Bhopal: इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने हादसे के बाद बस के बनाए बैक डेट पर दस्तावेज, संचालक और क्रेता पर मामला दर्ज
Bhopal International Public School: इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने हादसे के बाद बस के बैक डेट पर दस्तावेज बनाए। टीटी नगर पुलिस ने स्कूल संचालक और क्रेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र में बाणगंगा चौराहे पर सोमवार को ट्रैफिक सिग्नल्स पर इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की बस ने आधा दर्जन से अधिक वाहनों को टक्कर मार दी थी। हादसे में डॉ. आयशा नाम की बीएएमएस युवती की मौत हो गई है। इस मामले में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि मिसरोद स्थित इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल को संचालित करने वाली श्रीराम नंदा एजुकेशन सोसायटी के नाम बस थी।
हादसे के बाद जांच से बचने के लिए एजुकेशन सोसायटी के कर्ताधर्ता ने बस को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बेच दिया। यह दस्तावेज स्टांप पर बनाए गए, लेकिन वे 21 अप्रैल की तारीख को बनाए गए, जबकि यह अनुबंधन सोमवार को एक्सीडेंट के बाद किया गया। अनुबंध श्रीनाम नंदा एजुकेशन सोयायटी के पदाधिकारी और स्कूल के डायरेक्टर को बचाने के लिए किया गया। जांच में दस्तावेज में हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद टीटी नगर पुलिस ने प्रदीप पाण्डेय और प्रवेश नागर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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प्रवेश नागर के नाम से हादसे के बाद उक्त बस को बेचा गया था, जबकि बस का मूल मालिक प्रदीप पाण्डेय है, जो श्रीराम नंदा एजुकेशन सोसायटी का भी पदाधिकारी है। पुलिस इस मामले में बस के चालक विशाल बैरागी की तलाश कर रही है, हादसे के बाद से चालक फरार है।
आधा दर्जन से अधिक वाहनों को मारी थी टक्कर
टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल को संचालिक करने वाली एजुकेशन सोसायटी ने कार्रवाई से बचने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जीवाड़ा किया है। जांच में इसका खुलासा हो चुका है। एजुकेशन सोसायटी ने स्टांप पर शपथ-पत्र बनवाकर पुलिस को सौंपा था, ताकि बस के क्रेता को ही आरोपी बनाया जाए, लेकिन जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रदीप पाण्डेय को भी आरोपी बनाया गया है।
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इस मामले में भोपाल आरटीओ जितेन्द्र शर्मा को लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सोमवार रात ही निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, एक्सीडेंट करने वाली स्कूल बस का फिटनेश और बीमा दोनों एक्सपायर थे। इसके बाद भी बस सड़क पर दौड़ रही थी।
एक दिन में 410 बसों की हुई जांच, 126 के खिलाफ कार्रवाई
राजधानी भोपाल में एक निजी स्कूल की बस द्वारा आधा दर्जन से अधिक वाहनों को टक्कर मारने वाली घटना के बाद मंगलवार को दिन भर यातायात पुलिस ने स्कूल और कॉलेज के बसों की जांच की। ट्रैफिक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को भोपाल जिले में 19 स्थानों पर स्कूल व कॉलेज बसों की जांच की गई। 19 टीमों द्वारा 410 स्कूल-कॉलेज बसों की जांच की गई, जिनमें 126 में कमियां मिलने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। कुछ वाहनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। यातायात पुलिस की यह कार्रवाई इस बसों के खिलाफ 31 मई तक लगातार चलती रहेगी।
