतर सरकारी मकान खाली करना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उनसे मौजूदा किराए का 10 गुना वसूला जाएगा। अभी सरकारी मकानों का मूल किराया बहुत कम होने से 10 गुना राशि भी बाजार दर के मुकाबले काफी कम पड़ती है, जिसके कारण कई लोग मकान खाली करने से बचते रहते हैं। अब तीन माह बाद सरकार ने इस 10 गुना किराए पर अतिरिक्त 30 प्रतिशत अधिभार लगाने का प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें प्रतिमाह 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
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24 जिलों में मिलेगा पीएम जनमन का लाभ
कैबिनेट ने पीएम जनमन योजना में प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के बिजली रहित घरों के विद्युतीकरण के लिए बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर दो लाख रुपये प्रति हाउस होल्ड करने की स्वीकृति दी। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जाएगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवॉट क्षमता का ऑफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जाएगा। ऑफ ग्रिड प्रणाली से 211 घरों का विद्युतीकरण किया जाएगा। बता दें, पीएम जनमन के अंतर्गत प्रदेश में जनजाति तथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। कैबिनेट 11 मार्च, 2024 को संपन्न बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किए जा चुके हैं।
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बड़ी बिजली लाइनें बिछाने की क्षतिपूर्ति राशि 200 फीसदी मिलेगी
कैबिनेट ने अति उच्च दाब पारेषण 132 केवी और उससे बड़ी लाइन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की भी स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार टावर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है। लाइन ट्रांसमिशन लाइन में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है।
ये निर्णय भी हुए
कैबिनेट ने बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रुपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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24 जिलों में मिलेगा पीएम जनमन का लाभ
कैबिनेट ने पीएम जनमन योजना में प्रदेश के 24 जिलों में निवासरत भारिया, बैगा एवं सहरिया समुदाय के बिजली रहित घरों के विद्युतीकरण के लिए बसाहट वार पूर्व स्वीकृत सीमा एक लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड को बढ़ाकर दो लाख रुपये प्रति हाउस होल्ड करने की स्वीकृति दी। विद्युत कंपनियों द्वारा 2 लाख रुपये प्रति हाउसहोल्ड तक आकलित लागत से विद्युतीकरण किया जाएगा। लागत अधिक होने की स्थिति में ऊर्जा विकास निगम द्वारा एक किलोवॉट क्षमता का ऑफ ग्रिड सोलर पैनल और बैटरी लगाकर विद्युतीकरण किया जाएगा। ऑफ ग्रिड प्रणाली से 211 घरों का विद्युतीकरण किया जाएगा। बता दें, पीएम जनमन के अंतर्गत प्रदेश में जनजाति तथा भारिया, बैगा एवं सहरिया समूहों के अविद्युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। कैबिनेट 11 मार्च, 2024 को संपन्न बैठक में योजनांतर्गत प्रथम चरण में 10 हजार 952 घरों के विद्युतीकरण के लिए लगभग 65 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसमें से 8 हजार 752 घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदाय किए जा चुके हैं।
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कैबिनेट ने अति उच्च दाब पारेषण 132 केवी और उससे बड़ी लाइन बिछाने के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा/क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि करने की भी स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार टावर लगाने पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है। लाइन ट्रांसमिशन लाइन में आने वाली भूमि की क्षतिपूर्ति राशि को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है।
ये निर्णय भी हुए
कैबिनेट ने बक्स्वाहा जिला छतरपुर में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड में व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड स्तर का एक नवीन पद व उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद इस प्रकार कुल 7 नवीन पदों का सृजन के लिए 52 लाख 46 हजार रुपये प्रति वर्ष की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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