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MP News: सीएम बोले- प्रदेश में केरल के समान प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों पर मेडिकल टूरिज्म विकसित किया जाएगा
Sat, 21 Sep 2024 08:02 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:02 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आयोजित आरोग्य भारती सम्मेलन को संबोधित किया और प्रदेश में आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की बात कही। सीएम ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में 46 हजार से अधिक नए पद स्वीकृत किए गए है। जल्द ही मंदसौर, नीमच और सिवनी में मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण होगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में केरल की तर्ज पर प्राकृतिक चिकित्सा और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए मेडिकल टूरिज्म को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में 46,451 नए पदों की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने ग्वालियर में आयोजित आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल सम्मेलन को भोपाल से वर्चुअली संबोधित किया।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री बताया कि प्रदेश में मंदसौर, नीमच, और सिवनी में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय बनकर तैयार हो गए हैं, जिनका जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के बालाघाट, शहडोल, सागर, मुरैना, और नर्मदापुरम जिलों में आयुर्वेद चिकित्सालयों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार का उद्देश्य हर जिले में मेडिकल या आयुर्वेदिक कॉलेज की स्थापना कर नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान आयुर्वेद और आयुष के महत्व को सभी ने महसूस किया है। प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे नागरिकों को आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने और रोग मुक्त समाज के निर्माण में राज्य सरकार, आरोग्य भारती संस्था के मार्गदर्शन से काम करेगी।
देवारण्य योजना और औषधीय खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने के लिए देवारण्य योजना के तहत काम किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि औषधीय वनस्पतियों की मार्केटिंग और उनके प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल लघु वनोपज मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। इससे जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को आर्थिक लाभ होगा और औषधीय पद्धतियों पर आधारित चिकित्सा को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोग्य भारती संस्था समाज में स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता का कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था की पत्रिका "आरोग्य सम्पदा" के भारतीय स्वास्थ्य चिंतन पर आधारित विशेषांक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर योगाचार्य पंडित दामोदार लाल शर्मा को "स्व. माधवराव धाक्रस स्वस्थ जीवनशैली" पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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यह स्वस्थ भारत की दिशा में कदम
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आने वाला समय स्वस्थ, स्वच्छ और श्रेष्ठ भारत का है। भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने और एक रोग-मुक्त समाज के निर्माण में आरोग्य भारती महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस दिशा में वैलनेस सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री बताया कि प्रदेश में मंदसौर, नीमच, और सिवनी में सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय बनकर तैयार हो गए हैं, जिनका जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के बालाघाट, शहडोल, सागर, मुरैना, और नर्मदापुरम जिलों में आयुर्वेद चिकित्सालयों की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार का उद्देश्य हर जिले में मेडिकल या आयुर्वेदिक कॉलेज की स्थापना कर नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान आयुर्वेद और आयुष के महत्व को सभी ने महसूस किया है। प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे नागरिकों को आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने और रोग मुक्त समाज के निर्माण में राज्य सरकार, आरोग्य भारती संस्था के मार्गदर्शन से काम करेगी।
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देवारण्य योजना और औषधीय खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने के लिए देवारण्य योजना के तहत काम किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि औषधीय वनस्पतियों की मार्केटिंग और उनके प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल लघु वनोपज मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। इससे जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को आर्थिक लाभ होगा और औषधीय पद्धतियों पर आधारित चिकित्सा को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोग्य भारती संस्था समाज में स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता का कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था की पत्रिका "आरोग्य सम्पदा" के भारतीय स्वास्थ्य चिंतन पर आधारित विशेषांक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर योगाचार्य पंडित दामोदार लाल शर्मा को "स्व. माधवराव धाक्रस स्वस्थ जीवनशैली" पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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यह स्वस्थ भारत की दिशा में कदम
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आने वाला समय स्वस्थ, स्वच्छ और श्रेष्ठ भारत का है। भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने और एक रोग-मुक्त समाज के निर्माण में आरोग्य भारती महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस दिशा में वैलनेस सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है।
