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एमपी में फिर झमाझम के आसार: 24-25 सितंबर को होगी तेज बारिश, पूर्वी हिस्से के इन जिलों में रहेगा ज्यादा असर
Tue, 22 Sep 2026 07:07 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:07 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से बारिश बढ़ेगी और 24-25 सितंबर को तेज बारिश का दौर रहेगा। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में ज्यादा असर के साथ भोपाल-नर्मदापुरम में भी बारिश होगी। प्रदेश में अब तक 33.7 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 6% कम है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 24-25 सितंबर को इसका असर सबसे ज्यादा रह सकता है। इन दो दिनों में प्रदेश के करीब 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा।
निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का नया दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का नया दौर शुरू होगा। 23 सितंबर से कुछ इलाकों में बारिश होगी, जबकि 24 और 25 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासतौर पर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में इसका असर अधिक रहने का अनुमान है। मानसून की विदाई की शुरुआत सितंबर के आखिरी सप्ताह में होने की संभावना है। ऐसे में विदाई से पहले होने वाली यह बारिश प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े को और सुधार सकती है।
अब तक 33.7 इंच बारिश, सामान्य से 6% कम
प्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी 33.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 922.6 मिमी यानी करीब 36.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी 6 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की बारिश से पूर्वी हिस्से का आंकड़ा तेजी से सुधरा है।
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23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं। दूसरी ओर कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 49 प्रतिशत तक कम पानी दर्ज हुआ है।
जून की कमी अब तक नहीं हो सकी पूरी
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अभी भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। इसके बाद जुलाई के आखिरी दिनों में और फिर अगस्त में अच्छी बारिश हुई। दोनों महीनों का बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। यही वजह है कि सितंबर में मानसून के आखिरी दौर तक पहुंचने के बावजूद प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य से 6 प्रतिशत पीछे है।
यह भी पढ़ें-एमपी में 9 साल बाद कैंपस में चुनावी हलचल: ABVP को डीयू की जीत से जोश, राहुल के इंदौर दौरे से NSUI भी सक्रिय
सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब 24-25 सितंबर की संभावित बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आंकड़े और सुधरने की उम्मीद है।
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निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का नया दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से बारिश का नया दौर शुरू होगा। 23 सितंबर से कुछ इलाकों में बारिश होगी, जबकि 24 और 25 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खासतौर पर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में इसका असर अधिक रहने का अनुमान है। मानसून की विदाई की शुरुआत सितंबर के आखिरी सप्ताह में होने की संभावना है। ऐसे में विदाई से पहले होने वाली यह बारिश प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े को और सुधार सकती है।
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अब तक 33.7 इंच बारिश, सामान्य से 6% कम
प्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी 33.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 922.6 मिमी यानी करीब 36.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी 6 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की बारिश से पूर्वी हिस्से का आंकड़ा तेजी से सुधरा है।
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23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं। दूसरी ओर कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 49 प्रतिशत तक कम पानी दर्ज हुआ है।
जून की कमी अब तक नहीं हो सकी पूरी
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अभी भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं। इसके बाद जुलाई के आखिरी दिनों में और फिर अगस्त में अच्छी बारिश हुई। दोनों महीनों का बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। यही वजह है कि सितंबर में मानसून के आखिरी दौर तक पहुंचने के बावजूद प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य से 6 प्रतिशत पीछे है।
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सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब 24-25 सितंबर की संभावित बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आंकड़े और सुधरने की उम्मीद है।
