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शिक्षक भर्ती पदवृद्धि पर अड़े अभ्यर्थीः 4 दिन से अन्न-जल छोड़ कर बैठे नरेंद्र की हालत बिगड़ी, बोले तड़प रहे
Mon, 24 Aug 2026 03:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:23 PM IST
सार
शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर नीलम पार्क में चल रहे धरने में नरेंद्र राजपूत चार दिन से निर्जल अनशन पर हैं। सोमवार रात तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। आंदोलन में महिला अभ्यर्थी छोटे बच्चों को साथ लेकर भी धरने पर बैठी हैं।
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अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत का निर्जल अनशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब गंभीर दौर में पहुंच गया है। ब्यावरा निवासी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत पिछले चार दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे हैं। रात करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई। साथी अभ्यर्थियों ने प्रशासन को सूचना दी। पुलिस प्रशासन नरेंद्र को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर चुका है, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक सरकार पदवृद्धि को लेकर ठोस आदेश जारी नहीं करती, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। उन्होंने मांग की है कि डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर भेजकर उनकी जांच कराई जाए।
नरेंद्र बोले- पानी की एक घूंट तक नहीं ली
धरना स्थल पर दिए इंटरव्यू में नरेंद्र राजपूत ने कहा, हमने तीन दिन से जल भी त्याग दिया है। पानी की एक घूंट नहीं ले रहे हैं। हमारी इतनी सी मांग है कि वर्ग-3 और वर्ग-2 में पदों की वृद्धि कर दी जाए, क्योंकि इतने नाममात्र के पद आए हैं। उन्होंने कहा कि हम शिक्षक हैं। आज हम अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ेंगे तो सरकारी स्कूल के बच्चों को क्या सिखाएंगे? हमें अपने अधिकार के लिए लड़ना होगा। हम बाबा साहब को लेकर बैठे हैं। तबीयत बिगड़ने के सवाल पर नरेंद्र ने कहा, प्यासे बैठे हैं तीन दिन से, घूंट पानी नहीं पिया है। तड़प रहे हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। नरेंद्र ने मुख्यमंत्री से भी धरना स्थल पर आकर अभ्यर्थियों की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार, वर्ग-3 में 25 हजार पद की मांग
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार पद बढ़ाए जाएं, जबकि वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद किए जाएं। बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग भी की जा रही है। अभ्यर्थियों का दावा है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त पद शामिल नहीं किए गए। इसके कारण परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने वाले कई पात्र अभ्यर्थी भी नियुक्ति से बाहर हो गए हैं।
यह भी पढ़ें-एमपी पर मानसूनी सिस्टम मेहरबान: 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 27 अगस्त तक थमेगा नहीं दौर
छोटे बच्चों को लेकर धरने पर पहुंचीं महिला अभ्यर्थी
नीलम पार्क में चल रहे आंदोलन में कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ पार्क में रहना मुश्किल हो रहा है। मच्छरों, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की परेशानी बनी हुई है। छोटे तालाब के पास धरना होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती है। इसके बावजूद महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पदवृद्धि का आदेश जारी होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है।
यह भी पढ़ें-भोपाल का 90 डिग्री वाला विवादित ब्रिज: शुरू हुआ तो डेढ़ लाख लोगों का चक्कर बचेगा, रोज 3 लाख आवाजाही को राहत
21 अगस्त से जारी है अनिश्चितकालीन धरना
पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकालकर नीलम पार्क पहुंचे और यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। आंदोलनकारियों के अनुसार नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक भी भोपाल में अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन और धरने किए जा चुके हैं। अब अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने तथा बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
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नरेंद्र बोले- पानी की एक घूंट तक नहीं ली
धरना स्थल पर दिए इंटरव्यू में नरेंद्र राजपूत ने कहा, हमने तीन दिन से जल भी त्याग दिया है। पानी की एक घूंट नहीं ले रहे हैं। हमारी इतनी सी मांग है कि वर्ग-3 और वर्ग-2 में पदों की वृद्धि कर दी जाए, क्योंकि इतने नाममात्र के पद आए हैं। उन्होंने कहा कि हम शिक्षक हैं। आज हम अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ेंगे तो सरकारी स्कूल के बच्चों को क्या सिखाएंगे? हमें अपने अधिकार के लिए लड़ना होगा। हम बाबा साहब को लेकर बैठे हैं। तबीयत बिगड़ने के सवाल पर नरेंद्र ने कहा, प्यासे बैठे हैं तीन दिन से, घूंट पानी नहीं पिया है। तड़प रहे हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। नरेंद्र ने मुख्यमंत्री से भी धरना स्थल पर आकर अभ्यर्थियों की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार, वर्ग-3 में 25 हजार पद की मांग
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार पद बढ़ाए जाएं, जबकि वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद किए जाएं। बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग भी की जा रही है। अभ्यर्थियों का दावा है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त पद शामिल नहीं किए गए। इसके कारण परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने वाले कई पात्र अभ्यर्थी भी नियुक्ति से बाहर हो गए हैं।
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छोटे बच्चों को लेकर धरने पर पहुंचीं महिला अभ्यर्थी
नीलम पार्क में चल रहे आंदोलन में कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ पार्क में रहना मुश्किल हो रहा है। मच्छरों, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की परेशानी बनी हुई है। छोटे तालाब के पास धरना होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती है। इसके बावजूद महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पदवृद्धि का आदेश जारी होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है।
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21 अगस्त से जारी है अनिश्चितकालीन धरना
पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकालकर नीलम पार्क पहुंचे और यहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। आंदोलनकारियों के अनुसार नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक भी भोपाल में अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन और धरने किए जा चुके हैं। अब अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने तथा बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
