फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Major sealing drive in Bhopal: 109 encroaching units sealed; shopkeepers outraged, demand implementation of th

भोपाल में नगर निगम का शिकंजा: आवासीय इमारतों में चल रहे 109 दुकान-व्यावसायिक संस्थानों को किया सील

Mon, 31 Aug 2026 09:01 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 31 Aug 2026 09:01 PM IST
सार

कोलार, अरेरा कॉलोनी, गौतम नगर, सुभाष नगर, रचना नगर और मिसरोद समेत छह विधानसभा क्षेत्रों में निगम ने 109 अवैध दुकानें और व्यावसायिक संस्थान बंद कराए। कुछ संचालकों ने खुद प्रतिष्ठान बंद कर सील कर दिए, जबकि कुछ जगह निगम के अमले ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर बलपूर्वक सील किए।

विज्ञापन
Major sealing drive in Bhopal: 109 encroaching units sealed; shopkeepers outraged, demand implementation of th
सीलिंग कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी में अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई सोमवार को तेजी से शुरू हुई। कोलार, अरेरा कॉलोनी, गौतम नगर, सुभाष नगर, रचना नगर और मिसरोद समेत छह विधानसभा क्षेत्रों में निगम ने 109 अवैध दुकानें और व्यावसायिक संस्थान बंद कराए। कुछ संचालकों ने खुद प्रतिष्ठान बंद कर सील कर दिए, जबकि कुछ जगह निगम के अमले ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर बलपूर्वक सील किए। निगम की कार्रवाई की जद में रचना नगर स्थित ग्लांस लॉन सिस्टम गोदाम, होटल एंड गुड फूड, डांस एंड जुम्बा क्लासेस, अरेरा कॉलोनी का कुनबी समाज कॉम्प्लेक्स और कोलार का राधिका पैलेस होटल भी शामिल रहे।
विज्ञापन


नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाया तो बलपूर्व सील
नगर निगम के मुताबिक संबंधित भवन स्वामियों और कब्जाधारियों को पहले ही नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 11 और धारा 303 (1) के तहत सूचना पत्र जारी किए गए थे। उन्हें अवैध कब्जा और अधिभोग हटाने के लिए समय दिया गया था। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर निगम ने सोमवार को दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर उन्हें सील किया। निगम ने साफ किया है कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नोटिस के बावजूद अवैध व्यावसायिक कामकाज बंद नहीं करने वालों पर बलपूर्वक सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई का विरोध, निगम अमला आगे बढ़ा
अरेरा कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर के पास कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और निगम अमले के बीच विरोध की स्थिति बन गई। भूतल और पहली मंजिल पर संचालित दुकानों के कारोबारियों ने आरोप लगाया कि निगम चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई कर रहा है। दुकानदारों का कहना था कि आसपास कई अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं की जा रही। विरोध बढ़ने के बाद निगम का अमला मौके से आगे बढ़ गया। इस दौरान निगम अधिकारी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ता बोले- छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई, बड़े प्रतिष्ठान बचे
मामले में याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रहवासियों ने जिन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की शिकायत की थी, उन पर कार्रवाई करने के बजाय छोटे कारोबारियों के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। त्रिपाठी के मुताबिक क्षेत्र में पब, शराब की दुकान और चाय-सुट्टा बार जैसी व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतें भी रहवासियों ने की हैं। इसके बावजूद बड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई की जानकारी जुटाकर मामले को सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया जाएगा।

रहवासी बोले- आवासीय क्षेत्र में कारोबार बंद हो
कुनबी समाज भवन को लेकर रहवासी मालती बारसकर ने कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि भवन में पहले कुछ दुकानों को अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर नियमों के विपरीत अन्य निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए और ऐसी गतिविधियों को बंद कराने की प्रशासन की कार्रवाई उचित है।

व्यापारी बोले- 90 प्रतिशत कारोबार प्रभावित
व्यापारी संगठन के अध्यक्ष आनंद सोनी ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के लिए व्यापारियों से ज्यादा सरकार की नीतिगत कमी जिम्मेदार है। उनका दावा है कि कार्रवाई से भोपाल का करीब 90 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हो रहा है और बड़ी संख्या में व्यापारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सोनी ने कहा कि सरकार के पास 29 जून 2026 का मास्टर प्लान प्रारूप तैयार है। इसे जल्द लागू कर कारोबारियों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने 2022 के गुजरात मॉडल या 2012 के भू-विकास अधिनियम जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की मांग की।

यह भी पढ़ें-रेल यात्रियों के लिए दो बड़े बदलाव: नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर में ठहराव, 2 ट्रेनों में नवंबर से बदलेंगे कोच

दो साल से दुकान चला रहे सिराजुद्दीन का रोजगार गया
जहांगीराबाद निवासी सिराजुद्दीन ने बताया कि वह पिछले दो साल से यहां सिलाई का काम कर रहा था। निगम की कार्रवाई के बाद दुकान बंद हो गई और उसका रोजगार छिन गया। उसने कहा कि यहां कोई बड़ा प्रतिष्ठान नहीं था, बल्कि सिलाई की एक दुकान थी। दुकान बंद होने के बाद परिवार का खर्च चलाने के लिए अब उसे नया काम तलाशना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें-MP में निकाय-पंचायत उपचुनाव का ऐलान, 29 सितंबर को मतदान, 3 नगर निकाय अध्यक्ष, 26 पार्षद पदों पर होगा चुनाव


व्यापारी का आरोप- 24 घंटे पहले नोटिस नहीं मिला
व्यापारी पीतांबर वाणी ने आरोप लगाया कि इस बार कार्रवाई से पहले उन्हें 24 घंटे का स्पष्ट नोटिस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे एक दिन पहले भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन ऐसा कोई नोटिस दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि पहले सूचना मिलती तो सामान व्यवस्थित तरीके से हटाने का पर्याप्त समय मिलता। हालांकि कार्रवाई से पहले उन्होंने दुकान का सामान बाहर निकाल लिया था। एक तरफ निगम अवैध कब्जों और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी और याचिकाकर्ता कार्रवाई में भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभियान बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक भी समान रूप से पहुंचेगा या कार्रवाई छोटे कारोबारियों तक ही सीमित रहेगी।

8,264 नोटिस के बाद अब सील कर रहे 
नगर निगम अब तक पूरे भोपाल में 8,264 नोटिस जारी कर चुका है। इसके बाद होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, फैक्ट्री और जिम समेत 100 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को अंतिम नोटिस जारी कर 24 घंटे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के बाद बड़ी संख्या में कारोबारियों ने खुद ही दुकानें बंद कर दीं। वहीं, जहां आदेश का पालन नहीं किया गया, वहां निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सील करने की कार्रवाई की।

नरेला और मध्य में सबसे ज्यादा संस्थान सील
विधानसभा क्षेत्रवार कार्रवाई में नरेला और मध्य क्षेत्र सबसे आगे रहे। नरेला में तीन प्रॉपर्टी सील की गईं और 23 प्रतिष्ठान संचालकों ने खुद कारोबार बंद किया। मध्य क्षेत्र में भी तीन प्रॉपर्टी सील हुईं और 21 जगहों पर व्यापारियों ने स्वयं गतिविधियां बंद कर दीं। हुजूर में एक प्रॉपर्टी सील की गई और 18 जगहों पर कारोबार खुद बंद किया गया। दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और उत्तर में कोई प्रॉपर्टी सील नहीं की गई। खुद बंद किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या दक्षिण में 23, गोविंदपुरा में 9 और उत्तर में 7 रही।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed