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MP News: भोपाल में गौ-मांस का मामला गरमाया,PCC चीफ का तीखा हमला,निगम अध्यक्ष और मंत्री बोले-होगी कड़ी कार्रवाई
Mon, 12 Jan 2026 07:11 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 12 Jan 2026 07:11 PM IST
सार
भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस से जुड़े गौ-मांस मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। जांच में गौ-मांस की पुष्टि के बाद स्लॉटर हाउस सील कर दिया गया, वहीं कांग्रेस ने इसे गो-रक्षा पर भाजपा के दोहरा रवैया बताया। नगर निगम अध्यक्ष और मंत्री विश्वास सारंग ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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पीसीसी में प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़े गौ-मांस मामले ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है। जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस की जांच में गौ-मांस की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है। इसके साथ ही शहर सरकार विपक्ष के तीखे हमलों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस ने इसे गो-रक्षा के नाम पर भाजपा सरकार के दोहरे चरित्र का सबूत बताया है, जबकि सत्ता पक्ष सख्त कार्रवाई के दावे कर रहा है।
पीसीसी चीफ का हमला- गो-रक्षा सिर्फ नारा, हकीकत उलट
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर भाजपा और मोहन यादव सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा खुद को गौ-रक्षक बताती है, दूसरी तरफ भोपाल जैसे शहर में स्लॉटर हाउस से गौ-मांस पकड़ा जाना सरकार की कथनी-करनी का अंतर उजागर करता है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-मांस पर 0 प्रतिशत GST लगाया जाना, स्लॉटर हाउस की गतिविधियां और गौशालाओं की बदहाली यह दिखाती है कि गो-रक्षा केवल चुनावी नारा बनकर रह गई है। उन्होंने महापौर और एमआईसी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
नगर निगम पर सवाल, परिषद को बताए बिना पास हुआ प्रस्ताव?
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़े प्रस्ताव को नगर निगम परिषद में लाए बिना एमआईसी की बैठक में पास कर दिया गया। न तो परिषद को भरोसे में लिया गया और न ही शहर की जनता को इसकी जानकारी दी गई। विपक्ष का कहना है कि यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद नगर निगम कटघरे में खड़ा है।
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रिपोर्ट आए, दोषी नहीं बचेंगे
इस पूरे विवाद पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का सोमवार को पहला बयान सामने आया। राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में पहुंचे सूर्यवंशी ने कहा कि अभी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन जैसे ही रिपोर्ट आएगी, दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में नहीं आया था और अगर किसी ने अपराध किया है या संरक्षण दिया है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
मंत्री विश्वास सारंग का सख्त रुख
मामले में मंत्री विश्वास सारंग ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गौ-मांस या गौ-कशी के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह व्यापारी हो या अधिकारी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने।
सारंग ने यहां तक कहा कि अगर गोमाता की हत्या हुई है तो आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए और उन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
महापौर मालती राय के पुतले का किया दहन
इधर करणी सेना और हिंदूवादी संगठनों ने आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का घेराव कर दिया। विरोध करते हुए उन्होंने महापौर मालती राय के पुतले का दहन भी किया। कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसी को भी नहीं बख्शा जाए। इस दौरान पुलिस भी पहुंची और लोगों को समझाइश दी।करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिन में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो न सिर्फ पुतला जलाएंगे, बल्कि ऑफिस में ताले लगा देंगे। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चला। समझाइश के बाद लोग माने और लौटे।
भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिले
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा और राज्य सरकार पर गो-रक्षा के नाम पर जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गो-प्रेम केवल भाषणों और चुनावी नारों तक सीमित है। पटवारी ने कहा कि जब कांग्रेस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था, तब भाजपा नेताओं ने इसे मजाक में उड़ाया था। लेकिन अब भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिलने के बाद सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम भाजपा के नियंत्रण में है और उसी शहर में यह घटना सामने आना भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
गौशालाओं की बदहाली और प्रशासनिक विफलता का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने इंदौर नगर निगम पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर इंदौर में जहरीले पानी से 23 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अंतर्गत आने वाली गौशालाओं में गायों की मौत हो रही है। देपालपुर–हातोद रेशम केंद्र स्थित नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत को उन्होंने प्रशासनिक विफलता और नैतिक दिवालियापन करार दिया। पटवारी ने कहा कि चारा, पानी और इलाज के अभाव में हो रही ये मौतें बताती हैं कि गौशालाएं केवल कागजों में चल रही हैं। पूरे प्रदेश में किसान फसल बचाने के लिए गोवंश को सड़कों पर छोड़ने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं और गायों की मौत बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें-चार माह पहले आत्महत्या मामले में FSL का खुलासा, छात्रा के साथ हुई थी दरिंदगी, आरोपी की तलाश शुरू
किसानों और युवाओं के साथ भी छल का आरोप
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि वे खुद को किसान-पुत्र कहते हैं, लेकिन अगर वास्तव में किसानों की पीड़ा समझते, तो मोदी सरकार की पांच गारंटियां गेहूं 2800 रुपये, धान 3100 रुपये और सोयाबीन 6000 रुपये जमीन पर लागू होतीं। उन्होंने कहा कि खाद की कमी, किसानों पर लाठीचार्ज, फसल बीमा में देरी और अतिवृष्टि के बाद भी मुआवजा न मिलना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने उद्योग और रोजगार वर्ष मनाकर 32 लाख करोड़ निवेश का दावा किया था, लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल 3 प्रतिशत निवेश ही आया और युवाओं को रोजगार नहीं मिला।
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कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें भोपाल स्लॉटर हाउस में गौ-मांस मिलने की घटना की उच्चस्तरीय जांच, इंदौर नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत की न्यायिक जांच, गौ-मांस पर 0 प्रतिशत GST के फैसले को तत्काल वापस लेने, प्रदेश की सभी गौशालाओं और निर्वासित गोवंश पर श्वेत पत्र जारी करने तथा केंद्र सरकार द्वारा गौ-मांस निर्यात की वास्तविक स्थिति देश के सामने रखने की मांग शामिल है। पटवारी ने कहा कि भाजपा गो-राजनीति के जरिए वोट तो लेती है, लेकिन न तो गाय की रक्षा करती है और न ही किसानों और जनता की चिंता करती है।
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पीसीसी चीफ का हमला- गो-रक्षा सिर्फ नारा, हकीकत उलट
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर भाजपा और मोहन यादव सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा खुद को गौ-रक्षक बताती है, दूसरी तरफ भोपाल जैसे शहर में स्लॉटर हाउस से गौ-मांस पकड़ा जाना सरकार की कथनी-करनी का अंतर उजागर करता है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-मांस पर 0 प्रतिशत GST लगाया जाना, स्लॉटर हाउस की गतिविधियां और गौशालाओं की बदहाली यह दिखाती है कि गो-रक्षा केवल चुनावी नारा बनकर रह गई है। उन्होंने महापौर और एमआईसी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
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नगर निगम पर सवाल, परिषद को बताए बिना पास हुआ प्रस्ताव?
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस से जुड़े प्रस्ताव को नगर निगम परिषद में लाए बिना एमआईसी की बैठक में पास कर दिया गया। न तो परिषद को भरोसे में लिया गया और न ही शहर की जनता को इसकी जानकारी दी गई। विपक्ष का कहना है कि यही वजह है कि मामला सामने आने के बाद नगर निगम कटघरे में खड़ा है।
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इस पूरे विवाद पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का सोमवार को पहला बयान सामने आया। राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में पहुंचे सूर्यवंशी ने कहा कि अभी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन जैसे ही रिपोर्ट आएगी, दोषी चाहे छोटा हो या बड़ा, उसे नहीं छोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में नहीं आया था और अगर किसी ने अपराध किया है या संरक्षण दिया है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
मंत्री विश्वास सारंग का सख्त रुख
मामले में मंत्री विश्वास सारंग ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गौ-मांस या गौ-कशी के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह व्यापारी हो या अधिकारी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाए, जो नजीर बने।
सारंग ने यहां तक कहा कि अगर गोमाता की हत्या हुई है तो आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए और उन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।
महापौर मालती राय के पुतले का किया दहन
इधर करणी सेना और हिंदूवादी संगठनों ने आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का घेराव कर दिया। विरोध करते हुए उन्होंने महापौर मालती राय के पुतले का दहन भी किया। कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसी को भी नहीं बख्शा जाए। इस दौरान पुलिस भी पहुंची और लोगों को समझाइश दी।करणी सेना ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिन में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो न सिर्फ पुतला जलाएंगे, बल्कि ऑफिस में ताले लगा देंगे। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन चला। समझाइश के बाद लोग माने और लौटे।
भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिले
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा और राज्य सरकार पर गो-रक्षा के नाम पर जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का गो-प्रेम केवल भाषणों और चुनावी नारों तक सीमित है। पटवारी ने कहा कि जब कांग्रेस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था, तब भाजपा नेताओं ने इसे मजाक में उड़ाया था। लेकिन अब भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय के मांस के अवशेष मिलने के बाद सच्चाई जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम भाजपा के नियंत्रण में है और उसी शहर में यह घटना सामने आना भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।
गौशालाओं की बदहाली और प्रशासनिक विफलता का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने इंदौर नगर निगम पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर इंदौर में जहरीले पानी से 23 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अंतर्गत आने वाली गौशालाओं में गायों की मौत हो रही है। देपालपुर–हातोद रेशम केंद्र स्थित नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत को उन्होंने प्रशासनिक विफलता और नैतिक दिवालियापन करार दिया। पटवारी ने कहा कि चारा, पानी और इलाज के अभाव में हो रही ये मौतें बताती हैं कि गौशालाएं केवल कागजों में चल रही हैं। पूरे प्रदेश में किसान फसल बचाने के लिए गोवंश को सड़कों पर छोड़ने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं और गायों की मौत बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें-चार माह पहले आत्महत्या मामले में FSL का खुलासा, छात्रा के साथ हुई थी दरिंदगी, आरोपी की तलाश शुरू
किसानों और युवाओं के साथ भी छल का आरोप
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि वे खुद को किसान-पुत्र कहते हैं, लेकिन अगर वास्तव में किसानों की पीड़ा समझते, तो मोदी सरकार की पांच गारंटियां गेहूं 2800 रुपये, धान 3100 रुपये और सोयाबीन 6000 रुपये जमीन पर लागू होतीं। उन्होंने कहा कि खाद की कमी, किसानों पर लाठीचार्ज, फसल बीमा में देरी और अतिवृष्टि के बाद भी मुआवजा न मिलना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने उद्योग और रोजगार वर्ष मनाकर 32 लाख करोड़ निवेश का दावा किया था, लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल 3 प्रतिशत निवेश ही आया और युवाओं को रोजगार नहीं मिला।
यह भी पढ़ें-पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानों में,ग्वालियर-चंबल में ठंड का कहर,4 दिन तक कोहरा और शीतलहर
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें भोपाल स्लॉटर हाउस में गौ-मांस मिलने की घटना की उच्चस्तरीय जांच, इंदौर नगर निगम गौशाला में 15 गायों की मौत की न्यायिक जांच, गौ-मांस पर 0 प्रतिशत GST के फैसले को तत्काल वापस लेने, प्रदेश की सभी गौशालाओं और निर्वासित गोवंश पर श्वेत पत्र जारी करने तथा केंद्र सरकार द्वारा गौ-मांस निर्यात की वास्तविक स्थिति देश के सामने रखने की मांग शामिल है। पटवारी ने कहा कि भाजपा गो-राजनीति के जरिए वोट तो लेती है, लेकिन न तो गाय की रक्षा करती है और न ही किसानों और जनता की चिंता करती है।
