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Bhopal: यूनियन काबाईड के कचरे को लेकर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, बोले-आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा दुष्प्रभाव
Thu, 02 Jan 2025 05:36 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 02 Jan 2025 05:36 PM IST
सार
जीतू पटवारी पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर चर्चा की।
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सुमित्रा महाजन से जीतू पटवारी की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा
उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा।
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कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए
पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए।
कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए
पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।
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नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा
उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा।
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कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए
पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए।
कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए
पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।
