फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Nursing colleges in MP are facing another crisis, with more than half the seats likely to remain

Bhopal News: MP के नर्सिंग कॉलेजों में फिर संकट के आसार, 2025-26 सत्र की आधी से ज्यादा सीटें रह सकती हैं खाली

Fri, 03 Oct 2025 03:49 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 03 Oct 2025 03:49 PM IST
सार

प्रदेश में बीते तीन वर्षों से नर्सिंग शिक्षा की स्थिति लगातार गिरती जा रही है और इस बार भी 28,560 कुल सीटों में से सिर्फ 17,735 पर ही रजिस्ट्रेशन हुए हैं। पंजीयन आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की लगभग 50 प्रतिशत सीटें खाली रह सकती हैं।

विज्ञापन
Bhopal News: Nursing colleges in MP are facing another crisis, with more than half the seats likely to remain
नर्सेस रिजस्ट्रेशन काउंसिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। 2025-26 के ताजा पंजीयन आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की लगभग 50 प्रतिशत सीटें खाली रह सकती हैं, जिससे यह साफ झलकता है कि छात्रों का नर्सिंग शिक्षा से भरोसा टूटता जा रहा है। प्रदेश में बीते तीन वर्षों से नर्सिंग शिक्षा की स्थिति लगातार गिरती जा रही है और इस बार भी 28,560 कुल सीटों में से सिर्फ 17,735 पर ही रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
विज्ञापन



संभावित रिक्त सीटों की स्थिति (2025-26 सत्र)

कोर्स                                  कुल सीटें    अब तक हुए रजिस्ट्रेशन        अनुमानित खाली सीटें

बीएससी + जीएनएम नर्सिंग      23,174        14,722                                      8,452
पोस्ट बीएससी नर्सिंग                 3,610      1,539                                        2,071
एमएससी नर्सिंग                       1,776      1,474                                         302
कुल                                     28,560      17,735                                     10,825

 ध्यान दें: यह आंकड़े अब तक के रजिस्ट्रेशन पर आधारित हैं। अंतिम प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक इनमें कुछ बदलाव संभव है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना तय है।
विज्ञापन



छात्रों का मोहभंग, निजी कॉलेजों पर से भरोसा टूटा
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि नर्सिंग शिक्षा की गिरती साख की सबसे बड़ी वजह फर्जी कॉलेजों का संचालन, मानकों की अनदेखी और सरकारी निगरानी की कमी है। छात्र अब केवल शासकीय नर्सिंग कॉलेजों पर भरोसा कर रहे हैं, लेकिन वहां भी सीमित सीटें हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कॉलेजों ने नियमों के विरुद्ध आवेदन किए, जिन पर अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




 नर्सिंग शिक्षा का खास बातें
1- 2023-24 का सत्र शून्य ईयर घोषित करना पड़ा।
2- 2024-25 में लगभग 70% सीटें खाली रह गई थीं।
3- अब 2025-26 में भी यही ट्रेंड दोहराया जा रहा है।


यह भी पढ़ें-मुस्लिम जिम ट्रेनर होटल में युवती के साथ पकड़ाया, लोगों ने पीटा और पुलिस को सौंपा


स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा असर 
एनएसयूआई का कहना है कि सरकार जानबूझकर शासकीय कॉलेजों में बाधाएं खड़ी कर रही है ताकि छात्र निजी कॉलेजों की ओर रुख करें, जहां फीस कहीं अधिक है। इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। रवि परमार ने चेतावनी दी कि, “अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो प्रदेश में योग्य नर्सिंग प्रोफेशनल्स की भारी कमी हो जाएगी, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा।”

यह भी पढ़ें-सीएम डॉ. मोहन यादव पांच अक्टूबर को गुवाहाटी में उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

एनएसयूआई की सरकार से मांग 
1- दोषी कॉलेजों की मान्यता तत्काल रद्द की जाए
2- नर्सिंग काउंसिल को जवाबदेह बनाया जाए
3- सरकारी कॉलेजों की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार की जाए
4- छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed