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भोपाल में फर्जी IPS गिरफ्तार: सरकारी नौकरी का झांसा दे युवाओं से ऐंठे लाखों रुपये,स्पेलिंग मिस्टेक से खुली पोल
Tue, 01 Sep 2026 10:34 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:34 AM IST
सार
भोपाल में फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले आरोपी को एमपी नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी बताकर फर्जी नियुक्ति और जॉइनिंग लेटर देता था, लेकिन दस्तावेजों में स्पेलिंग की गलतियों से उसकी पोल खुल गई।
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फर्जी आईडी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में एमपी नगर पुलिस ने खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी पहचान 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में बताता था और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से पैसे वसूलता था। पुलिस ने उसके पास से फर्जी आईपीएस पहचान पत्र, नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान झांसी निवासी ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है। वह कभी खुद को आईपीएस अधिकारी बताता था तो कभी आयकर विभाग का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर या इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर युवाओं को प्रभावित करता था। उसका निशाना मुख्य रूप से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्र और नौकरी तलाशने वाले युवा थे।
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फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर लेता था पैसे
आरोपी युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देता और इसके बदले उनसे लाखों रुपये मांगता था। विश्वास जीतने के लिए वह आयकर विभाग समेत सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति और जॉइनिंग लेटर तैयार कराकर देता था। पुलिस की शुरुआती जांच में करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
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जॉइनिंग लेटर की गलतियों से हुआ शक
पीड़ित युवाओं के मुताबिक करीब तीन महीने पहले उनकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। शुरुआत में उसके पहनावे, बातचीत और दस्तावेजों को देखकर उन्हें उस पर भरोसा हो गया। बाद में जब युवाओं ने जॉइनिंग लेटर को ध्यान से देखा तो उसमें कई स्पेशलिंग, वर्तनी और दूसरी गलतियां मिलीं। इसके बाद उन्हें दस्तावेजों के फर्जी होने का शक हुआ। शक पुख्ता होने पर पीड़ितों ने एमपी नगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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फर्जी आईपीएस कार्ड समेत सामान जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आईपीएस आईडी कार्ड, कई नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल वह खुद को सरकारी अधिकारी साबित करने और युवाओं का भरोसा जीतने के लिए करता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसने भोपाल के अलावा दूसरे शहरों में भी इसी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस को पूछताछ के दौरान ठगी के और मामलों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर लेता था पैसे
आरोपी युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देता और इसके बदले उनसे लाखों रुपये मांगता था। विश्वास जीतने के लिए वह आयकर विभाग समेत सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति और जॉइनिंग लेटर तैयार कराकर देता था। पुलिस की शुरुआती जांच में करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
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जॉइनिंग लेटर की गलतियों से हुआ शक
पीड़ित युवाओं के मुताबिक करीब तीन महीने पहले उनकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। शुरुआत में उसके पहनावे, बातचीत और दस्तावेजों को देखकर उन्हें उस पर भरोसा हो गया। बाद में जब युवाओं ने जॉइनिंग लेटर को ध्यान से देखा तो उसमें कई स्पेशलिंग, वर्तनी और दूसरी गलतियां मिलीं। इसके बाद उन्हें दस्तावेजों के फर्जी होने का शक हुआ। शक पुख्ता होने पर पीड़ितों ने एमपी नगर थाने में शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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फर्जी आईपीएस कार्ड समेत सामान जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आईपीएस आईडी कार्ड, कई नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल वह खुद को सरकारी अधिकारी साबित करने और युवाओं का भरोसा जीतने के लिए करता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसने भोपाल के अलावा दूसरे शहरों में भी इसी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस को पूछताछ के दौरान ठगी के और मामलों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
