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भोपाल में 17 करोड़ की सड़क में ‘दोहरा मापदंड’: अफसरों के घर के सामने सीमेंटेड, ईडब्ल्यूएस-एलआईजी में डामर
Thu, 08 Oct 2026 07:06 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 08 Oct 2026 07:06 PM IST
सार
भोपाल की बाग मुगलिया एक्सटेंशन कॉलोनी में करीब 17 करोड़ रुपए की सड़क परियोजना को लेकर रहवासियों ने पीडब्ल्यूडी पर भेदभाव का आरोप लगाया है। एक ही कॉलोनी में अधिकारियों और एचआईजी-एमआईजी क्षेत्र में सीमेंटेड सड़क, जबकि ईडब्ल्यूएस-एलआईजी हिस्से में डामर सड़क बनाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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बागमुगालिया में रहवासियों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाग मुगलिया एक्सटेंशन कॉलोनी में करीब 17 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़कों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलोनी विकास समिति ने लोक निर्माण विभाग पर सड़क निर्माण में भेदभाव का आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि एक ही कॉलोनी में वरिष्ठ अधिकारियों और बड़े मकानों वाले हिस्से में सीमेंटेड सड़क बनाई जा रही है, जबकि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवासों के सामने डामर की सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी के मुताबिक 85 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में 1206 से अधिक मकान हैं। यहां सड़क निर्माण के लिए 29 अप्रैल 2026 को करीब 17 करोड़ रुपए का टेंडर हुआ था। उनका आरोप है कि काम शुरू होते ही अधिकारियों और एचआईजी-एमआईजी मकानों वाले हिस्सों में सीमेंटेड सड़क बनाई जाने लगी। अब ईडब्ल्यूएस और एलआईजी क्षेत्र में डामर की सड़क बनाने की तैयारी की जा रही है।
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अधिकारियों के मकानों के सामने सीमेंटेड सड़क
समिति का दावा है कि कॉलोनी के जिन हिस्सों में वरिष्ठ अधिकारियों के आवास हैं, वहां सीमेंटेड सड़क बनाई गई है। बीच में छोटे मकानों का हिस्सा आने के बाद करीब 300 मीटर आगे फिर अधिकारियों के आवास वाले हिस्से में सीमेंटेड सड़क का निर्माण किया गया। समिति का सवाल है कि यदि टेंडर में सीमेंटेड और डामर दोनों तरह की सड़क का प्रावधान था तो छोटे मकानों वाले हिस्से में ही डामर की सड़क क्यों बनाई जा रही है।
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विभाग ने कहा- दोनों सड़क का टेंडर
समिति के अनुसार रहवासियों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से ईडब्ल्यूएस और एलआईजी क्षेत्र में भी सीमेंटेड सड़क बनाने की मांग की। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि टेंडर में सीमेंटेड और डामर दोनों सड़कें शामिल हैं। यदि सीमेंटेड सड़क की मांग की जाती है तो इसके लिए अलग फंड उपलब्ध नहीं है और काम रोकना पड़ सकता है। इसी को लेकर रहवासियों ने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री कृष्णा गौर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई है। रहवासियों का कहना है कि पूरी कॉलोनी में एक जैसी और टिकाऊ सड़क बनाई जानी चाहिए, ताकि कुछ साल बाद सड़क दोबारा बनाने की जरूरत न पड़े।
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सुनवाई नहीं हुई तो सड़क पर सुंदरकांड
समिति अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि रहवासियों ने प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा है। उनका कहना है कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो शनिवार को सड़क पर बैठकर सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। समिति ने मांग की है कि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी क्षेत्र में भी डामर की जगह सीमेंटेड सड़क बनाई जाए।
हमारे स्तर पर निर्णय नहीं होते
वहीं, लोक निर्माण विभाग के ईई एचएस जयसवाल ने कहा कि यह दोनों रोड डीपीआर के अनुसार बनाए जा रहे हैं। जहां तक रहवासियों की मांग है तो उनकी बात को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखेंगे। यह निर्णय हमारे स्तर पर तय नहीं होता। इसमें नए सिरे से अनुमोदन समेत सभी प्रक्रिया करना होती है।
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अधिकारियों के मकानों के सामने सीमेंटेड सड़क
समिति का दावा है कि कॉलोनी के जिन हिस्सों में वरिष्ठ अधिकारियों के आवास हैं, वहां सीमेंटेड सड़क बनाई गई है। बीच में छोटे मकानों का हिस्सा आने के बाद करीब 300 मीटर आगे फिर अधिकारियों के आवास वाले हिस्से में सीमेंटेड सड़क का निर्माण किया गया। समिति का सवाल है कि यदि टेंडर में सीमेंटेड और डामर दोनों तरह की सड़क का प्रावधान था तो छोटे मकानों वाले हिस्से में ही डामर की सड़क क्यों बनाई जा रही है।
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विभाग ने कहा- दोनों सड़क का टेंडर
समिति के अनुसार रहवासियों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से ईडब्ल्यूएस और एलआईजी क्षेत्र में भी सीमेंटेड सड़क बनाने की मांग की। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि टेंडर में सीमेंटेड और डामर दोनों सड़कें शामिल हैं। यदि सीमेंटेड सड़क की मांग की जाती है तो इसके लिए अलग फंड उपलब्ध नहीं है और काम रोकना पड़ सकता है। इसी को लेकर रहवासियों ने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री कृष्णा गौर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई है। रहवासियों का कहना है कि पूरी कॉलोनी में एक जैसी और टिकाऊ सड़क बनाई जानी चाहिए, ताकि कुछ साल बाद सड़क दोबारा बनाने की जरूरत न पड़े।
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सुनवाई नहीं हुई तो सड़क पर सुंदरकांड
समिति अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि रहवासियों ने प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा है। उनका कहना है कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो शनिवार को सड़क पर बैठकर सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। समिति ने मांग की है कि ईडब्ल्यूएस और एलआईजी क्षेत्र में भी डामर की जगह सीमेंटेड सड़क बनाई जाए।
हमारे स्तर पर निर्णय नहीं होते
वहीं, लोक निर्माण विभाग के ईई एचएस जयसवाल ने कहा कि यह दोनों रोड डीपीआर के अनुसार बनाए जा रहे हैं। जहां तक रहवासियों की मांग है तो उनकी बात को वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखेंगे। यह निर्णय हमारे स्तर पर तय नहीं होता। इसमें नए सिरे से अनुमोदन समेत सभी प्रक्रिया करना होती है।
