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मध्य प्रदेश: भारत भवन में दो दिन गूंजेंगी भारतीय भाषाएं,14 सितंबर को सीएम मोहन यादव करेंगे शुभारंभ
Thu, 10 Sep 2026 09:41 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 10 Sep 2026 09:41 PM IST
सार
भोपाल के भारत भवन में 14-15 सितंबर को भारतीय भाषाओं, संस्कृति और जीवन-मूल्यों पर केंद्रित ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे, जबकि देशभर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि भाषाई पत्रकारिता, मातृभाषाओं और भारतीय संस्कृति पर संवाद करेंगे।
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सीएम मोहन यादव
विस्तार
भारतीय भाषाओं की विविधता, संस्कृति और जीवन-मूल्यों को केंद्र में रखते हुए राजधानी भोपाल के भारत भवन में 14 और 15 सितंबर को ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में देशभर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि शामिल होंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 14 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस दौरान मातृभाषा, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के साथ भाषाई पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। आयोजन का मुख्य विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ रखा गया है। वीर भारत न्यास और संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान और मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी।
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भाषाओं में भारत की आत्मा पर संवाद
14 सितंबर को शाम 4 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद शाम 4:30 से 5:30 बजे तक ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें बांग्ला के स्नेहाशीष सूर, हिंदी के श्यामलाल यादव और कश्मीरी के आसिम मोहिउद्दीन विचार रखेंगे। शाम 6 से 7:30 बजे तक ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज’ विषय पर सत्र होगा। इसमें जयदीप कर्णिक, अतुल तारे और अजय उमट शामिल होंगे।
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शाम को सजेगा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन
पहले दिन शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन होगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले, स्वयं श्रीवास्तव, दिनेश दिग्गज, शैलेन्द्र मधुर और अज़हर इकबाल काव्य पाठ करेंगे। इससे पहले शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ में भारतीय भाषाओं और बोलियों के गीतों की प्रस्तुति उमेश तरकसवार एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी।
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डिजिटल युग में मातृभाषाओं पर मंथन
15 सितंबर को शाम 4 से 5:30 बजे तक ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें उर्दू के वरिष्ठ संपादक अब्दुल वदूद साजिद, मराठी के किरण शेलार और असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक समुद्रगुप्त कश्यप शामिल होंगे। शाम 5:30 से 7 बजे तक ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर संवाद होगा। इसमें मलयालम के मनोज के. दास, सतीश के. सिंह सहित अन्य पत्रकार भाग लेंगे।
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संत कवियों की वाणी और पुस्तकों का लोकार्पण
15 सितंबर की शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम होगा। इसमें नई दिल्ली की सुधा रघुरामन संत कवियों की वाणी प्रस्तुत करेंगी। आयोजन स्थल पर भारतीय भाषाओं से जुड़ी प्रदर्शनी और शब्द-चित्र भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ‘आर्ष भारत खंड-2 : भारतीय चेतना के लोकोत्तर चरित्र’ समेत महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल जैसे भारतीय परंपरा के प्रमुख व्यक्तित्वों पर आधारित पुस्तकों का लोकार्पण होगा। इसके अलावा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’ और ‘जानकी गीता’ सहित अन्य पुस्तकों का भी विमोचन किया जाएगा।
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14 सितंबर को शाम 4 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद शाम 4:30 से 5:30 बजे तक ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें बांग्ला के स्नेहाशीष सूर, हिंदी के श्यामलाल यादव और कश्मीरी के आसिम मोहिउद्दीन विचार रखेंगे। शाम 6 से 7:30 बजे तक ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज’ विषय पर सत्र होगा। इसमें जयदीप कर्णिक, अतुल तारे और अजय उमट शामिल होंगे।
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शाम को सजेगा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन
पहले दिन शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन होगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले, स्वयं श्रीवास्तव, दिनेश दिग्गज, शैलेन्द्र मधुर और अज़हर इकबाल काव्य पाठ करेंगे। इससे पहले शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ में भारतीय भाषाओं और बोलियों के गीतों की प्रस्तुति उमेश तरकसवार एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी।
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डिजिटल युग में मातृभाषाओं पर मंथन
15 सितंबर को शाम 4 से 5:30 बजे तक ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें उर्दू के वरिष्ठ संपादक अब्दुल वदूद साजिद, मराठी के किरण शेलार और असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक समुद्रगुप्त कश्यप शामिल होंगे। शाम 5:30 से 7 बजे तक ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर संवाद होगा। इसमें मलयालम के मनोज के. दास, सतीश के. सिंह सहित अन्य पत्रकार भाग लेंगे।
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15 सितंबर की शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम होगा। इसमें नई दिल्ली की सुधा रघुरामन संत कवियों की वाणी प्रस्तुत करेंगी। आयोजन स्थल पर भारतीय भाषाओं से जुड़ी प्रदर्शनी और शब्द-चित्र भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ‘आर्ष भारत खंड-2 : भारतीय चेतना के लोकोत्तर चरित्र’ समेत महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल जैसे भारतीय परंपरा के प्रमुख व्यक्तित्वों पर आधारित पुस्तकों का लोकार्पण होगा। इसके अलावा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’ और ‘जानकी गीता’ सहित अन्य पुस्तकों का भी विमोचन किया जाएगा।
