फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Kidney stones treated without surgery, research by an Ayurvedic hospital, patients find relief wi

Bhopal News: बिना ऑपरेशन किडनी स्टोन का इलाज, आयुर्वेदिक अस्पताल का रिसर्च, विशेष काढ़े से मरीजों को राहत

Mon, 12 Jan 2026 07:29 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 12 Jan 2026 07:29 PM IST
सार

पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।

विज्ञापन
Bhopal News: Kidney stones treated without surgery, research by an Ayurvedic hospital, patients find relief wi
पं. खुशीलाल शर्मा शासकी आयुर्वेद संस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
विज्ञापन


विज्ञापन

10 एमएम से कम पथरी पर किया गया प्रयोग
विभाग की एचओडी डॉ. रीता सिंह ने बताया कि यह शोध स्कॉलर मोनिका झरिया द्वारा किया गया है। अध्ययन में उन मरीजों को शामिल किया गया, जिनकी पथरी का आकार 10 मिलीमीटर से कम था। मरीजों को 30 एमएल आयुर्वेदिक काढ़ा लगातार तीन महीने तक दिया गया।डॉ. रीता सिंह के अनुसार, यह आयुर्वेदिक उपचार शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया के जरिए काम करता है। काढ़ा मूत्र प्रणाली को साफ करने, सूजन कम करने और पथरी को धीरे-धीरे तोड़ने में मदद करता है। साथ ही यह पेशाब की मात्रा बढ़ाकर पथरी को बाहर निकालने में सहायक होता है। इस इलाज में न तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है और न ही लेजर जैसी महंगी तकनीक का सहारा लेना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोबारा पथरी बनने का खतरा भी कम
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उपचार की बड़ी खासियत यह है कि इससे पथरी दोबारा बनने की आशंका भी कम हो जाती है। इलाज के दौरान किडनी की कार्यक्षमता बनी रहती है और मरीजों को दर्द, खर्च और ऑपरेशन के डर से राहत मिलती है। एलोपैथिक इलाज में कई बार पथरी के दोबारा बनने की शिकायत सामने आती है, जबकि आयुर्वेदिक पद्धति बीमारी की जड़ पर काम करती है।


यह भी पढ़ें-भोपाल में गौ-मांस का मामला गरमाया,PCC चीफ का तीखा हमला,निगम अध्यक्ष और मंत्री बोले-होगी कड़ी कार्रवाई

आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित शोध
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि आयुर्वेद में किडनी स्टोन को ‘मूत्राश्मरी’ कहा गया है और इसके उपचार का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। यह शोध उन्हीं आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक शोध पद्धति के जरिए प्रमाणित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सही परामर्श, नियमित इलाज और जीवनशैली में सुधार के साथ मरीजों को लंबे समय तक लाभ मिल सकता है।

यह भी पढ़ें-भोपाल में गंदे पानी जीतू पटवारी ने किया रियलिटी टेस्ट, हर वार्ड में वॉटर ऑडिट का किया ऐलान

इलाज के साथ परहेज भी जरूरी
डॉ. रीता सिंह ने स्पष्ट किया कि आयुर्वेदिक इलाज के साथ संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और गलत खानपान से परहेज बेहद जरूरी है। अधिक नमक, जंक फूड और कम पानी पीने की आदत पथरी की समस्या को बढ़ा सकती है। कुल मिलाकर, पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय का यह शोध किडनी स्टोन के इलाज में आयुर्वेद को एक सुरक्षित, किफायती और प्रभावी विकल्प के रूप में सामने लाता है। यदि यह दावा बड़े स्तर पर सफल होता है, तो लाखों मरीजों को ऑपरेशन और लेजर इलाज से राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed