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दतिया BJP में बड़ा बदलाव:मानवेंद्र परिहार बने जिलाध्यक्ष, उपचुनाव के बाद भंग था पूरा संगठन;अब नई टीम की तैयारी
Tue, 22 Sep 2026 07:07 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 22 Sep 2026 07:07 PM IST
सार
दतिया में उपचुनाव के बाद भंग किए गए भाजपा संगठन को नया जिलाध्यक्ष मिल गया है। मानवेंद्र परिहार को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब नई जिला टीम के गठन की तैयारी शुरू होगी।
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भाजपा जिला अध्यक्ष बने मानवेंद्र सिंह परिहार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भंग किए गए भाजपा के जिला संगठन को अब नया नेतृत्व मिल गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को मानवेंद्र परिहार को दतिया का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। अब उनकी नियुक्ति के बाद जिले में भाजपा के संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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संगठन भंग होने के बाद पहली बड़ी नियुक्ति
उपचुनाव के परिणाम के बाद भाजपा ने दतिया में जिला अध्यक्ष से लेकर जिला कार्यकारिणी और मंडल, मोर्चा व अन्य संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया था। इसके बाद से जिले में नए अध्यक्ष और नई टीम के गठन का इंतजार था। अगस्त में प्रदेश नेतृत्व ने समीक्षा के बाद दतिया के पूरे संगठनात्मक ढांचे को भंग किया था। अब मानवेंद्र परिहार को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के साथ संगठन के पुनर्गठन की शुरुआत हो गई है। अगले चरण में जिला कार्यकारिणी के साथ मंडल और अन्य इकाइयों में भी नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं।
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लंबे समय से संगठन में सक्रिय
मानवेंद्र परिहार लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं। संगठन में काम करने के दौरान उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलती रही हैं। वह संघ से आते हैं। अब जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जिले में संगठन की गतिविधियों को दोबारा गति देने की होगी।
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बूथ तक संगठन को सक्रिय करना चुनौती
दतिया में नई टीम के सामने केवल जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि मंडल और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी जोर रहेगा। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाना, संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाना और नई जिला कार्यकारिणी तैयार करना नए जिलाध्यक्ष की शुरुआती प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
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संगठन भंग होने के बाद पहली बड़ी नियुक्ति
उपचुनाव के परिणाम के बाद भाजपा ने दतिया में जिला अध्यक्ष से लेकर जिला कार्यकारिणी और मंडल, मोर्चा व अन्य संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया था। इसके बाद से जिले में नए अध्यक्ष और नई टीम के गठन का इंतजार था। अगस्त में प्रदेश नेतृत्व ने समीक्षा के बाद दतिया के पूरे संगठनात्मक ढांचे को भंग किया था। अब मानवेंद्र परिहार को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के साथ संगठन के पुनर्गठन की शुरुआत हो गई है। अगले चरण में जिला कार्यकारिणी के साथ मंडल और अन्य इकाइयों में भी नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं।
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लंबे समय से संगठन में सक्रिय
मानवेंद्र परिहार लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं। संगठन में काम करने के दौरान उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलती रही हैं। वह संघ से आते हैं। अब जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जिले में संगठन की गतिविधियों को दोबारा गति देने की होगी।
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बूथ तक संगठन को सक्रिय करना चुनौती
दतिया में नई टीम के सामने केवल जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि मंडल और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी जोर रहेगा। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाना, संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाना और नई जिला कार्यकारिणी तैयार करना नए जिलाध्यक्ष की शुरुआती प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
