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मध्य प्रदेश सड़क सुरक्षा पर सख्ती: 30 सितंबर तक सभी गड्ढे भरने के निर्देश, आवारा मवेशियों पर भी होगी कार्रवाई
Wed, 09 Sep 2026 08:57 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 09 Sep 2026 08:57 PM IST
सार
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। एमडी भरत यादव ने 30 सितंबर तक सड़कों के सभी गड्ढे भरने और मवेशियों, अवैध पार्किंग व अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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प्रबंध संचालक भरत यादव ने बुधवार को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रदेश में सड़क सुरक्षा के उपायों को और सख्त किया जाएगा। प्रबंध संचालक भरत यादव ने बुधवार को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने खास तौर पर सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और सड़क के गड्ढों को हादसों की बड़ी वजह मानते हुए इन पर कार्रवाई करने को कहा। भरत यादव ने निर्देश दिए कि 30 सितंबर तक सड़कों से सभी पॉटहोल्स यानी गड्ढे खत्म किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
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सड़कों से हटेंगे बेसहारा मवेशी
सड़कों पर बेसहारा मवेशियों के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय और जिला प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया। मवेशियों के जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। जरूरत के अनुसार उन्हें नजदीकी गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। गौशालाओं की क्षमता का आकलन कर उसे बढ़ाने, अतिरिक्त मवेशियों के लिए अस्थायी शेड बनाने और नगरीय विकास विभाग की एसओपी का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। लापरवाह पशुपालकों पर कार्रवाई और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
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नौ जिलों में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी द्वारा प्रदेश के नौ जीरो फैटेलिटी जिलों का चयन किया गया है। एमडी ने इन जिलों में सड़क सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के सभी कार्यपालन यंत्रियों को जिला सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल होने को कहा गया। बैठक में सेव लाइफ फाउंडेशन ने बताया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों के लिए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया गया है। हाई एक्सीडेंट डेंसिटी कॉरिडोर और दुर्घटना संभावित स्थानों को भी चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर हो रहे काम की निगरानी के लिए ‘मार्गदर्शक’ डैशबोर्ड तैयार किया गया है।
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अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेंगे
अधिकारियों को सड़कों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आईआरसी मानकों के अनुसार सेफ स्कूल जोन और मॉडल जंक्शन विकसित करने के प्रस्ताव जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया। आईआईटी मद्रास की डीडीएचआई टीम द्वारा विकसित ‘संजय ऐप’ के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, परिवहन विभाग और मार्कफेड के अधिकारी मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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सड़कों से हटेंगे बेसहारा मवेशी
सड़कों पर बेसहारा मवेशियों के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय और जिला प्रशासन को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया। मवेशियों के जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। जरूरत के अनुसार उन्हें नजदीकी गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। गौशालाओं की क्षमता का आकलन कर उसे बढ़ाने, अतिरिक्त मवेशियों के लिए अस्थायी शेड बनाने और नगरीय विकास विभाग की एसओपी का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। लापरवाह पशुपालकों पर कार्रवाई और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
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नौ जिलों में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी द्वारा प्रदेश के नौ जीरो फैटेलिटी जिलों का चयन किया गया है। एमडी ने इन जिलों में सड़क सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के सभी कार्यपालन यंत्रियों को जिला सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल होने को कहा गया। बैठक में सेव लाइफ फाउंडेशन ने बताया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों के लिए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया गया है। हाई एक्सीडेंट डेंसिटी कॉरिडोर और दुर्घटना संभावित स्थानों को भी चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर हो रहे काम की निगरानी के लिए ‘मार्गदर्शक’ डैशबोर्ड तैयार किया गया है।
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अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेंगे
अधिकारियों को सड़कों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आईआरसी मानकों के अनुसार सेफ स्कूल जोन और मॉडल जंक्शन विकसित करने के प्रस्ताव जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया। आईआईटी मद्रास की डीडीएचआई टीम द्वारा विकसित ‘संजय ऐप’ के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, परिवहन विभाग और मार्कफेड के अधिकारी मौजूद रहे। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
