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मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की होगी नियमित निगरानी, समय पर अस्पताल पहुंचना होगा सुनिश्चित
Tue, 01 Sep 2026 07:28 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:28 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी और कामकाज पर अब नियमित नजर रखी जाएगी। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी और कामकाज की अब नियमित निगरानी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर निर्धारित समय पर मौजूद रहें, यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए डॉक्टरों की उपस्थिति और उनकी कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए। सरकार का उद्देश्य मरीजों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती में तेजी
बैठक में स्वास्थ्य विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कर्मचारियों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अस्पतालों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
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सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी की शिकायतें
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के समय पर उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें अलग-अलग जिलों से सामने आती रही हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है और कई बार उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में सरकार अब डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। हाल के महीनों में बालाघाट समेत कुछ जिलों में स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं ने भी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था भी बेहतर की जा रही है। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह और आयुक्त धनराजू एस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती में तेजी
बैठक में स्वास्थ्य विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां कर्मचारियों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अस्पतालों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
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सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी की शिकायतें
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के समय पर उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें अलग-अलग जिलों से सामने आती रही हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है और कई बार उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में सरकार अब डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। हाल के महीनों में बालाघाट समेत कुछ जिलों में स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं ने भी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था भी बेहतर की जा रही है। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह और आयुक्त धनराजू एस सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
