मध्यप्रदेश: 17 साल बाद विंध्य से हो सकता है अगला विधानसभा अध्यक्ष, बजट सत्र में होगा चुनाव
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मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 22 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र के पहले ही दिन अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। ऐसे में इस पद को लेकर नाम सामने आने लगे हैं। विधानसभा सचिवालय ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ विधायक गिरीश गौतम और केदारनाथ शुक्ला में से किसी एक का नाम तय हाेगा। अध्यक्ष पद के साथ ही उपाध्यक्ष पद भी भाजपा अपने पास रखने जा रही है।
भाजपा के दो विधायकों की दावेदारी तेज
बीजेपी पर विंध्य क्षेत्र के नेताओं को एडजस्ट करने का दबाव है। केदारनाथ शुक्ल सीधी सीट से और गिरीश गौतम रीवा के देवतालाब सीट से भाजपा विधायक हैं। विंध्य से आने वाले इन दोनों विधायकों में से कोई एक अध्यक्ष पद पर विराजमान हो सकता है। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद 17 साल बाद विंध्य के खाते में जा सकता है।
सीताशरण शर्मा भी मार सकते हैं बाजी
अध्यक्ष पद के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर सीताशरण शर्मा के नाम पर भी विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भाजपा नाराज चल रहे अपने से विधायकों को संतुष्ट करने के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी अपने पास रख सकती है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा अन्य नेताओं के पदाभार सौंपने के लिए भाजपा में विचार-विमर्श का दौर शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि पार्टी के कई नेताओं को शिवराज सरकार के कैबिनेट और निगम मंडलों में जगह मिल सकती है।
बची सीटों पर भी हो सकती है चर्चा
बता दें विंध्य से श्रीनिवास तिवारी 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। उनके बाद से विंध्य का कोई नेता इस पद पर नहीं रहा। सूत्रों के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के पद को लेकर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी पी मुरलीधर राव से भी चर्चा होगी। इस दौरान कैबिनेट की बची हुई सीटों को भी भरने के लिए नाम तय हो सकते हैं। अभी शिवराज मंत्रिमंडल में 4 मंत्रियों के लिए जगह है। बता दें मुख्यमंत्री के पद को मिलाकर वर्तमान में कैबिनेट सदस्यों की संख्या 31 है। ऐसे में 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
