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मध्यप्रदेश टीईटी पर संकट: ऑफलाइन कराने से कर्मचारी चयन मंडल का इन्कार, अब नई एजेंसी तय करेगी परीक्षा

Mon, 07 Sep 2026 09:16 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 07 Sep 2026 09:16 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को ऑफलाइन कराने से कर्मचारी चयन मंडल ने इन्कार कर दिया है। अब स्कूल शिक्षा विभाग नई एजेंसी की तलाश कर रहा है। एजेंसी बदलने पर परीक्षा की तारीख और केंद्रों में भी बदलाव संभव है।

 

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Crisis over Madhya Pradesh TET: Staff Selection Board refuses to conduct exam offline new agency to decide
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के लिए होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर नई चुनौती सामने आई है। कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा को ऑफलाइन माध्यम से कराने में असमर्थता जताई है। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग अब परीक्षा आयोजित कराने के लिए नई एजेंसी की तलाश कर रहा है।

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मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की घोषणा के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से कराने का प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल को भेजा था। मंडल ने स्पष्ट किया कि वह पिछले छह वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और ऑफलाइन परीक्षा कराने का काम बंद कर चुका है। ऐसे में वह ऑनलाइन के अलावा किसी अन्य माध्यम से टीईटी आयोजित नहीं कर सकता।

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नई एजेंसी की तलाश
कर्मचारी चयन मंडल के इन्कार के बाद स्कूल शिक्षा विभाग अब दूसरी एजेंसियों के माध्यम से परीक्षा कराने की तैयारी में जुट गया है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि मंडल द्वारा असमर्थता जताए जाने के बाद शासन अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। परीक्षा की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी जाएगी, इसका अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विदेश दौरे पर हैं और नौ सितंबर को भोपाल लौटेंगे। उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा कर नई परीक्षा एजेंसी के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। लोक सेवा आयोग को भी जिम्मेदारी देने पर विचार हो सकता है, हालांकि आयोग ने पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की है।


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तारीख और परीक्षा केंद्र बदल सकते हैं
एजेंसी बदलने की स्थिति में पहले से घोषित परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव हो सकता है। कर्मचारी चयन मंडल ने 12 अक्तूबर से परीक्षा कराने का कार्यक्रम तय किया था। अब नई एजेंसी के चयन के बाद वही संस्था परीक्षा की नई तारीख तय करेगी।

परीक्षा केंद्रों को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और सागर अंचल के कई जिलों को केंद्र नहीं बनाए जाने पर शिक्षकों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। नई एजेंसी के चयन के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में आदेश जारी कर इन शिक्षकों को वर्ष 2028 तक पात्रता परीक्षा पास करने के निर्देश दिए थे। शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के लिए हर साल दो बार परीक्षा आयोजित की जा सकती है।

छह प्रयासों के बाद भी परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले कर्मचारी चयन मंडल ने 21 अगस्त से चार सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। बाद में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई थी।

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