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Bhopal: राजधानी भोपाल की हवा हुई जहरीली AQI 330 तक पहुंचा,अस्थमा, फेफड़ों और कैंसर के मरीजों की बढ़ी परेशानी
Sun, 10 Nov 2024 08:27 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 10 Nov 2024 08:27 PM IST
सार
राजधानी भोपाल में दीपावली के पहले से ही आवोहवा खराब होने लगी थी। रविवार को भोपाल का एक्यूआई 330 तक पहुंच गया। AQI के लगातार बढ़ने के कारण अस्थमा, फेफड़े और कैंसर के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों, बूढ़ों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
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भोपाल का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की आवोहवा काफी खराब हो गई है। यहां देश की राजधानी दिल्ली जैसे हालात है। भोपाल में बढ़ते प्रदुषण के चलते बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। खासकर बच्चों और बूढ़ो को प्रदूषण का ज्यादा असर हो रहा है। इसके साथ ही अस्थमा, फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है। भोपाल में रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 330 पहुंच तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में प्रदूषण का स्तर गाड़ियों के धूंआ, पराली जलाने और कई अन्य तरह के धुएं के कारण बढ़ रहा है। जिसे नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम चलाया जा रहा।
इसलिए बढ़ रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स
भोपाल का एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है। बता दें कि राजधानी में रविवार को मंडीदीप का एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। टीटी नगर में एक्यूआई 192, अरेरा कॉलोनी में 303 और पुराने शहर 308 दर्ज किया गया है। तो वही शहर का औसत एक्यूआई 8 नवंबर को यह 264 और शनिवार को 275 रिकॉर्ड हुआ। यह स्थिति पुअर श्रेणी में आती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश में पराली जलाने की 1 दिन में 474 घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें राजधानी भोपाल से 4 घटनाएं सामने आई है।
51 से 100 के बीच होने पर क्वॉलिटी संतोषजनक
जानकारी के लिए बता दें कि AQI 0-50 के बीच होने पर हवा को शुद्ध माना जाता है. AQI 51-100 के बीच होने पर क्वॉलिटी संतोषजनक माना जाती है। AQI 101-200 के बीच मध्य, AQI 201 से ज्यादा को खराब माना जाता है। AQI 301 को बेहद खराब और AQI 401 के पार पहुंचने पर हालात गंभीर मानी जाती है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार इन दिनों नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम चला रही है, जिसकी निगरानी प्रदेश सरकार कर रही है। इस प्रोग्राम के तहत नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड, आरटीओ, वन विभाग आदि के सहयोग से प्रदूषण कम करने के उपाय किए जाते हैं। हर जिले में कलेक्टर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करते हैं।
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इसलिए बढ़ रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स
भोपाल का एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है। बता दें कि राजधानी में रविवार को मंडीदीप का एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। टीटी नगर में एक्यूआई 192, अरेरा कॉलोनी में 303 और पुराने शहर 308 दर्ज किया गया है। तो वही शहर का औसत एक्यूआई 8 नवंबर को यह 264 और शनिवार को 275 रिकॉर्ड हुआ। यह स्थिति पुअर श्रेणी में आती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश में पराली जलाने की 1 दिन में 474 घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें राजधानी भोपाल से 4 घटनाएं सामने आई है।
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51 से 100 के बीच होने पर क्वॉलिटी संतोषजनक
जानकारी के लिए बता दें कि AQI 0-50 के बीच होने पर हवा को शुद्ध माना जाता है. AQI 51-100 के बीच होने पर क्वॉलिटी संतोषजनक माना जाती है। AQI 101-200 के बीच मध्य, AQI 201 से ज्यादा को खराब माना जाता है। AQI 301 को बेहद खराब और AQI 401 के पार पहुंचने पर हालात गंभीर मानी जाती है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार इन दिनों नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम चला रही है, जिसकी निगरानी प्रदेश सरकार कर रही है। इस प्रोग्राम के तहत नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड, आरटीओ, वन विभाग आदि के सहयोग से प्रदूषण कम करने के उपाय किए जाते हैं। हर जिले में कलेक्टर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करते हैं।
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