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भोपाल में 62 हजार दुकानदारों पर संकट: पहली कार्रवाई से व्यापारियों में डर का माहौल, स्कूलों को भी मिले नोटिस

Thu, 27 Aug 2026 03:47 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 27 Aug 2026 03:47 PM IST
सार

भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई से करीब 62 हजार दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। अब तक 8,264 नोटिस जारी हो चुके हैं और पहली सीलिंग कार्रवाई के बाद व्यापारी निगम के चक्कर काट रहे हैं। छोटे स्कूलों को भी नोटिस मिलने लगे हैं।

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Crisis for 62,000 shopkeepers in Bhopal: Initial enforcement action sparks fear among traders; schools also re
सीलिंग कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने के बाद राजधानी के करीब 62 हजार दुकानदारों पर संकट मंडराने लगा है। निगम ने व्यावसायिक गतिविधियों के लिए चिन्हित दुकानों और प्रतिष्ठानों को नोटिस देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पहली सील की कार्रवाई के बाद व्यापारियों में डर का माहौल है और कई बड़े व्यापारी नगर निगम के चक्कर काटकर यह पता कर रहे हैं कि कहीं उनके प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई तो नहीं होने वाली। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक अब तक अधिभोग उल्लंघन के 8,264 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 5 अगस्त से पहले 1,018 और 5 अगस्त के बाद 7,246 नोटिस शामिल हैं। निगम ने भवन अनुज्ञा, राजस्व और अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की है। अब रहवासी क्षेत्रों में चल रहे दूसरे कारोबारों पर भी नजर रखी जा रही है।
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स्कूलों को भी नोटिस, अभिभावकों ने मांगी राहत
अब छोटे स्कूल और प्ले स्कूल भी कार्रवाई की जद में आने लगे हैं। एजुकेशन एक्टिविस्ट और वॉइस ऑफ पेरेंट्स से जुड़े विवेक शुक्ला ने बताया कि कई स्कूल संचालकों ने उन्हें फोन कर जानकारी दी है कि उनके पास भी नोटिस पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के प्ले स्कूल और नर्सरी स्कूल आसपास के क्षेत्रों में होने से अभिभावकों को सुविधा रहती है। ऐसे स्कूलों के मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर राहत दी जानी चाहिए। हालांकि जहां किसी स्कूल से अव्यवस्था या यातायात की समस्या हो रही हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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व्यापारियों और रहवासियों का विरोध जारी
एक दिन पहले भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर सीलिंग कार्रवाई का विरोध किया और सरकार से भोपाल में मास्टर प्लान लागू कर कारोबारियों को राहत देने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में हजारों छोटे-बड़े कारोबार प्रभावित हो सकते हैं। अब सभी की नजर सरकार के फैसले पर है कि वह व्यापारियों की मांग और न्यायालय के निर्देशों के बीच क्या रास्ता निकालती है। वहीं दूसरी तरफ रहवासी भी निगम की सुस्त कार्रवाई को लेकर विरोध दर्ज कर रहे हैं उन्होंने बरसते पानी में कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया और अपनी मांग सरकार के सामने रखी उनका कहना है नगर निगम सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित आदेश के अनुसार कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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गौतम नगर में होटल सील, अब दूसरे कारोबारों पर नजर
इसी कार्रवाई के तहत बुधवार को वार्ड-58 के गौतम नगर में रहवासी भवन में संचालित होटल को सील किया गया। निगम के मुताबिक भवन स्वामी को पहले व्यावसायिक गतिविधि बंद करने और भवन को मूल स्वरूप में लाने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद 24 अगस्त को अंतिम नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं होने पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर होटल सील कर दिया। निगम ने स्पष्ट किया है कि रहवासी क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति या स्वीकृत भू-उपयोग के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

 व्यापारियों की बढ़ी चिंता
व्यापारियों की चिंता इस बात को लेकर ज्यादा है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो करीब 62 हजार चिन्हित व्यापारियों के कारोबार पर संकट आ सकता है। यही वजह है कि व्यापारी लगातार निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और अपने प्रतिष्ठानों की स्थिति जानने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेती है और क्या व्यापारियों की मांग के मुताबिक मास्टर प्लान लागू कर कोई समाधान निकाला जाता है।
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