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Bhopal: भोपाल में कचरे के बदले मिलेगा खाना और दैनिक उपयोग की वस्तुएं, शुरू हुआ कचरा कैफे,महिलाएं करेंगी संचालन
Wed, 13 Aug 2025 10:12 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 13 Aug 2025 10:12 PM IST
सार
भोपाल में कचरे के निपटान के लिए नगर निगम ने एक अनोखी पहल को शुरू की है। कचरा कैफे’ नामक इस नवाचार में लोग कचरे के बदले खाना, खानपान सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्राप्त कर सकेंगे। 10 नंबर मार्केट में महापौर मालती राय ने इसका लोकार्पण किया।
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कचरा कैफे का लोकार्पण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में स्वच्छता को बढ़ावा देने और कचरे के निपटान के लिए नगर निगम ने एक अनोखी पहल को शुरू किया है। कचरा कैफे’ नामक इस नवाचार में लोग कचरे के बदले खाना, खानपान सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्राप्त कर सकेंगे। बुधवार को 10 नंबर मार्केट में महापौर मालती राय ने इसका लोकार्पण किया। जल्द ही बोट क्लब और बिट्टन मार्केट में भी इसे शुरू किया जाएगा।
कचरा कैफे स्थापित करने वाला देश का पहला निगम
इस कैफे में प्लास्टिक, कागज, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक कचरे के बदले भोजन या अन्य सामान मिलेगा। अगर कोई नकद लेना चाहे तो कैफे बाजार दर से पांच रुपये अधिक में कचरा खरीदेगा। जैसे, यदि बाजार में प्लास्टिक 15 रुपये किलो बिक रहा है, तो कैफे उसे 20 रुपये किलो की दर से खरीदेगा। कचरा कैफे का संचालन स्व-सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। महापौर मालती राय ने कहा कि इस पहल से शहर की स्वच्छता बढ़ेगी और स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। कचरा कैफे स्थापित करने वाला भोपाल नगर निगम देश का पहला निगम है।
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एप पर बेच सकेंगे कचरा
इसके लिए एक मोबाइल एप भी बनाया गया है, जहां लोग पुराने अखबार, मैगजीन, इलेक्ट्रानिक वस्तुएं, कपड़े आदि की फोटो अपलोड कर सकते हैं। निगम घर से कचरा एकत्र कर निर्धारित दरों के आधार पर प्वाइंट्स देगा। इच्छुक लोग सीधे कैफे पर भी कचरा दे सकते हैं। वहीं यहां आने वाले निराश्रित या जरूरतमंद लोग कचरा देकर छोले-चावल जैसे पके हुए व्यंजन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा दाल, चावल, आटा, तेल, अचार, पापड़, कपड़े, सजावटी सामान और पर्यावरण अनुकूल वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी, जिनका उत्पादन भी यही समूह करेगा।
यह भी पढ़ें-भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में क्लोरीन गैस का रिसाव,मचा हड़कंप, एक घंटे में पाया काबू
रोजाना निकलता है 500 टन प्लास्टिक कचरा
नगर निगम के अनुसार शहर हर रोज करीब 500 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिसमें से 200 टन प्रतिबंधित पन्नियां होती हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक, लोहे, सीसे और कागज का कचरा भी बड़ी मात्रा में आता है। कचरा कैफे के जरिए यह कचरा अलग-अलग एकत्र होगा और आसानी से रीसाइक्लिंग केंद्रों तक पहुंचेगा।
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कचरा कैफे स्थापित करने वाला देश का पहला निगम
इस कैफे में प्लास्टिक, कागज, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक कचरे के बदले भोजन या अन्य सामान मिलेगा। अगर कोई नकद लेना चाहे तो कैफे बाजार दर से पांच रुपये अधिक में कचरा खरीदेगा। जैसे, यदि बाजार में प्लास्टिक 15 रुपये किलो बिक रहा है, तो कैफे उसे 20 रुपये किलो की दर से खरीदेगा। कचरा कैफे का संचालन स्व-सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। महापौर मालती राय ने कहा कि इस पहल से शहर की स्वच्छता बढ़ेगी और स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। कचरा कैफे स्थापित करने वाला भोपाल नगर निगम देश का पहला निगम है।
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एप पर बेच सकेंगे कचरा
इसके लिए एक मोबाइल एप भी बनाया गया है, जहां लोग पुराने अखबार, मैगजीन, इलेक्ट्रानिक वस्तुएं, कपड़े आदि की फोटो अपलोड कर सकते हैं। निगम घर से कचरा एकत्र कर निर्धारित दरों के आधार पर प्वाइंट्स देगा। इच्छुक लोग सीधे कैफे पर भी कचरा दे सकते हैं। वहीं यहां आने वाले निराश्रित या जरूरतमंद लोग कचरा देकर छोले-चावल जैसे पके हुए व्यंजन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा दाल, चावल, आटा, तेल, अचार, पापड़, कपड़े, सजावटी सामान और पर्यावरण अनुकूल वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी, जिनका उत्पादन भी यही समूह करेगा।
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रोजाना निकलता है 500 टन प्लास्टिक कचरा
नगर निगम के अनुसार शहर हर रोज करीब 500 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिसमें से 200 टन प्रतिबंधित पन्नियां होती हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक, लोहे, सीसे और कागज का कचरा भी बड़ी मात्रा में आता है। कचरा कैफे के जरिए यह कचरा अलग-अलग एकत्र होगा और आसानी से रीसाइक्लिंग केंद्रों तक पहुंचेगा।
