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एमपी: सागर जहरीली शराब कांड की रिटा. जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान करेंगे जांच,तीन माह में सौंपेंगे रिपोर्ट

Sat, 12 Sep 2026 07:48 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sat, 12 Sep 2026 07:48 PM IST
सार

सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने की जांच अब न्यायिक आयोग करेगा। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोग तीन महीने में सरकार को रिपोर्ट देगा।

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Madhya Pradesh Sagar Poisonous Liquor Case: Justice Vishnu Pratap Singh to Lead Probe
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान आयोग के अध्यक्ष होंगे। आयोग को अपनी जांच पूरी कर तीन महीने के अंदर राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपनी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार आयोग का मुख्यालय सागर में रहेगा। जांच के लिए सरकार ने तीन प्रमुख बिंदु तय किए हैं। इनमें घटना के कारणों से लेकर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय शामिल हैं।
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कैसे हुई घटना, किन परिस्थितियों में मौतें?
आयोग सबसे पहले यह पता लगाएगा कि जहरीली शराब के सेवन से मौत और लोगों के बीमार होने की घटना किन कारणों से हुई। घटना का स्वरूप क्या था और इसके पीछे कौन-कौन सी परिस्थितियां जिम्मेदार रहीं, इसका तथ्यात्मक परीक्षण भी किया जाएगा। 
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अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच का दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु आबकारी, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका से जुड़ा है। आयोग यह देखेगा कि संबंधित क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने निर्धारित दायित्वों का कितना पालन किया। इस बिंदु के जरिए घटना से पहले और उसके दौरान संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और कर्तव्यों के निर्वहन की स्थिति सामने आएगी। 

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दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुझाव
आयोग को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। यानी जांच केवल घटना के कारण और जिम्मेदारी तय करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में जरूरी सुधारों की सिफारिश भी की जाएगी। सरकार के आदेश के अनुसार आयोग आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगा।

अब तक इन जिम्मेदारों पर कार्रवाई
सागर संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी एवं उपायुक्त नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय अटैच किया गया, सहायक आबकारी आयुक्त सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर दिलीप खण्डाते और आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया, बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाह को निलंबित किया गया, गूगरा चौकी प्रभारी पूरन लाल लडिया को निलंबित किया गया, बंडा एसडीएम आरती यादव को हटाकर संजय कुमार जैन को एसडीएम बनाया गया और बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया। उनकी जगह रोहित नखारे को बंडा एसडीओपी की जिम्मेदारी दी गई है। 
 
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