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ABVP का हुंकार अभियान: सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर विद्यार्थियों का फूटा गुस्सा, विरोध में कलेक्ट्रेट तक मार्च
Thu, 27 Aug 2026 06:39 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 27 Aug 2026 06:39 PM IST
सार
शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल सुविधाओं के विरोध में अभाविप ने प्रदेशव्यापी विद्यार्थी हुंकार अभियान शुरू किया। भोपाल में सैकड़ों विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कॉलेजों में पानी, शौचालय, फर्नीचर, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए तत्काल सुधार और समयबद्ध कार्ययोजना की मांग की।
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एबीवीपी का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी विद्यार्थी हुंकार अभियान शुरू किया। भोपाल में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और जर्जर व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की।अभाविप का आरोप है कि प्रदेश के कई शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थी आज भी स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, फर्नीचर, बिजली, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल सुविधाएं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
बाउंड्री वॉल टूटी, परिसर में असामाजिक तत्वों का खतरा
मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि कई शासकीय कॉलेज जर्जर अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अनेक कॉलेजों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है या मौजूद ही नहीं है, जिससे परिसरों में असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने भोपाल के एमवीएम महाविद्यालय में अभाविप के स्वच्छता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिलने का हवाला देते हुए कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
करियर मार्गदर्शन केंद्र और कैंटीन भी बदहाल
अभाविप ने कॉलेजों के करियर मार्गदर्शन केंद्र, कैंटीन और पुस्तकालयों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि कई जगह करियर मार्गदर्शन केंद्र सक्रिय नहीं हैं, कैंटीन बंद पड़ी हैं और पुस्तकालयों में पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं है। कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाओं में संसाधनों और उपकरणों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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यह भी पढ़ें-MP में आज फिर झमाझम: 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा-शहडोल संभाग पर सबसे ज्यादा असर
सवाल सुविधाओं का नहीं, विद्यार्थियों के भविष्य का
भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि मुद्दा सिर्फ सुविधाओं का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का है। उन्होंने स्वच्छ पानी, बेहतर शौचालय, छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं, अच्छी कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल और सुरक्षा को विद्यार्थियों का अधिकार बताया। अभाविप ने सरकार से प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों का तत्काल सर्वे कराने, समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और आवश्यक बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ अब विभिन्न रचनात्मक और आंदोलनात्मक माध्यमों से आगे जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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बाउंड्री वॉल टूटी, परिसर में असामाजिक तत्वों का खतरा
मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि कई शासकीय कॉलेज जर्जर अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अनेक कॉलेजों में बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त है या मौजूद ही नहीं है, जिससे परिसरों में असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने भोपाल के एमवीएम महाविद्यालय में अभाविप के स्वच्छता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें मिलने का हवाला देते हुए कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
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करियर मार्गदर्शन केंद्र और कैंटीन भी बदहाल
अभाविप ने कॉलेजों के करियर मार्गदर्शन केंद्र, कैंटीन और पुस्तकालयों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि कई जगह करियर मार्गदर्शन केंद्र सक्रिय नहीं हैं, कैंटीन बंद पड़ी हैं और पुस्तकालयों में पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं है। कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाओं में संसाधनों और उपकरणों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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सवाल सुविधाओं का नहीं, विद्यार्थियों के भविष्य का
भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि मुद्दा सिर्फ सुविधाओं का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का है। उन्होंने स्वच्छ पानी, बेहतर शौचालय, छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं, अच्छी कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल और सुरक्षा को विद्यार्थियों का अधिकार बताया। अभाविप ने सरकार से प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों का तत्काल सर्वे कराने, समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और आवश्यक बजट उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ अब विभिन्न रचनात्मक और आंदोलनात्मक माध्यमों से आगे जारी रहेगा और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
