फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Journalist Arvind Sheele posted on Facebook about his problems

Bhopal: यहां रहने में बड़े खतरे हैं...सुकून की तलाश में खरीद बैठे मुश्किलें, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

Mon, 22 Apr 2024 02:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 22 Apr 2024 02:08 PM IST
सार

Bhopal: एक आशियाना, हर तरफ खुशियां, हर और सुकून कमोबेश हर इंसान का यह ख्वाब होता है। शहर के कोलाहल और भागदौड़ भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए वह जगह तलाश रहा है, लेकिन उम्मीदों और भरोसे के साथ उठाए गए कदम उन्हें मुश्किलों की तरफ ले जा रहे हैं। हालात किसी प्राइवेट बिल्डर से बनें तो यकीन किया जा सकता है। लेकिन सरकारी प्रोजेक्ट्स के साथ भी यही दोहराव हो तो असंतोष ज्यादा गहरा जाता है।

विज्ञापन
Journalist Arvind Sheele posted on Facebook about his problems
सुकून की तलाश में खरीद बैठे मुश्किलें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मामला राजधानी स्थित सफायर पार्क सिटी में पसरे हैं। एमपी हाउसिंग बोर्ड ने इस मेगा प्रोजेक्ट को आकार दिया है। करीब 14 एकड़ जमीन पर फैले इस प्रोजेक्ट में 4 गेट से घिरे 120 डुप्लेक्स मौजूद हैं, लेकिन यहां की सुरक्षा के लिए महज 2 सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं, जिनके जिम्मे पूरे क्षेत्र की 24 घंटे की निगरानी रखी हुई है। सूत्रों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने रहवासियों से सुरक्षा के नाम पर प्रति निवासी 2.50 लाख रुपए जमा कराए हैं। रहवासी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित तो हैं ही, उन्हें बगीचे की बदहाली और सड़क पर फैली गंदगी भी झेलना पड़ रही है।

विज्ञापन

जिम्मेदार नदारद
सफायर पार्क सिटी के निवासी अरविंद शीले कहते हैं कि प्रोजेक्ट पूरा कर हाउसिंग बोर्ड नदारद हो गया है। अब किसी तरह की समस्या को लेकर सुनवाई करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। शीले ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बगीचे की देखरेख और सड़कों की बदहाली को लेकर कई बार हाउसिंग बोर्ड के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर से शिकायत की, लेकिन हालात ढाक के तीन पात जैसे बने हुए हैं।

विज्ञापन

और गांधीगिरी से विरोध
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शीले अपनी समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों से संपर्क कर चुके। लेकिन कोई समाधान न निकलने पर उन्होंने गांधीगिरी का तरीका अपनाया है। शीले ने अपने घर के बाहर एक बोर्ड लगाया है। जिस पर लिखा है "यहां रहने में बड़े खतरे हैं....!" उन्होंने अपने घर के बाहर लगे इस बोर्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल की है। साथ ही लोगों से उनके विचार आमंत्रित किए हैं कि इस स्थिति में उन्हें क्या कदम उठाया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed