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दुबई में खोला एमपी का द्वार: सीएम यादव ने दुनिया के निवेशकों को दिया न्योता, अरब से व्यापार बढ़ाने पर जोर
Sun, 06 Sep 2026 09:03 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 06 Sep 2026 09:03 PM IST
सार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई में वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों की जानकारी दी। ओडीओपी-जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी से लेकर अरब देशों के प्रतिनिधियों से चर्चा तक, पहले दिन मध्यप्रदेश की ब्रांडिंग पर जोर रहा।
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सीएम मोहन यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय संवाद किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को दुबई पहुंचा। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों, राजनयिकों, निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार की निवेश नीतियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं है, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय तक चलने वाली विकास साझेदारी तैयार करना है।
प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर तक दुबई में होने वाली एआईएम कांग्रेस 2026 में भी शामिल होगा। यहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में करीब 50 प्रवासी भारतीय शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय मध्य प्रदेश के विकास और राज्य की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने ताज दुबई, बिजनेस बे में मध्यप्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कालीन प्रदर्शित किया गया। सरकार का उद्देश्य इन पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना और प्रदेश के कारीगरों को नए खरीदारों से जोड़ना है।
ये भी पढ़ें- एमपी में निवेश की नई उम्मीद: ग्लोबल AIM-2026 में शामिल होंगे सीएम, दुनिया के बड़े निवेशकों से करेंगे मुलाकात
भारतीय राजदूत से निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और यूएई के निवेशकों को प्रदेश से जोड़ने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। साथ ही यूएई के बड़े निवेश समूहों और कंपनियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से जोड़ने में सहयोग मांगा।
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अरब देशों से व्यापार बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और शहरी विकास के क्षेत्र में निवेश के अवसर बताए। उन्होंने अरब देशों के प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया।
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वैश्विक निवेशकों से संपर्क
दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में भी हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न देशों के निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रमुख, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा कर मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक आधार, बेहतर लॉजिस्टिक्स और निवेश-अनुकूल नीतियां राज्य को निवेश के लिए बेहतर विकल्प बनाती हैं। मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।
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प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर तक दुबई में होने वाली एआईएम कांग्रेस 2026 में भी शामिल होगा। यहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में करीब 50 प्रवासी भारतीय शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय मध्य प्रदेश के विकास और राज्य की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने ताज दुबई, बिजनेस बे में मध्यप्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कालीन प्रदर्शित किया गया। सरकार का उद्देश्य इन पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना और प्रदेश के कारीगरों को नए खरीदारों से जोड़ना है।
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भारतीय राजदूत से निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और यूएई के निवेशकों को प्रदेश से जोड़ने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। साथ ही यूएई के बड़े निवेश समूहों और कंपनियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से जोड़ने में सहयोग मांगा।
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अरब देशों से व्यापार बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और शहरी विकास के क्षेत्र में निवेश के अवसर बताए। उन्होंने अरब देशों के प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया।
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वैश्विक निवेशकों से संपर्क
दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में भी हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न देशों के निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रमुख, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा कर मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक आधार, बेहतर लॉजिस्टिक्स और निवेश-अनुकूल नीतियां राज्य को निवेश के लिए बेहतर विकल्प बनाती हैं। मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश के विकास में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया।
