{"_id":"68dac4fde79af75b4d002f1c","slug":"greenery-will-increase-in-cities-government-will-launch-chief-minister-urban-forest-development-scheme-500-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहरों में बढ़ेगी हरियाली: सरकार लाएगी \"मुख्यमंत्री नगर वन विकास योजना\", 500 करोड़ होंगे खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहरों में बढ़ेगी हरियाली: सरकार लाएगी "मुख्यमंत्री नगर वन विकास योजना", 500 करोड़ होंगे खर्च
Tue, 30 Sep 2025 09:17 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 30 Sep 2025 09:17 AM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार शहरों में हरियाली बढ़ाने के लिए "मुख्यमंत्री नगर वन विकास योजना" लांच करने जा रही है। इसके तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अन्य शहरों में शहरी जंगल तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन
जंगल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार अब बड़े शहरों में हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष पहल करने जा रही है। इसके तहत "मुख्यमंत्री नगर वन विकास योजना" की शुरुआत होगी, जिसके जरिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में शहरी जंगल तैयार किए जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। नई योजना के अनुसार, अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) में शहरों की शासकीय और वन भूमि पर हरियाली विकसित की जाएगी। इन वनों की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को दी जाएगी। खास बात यह है कि पौधरोपण और रखरखाव की गुणवत्ता पर राशि निर्भर होगी। केवल तभी किस्तें जारी होंगी जब 70% पौधे जीवित पाए जाएंगे।
ये भी पढ़ें- MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम
क्यों जरूरी है योजना?
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आबादी ने पर्यावरणीय संतुलन पर दबाव बढ़ा दिया है। 2011 से 2025 के बीच शहरों की जनसंख्या में करीब 60 लाख की वृद्धि हुई है। आने वाले दो दशकों में यह संख्या और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी वजह से नगरीय निकाय क्षेत्रों में हरित आच्छादन को 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2020 से "नगर वन योजना" के तहत 65 नगरीय निकायों में 1911 हेक्टेयर क्षेत्र पर वृक्षारोपण किया गया है। इसके साथ ही अमृत योजना के अंतर्गत 385 शहरों में सड़कों, नालों और शासकीय भूमि पर पौधे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal News: छग के सटोरिए भोपाल में बुक कर रहे थे करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा, 80 सिम, 177 ATM कार्ड भी जब्त
तीन साल में मिलेगा फंड
राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन के लिए "ग्रीन कैडर" भी तैयार करेगी। नगरीय निकायों में खाली पदों पर भर्ती होगी। इनके जिम्मे न केवल शहरी जंगल विकसित करना होगा बल्कि पार्क, पगडंडी, साइकिल ट्रैक और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराना होगा। नगरीय निकायों को कुल 500 करोड़ रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे। पहले साल 60%, दूसरे और तीसरे साल 20-20% राशि मिलेगी। यह भुगतान तभी होगा जब योजना के अनुसार हरे-भरे वन विकसित हो जाएंगे।
ये भी पढ़ें- MP News: मप्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति टली, एपी सिंह बनाए गए प्रशासनिक सदस्य
शहरों को हरित रूप देंगे
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निकायों ने इस वर्ष पौधरोपण में उल्लेखनीय काम किया है। अब बड़े स्तर पर ‘नगर वन’ का कॉन्सेप्ट लागू करके शहरों को हरित स्वरूप देने की तैयारी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम
विज्ञापन
क्यों जरूरी है योजना?
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही आबादी ने पर्यावरणीय संतुलन पर दबाव बढ़ा दिया है। 2011 से 2025 के बीच शहरों की जनसंख्या में करीब 60 लाख की वृद्धि हुई है। आने वाले दो दशकों में यह संख्या और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी वजह से नगरीय निकाय क्षेत्रों में हरित आच्छादन को 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2020 से "नगर वन योजना" के तहत 65 नगरीय निकायों में 1911 हेक्टेयर क्षेत्र पर वृक्षारोपण किया गया है। इसके साथ ही अमृत योजना के अंतर्गत 385 शहरों में सड़कों, नालों और शासकीय भूमि पर पौधे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bhopal News: छग के सटोरिए भोपाल में बुक कर रहे थे करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा, 80 सिम, 177 ATM कार्ड भी जब्त
तीन साल में मिलेगा फंड
राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन के लिए "ग्रीन कैडर" भी तैयार करेगी। नगरीय निकायों में खाली पदों पर भर्ती होगी। इनके जिम्मे न केवल शहरी जंगल विकसित करना होगा बल्कि पार्क, पगडंडी, साइकिल ट्रैक और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराना होगा। नगरीय निकायों को कुल 500 करोड़ रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे। पहले साल 60%, दूसरे और तीसरे साल 20-20% राशि मिलेगी। यह भुगतान तभी होगा जब योजना के अनुसार हरे-भरे वन विकसित हो जाएंगे।
ये भी पढ़ें- MP News: मप्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति टली, एपी सिंह बनाए गए प्रशासनिक सदस्य
शहरों को हरित रूप देंगे
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निकायों ने इस वर्ष पौधरोपण में उल्लेखनीय काम किया है। अब बड़े स्तर पर ‘नगर वन’ का कॉन्सेप्ट लागू करके शहरों को हरित स्वरूप देने की तैयारी है।
