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Bhopal News: तालाब बचाने की मुहिम तेज, बड़े तालाब किनारे अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर,15 दिन में होगी पूरी सफाई

Mon, 13 Apr 2026 06:49 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 13 Apr 2026 06:49 PM IST
सार

भोपाल के बड़े तालाब को बचाने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पक्के निर्माण तोड़े जा रहे हैं और अगले 15 दिनों में सैकड़ों कब्जे हटाने की तैयारी है, जिससे तालाब का दायरा सुरक्षित किया जा सके।

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Bhopal News: Campaign to Save the Lake Intensifies; Bulldozers Demolish Illegal Encroachments Along the Banks
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के बड़े तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सेवनिया और गौरागांव इलाके में जेसीबी चलाकर बाउंड्रीवॉल समेत कई पक्के निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह का विरोध होने पर स्थिति संभाली जा सके।
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तालाब की जमीन पर बने पक्के ढांचे निशाने पर
प्रशासनिक टीम ने उन निर्माणों को चिन्हित कर हटाया जो तालाब की सीमा के भीतर बनाए गए थे। दोपहर तक चली इस कार्रवाई में आधा दर्जन से ज्यादा अतिक्रमण तोड़े गए। अधिकारियों का कहना है कि तालाब के प्राकृतिक क्षेत्र को बचाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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347 अतिक्रमण चिन्हित, 15 दिन का प्लान तैयार
जिला प्रशासन ने बड़े तालाब के आसपास कुल 347 कब्जों की पहचान की है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से अगले 15 दिनों में हटाने की योजना बनाई गई है। साफ किया गया है कि निर्धारित जलस्तर सीमा से 50 मीटर तक किए गए सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे, खासकर वे जो हाल के वर्षों में खड़े किए गए हैं।


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गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे
सेवनिया, गौरागांव और बिसनखेड़ी जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी तालाब किनारे बड़े पैमाने पर निर्माण किए जाने की जानकारी मिली है। पिछले दो महीनों से प्रशासन इन सभी कब्जों का सर्वे कर सूची तैयार कर रहा था।

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पर्यावरण नियमों के तहत सख्ती
विशेषज्ञों का मानना है कि तालाब के आसपास किए गए कई निर्माण पर्यावरण नियमों के खिलाफ हैं। इसी को आधार बनाकर प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। पर्यावरण से जुड़े लोग भी इस मुद्दे को आगे उठाने की तैयारी में हैं।


 
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