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Bhopal: पशुपालन विभाग की करोड़ों की 6 एकड़ जमीन पर कब्जा, विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी पटवारियों की टीम
Sat, 30 Aug 2025 07:02 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 30 Aug 2025 07:02 PM IST
सार
पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। जिसमें करीब 6 एकड़ जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है। शनिवार को पटवारियों की टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। सोमवार को रिपोर्ट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सामने रखी जाएगी।
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मौके पर पहुंची जिला प्रशासन की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के अनंतपुरा में पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। जिसमें करीब 6 एकड़ जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है। इसमें करीब 40 बिल्डिंग, प्लाट, 30 दुकानें, एक पेट्रोल पंप, एक स्कूल समेत दो-तीन कॉलोनियों के भी कब्जे मिले हैं। शनिवार को पटवारियों की टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। सोमवार को यह रिपोर्ट कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के सामने रखी जाएगी। इसके बाद चिंह्नित कब्जाधारियों को पशुपालन विभाग से नोटिस भेजे जाएंगे। यदि कब्जाधारी जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन तोड़ने की कार्रवाई करेगा।
कल भी तैयार होगी रिपोर्ट
गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव बताया कि पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। शनिवार को पूरे दिन रिपोर्ट तैयार की गई। रविवार को भी बची हुई रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सोमवार को टीएल मीटिंग में कलेक्टर के समाने रिपोर्ट रखी जाएगी। उन्होने बताया कि करीब 6 एकड़ जमीन पर कब्जा है। जिसमें कुछ नगर निगम की दुकाने और मकान भी शामिल है।
विभाग को 65 एकड़ जमीन की जरूरत
एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया, पशुपालन विभाग ने एक आवेदन दिया है। जिसमें राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 65 एकड़ जमीन में रिसर्च सेंटर और एक चारागाह बनाना है। इसलिए उनकी पहले से आवंटित भूमि का सीमांकन किया गया। उन्होने बताया कि साल 1991 में विभाग को 99 एकड़ जमीन अलॉट की गई थी। इसमें से पोल्ट्री रिसर्च फार्म और ऑफिस पहले ही बना है। अब 65 एकड़ जमीन और चाहिए। ताकि, रिसर्च सेंटर और चारागाह बना लिया जाए। इसलिए हमने 65 एकड़ जमीन का सीमांकन किया है।
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यह भी पढ़ें-गणपति बैनर पर विवाद, 'ईदगाह का राजा' लिखने पर विरोध के बाद हटाना पड़ा पोस्टर
इनका कब्जा सामने आया
1-डायमंड सिटी समेत आसपास के इलाके में 40 मकान, कोटियार्ड का गेट, कई खेत।
2-कॉलोनियों के गेट भी कब्जे में पाए गए हैं।
3-एक पेट्रोल पंप और 30 दुकानें भी जद में आ रही है।
4-एक तीन मंजिल की निजी स्कूल भी इसी जमीन में है।
यह भी पढ़ें-भोपाल बीएमसी के खजाने में जमा हुए 182 करोड़, पिछले साल से 10 फीसदी अधिक, आज और कल भी खुलेंगे दफ्तर
20 करोड़ से ज्यादा की जमीन पर कब्जा
पशुपाल विभाग की कब्जा हुई 6 एकड़ जमीन की कीमत 20 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। जिस पर मछली परिवार के दखल की पड़ताल भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, डायमंड सिटी में 3 मंजिला डेढ़ से दो हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बनी है। अधिकारियों को आशंका है कि इस स्कूल बिल्डिंग पर मछली परिवार का सीधे तौर पर नहीं, पर दखल जरूर है। इसलिए बिल्डिंग से जुड़ी सभी जांच की जा रही है। हालांकि, मछली परिवार से जुड़े वकील पहले ही गोविंदपुरा एसडीएम को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सीमांकन कार्रवाई में अनपात्ति है।
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कल भी तैयार होगी रिपोर्ट
गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव बताया कि पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन का सीमांकन पूरा कर लिया गया है। शनिवार को पूरे दिन रिपोर्ट तैयार की गई। रविवार को भी बची हुई रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सोमवार को टीएल मीटिंग में कलेक्टर के समाने रिपोर्ट रखी जाएगी। उन्होने बताया कि करीब 6 एकड़ जमीन पर कब्जा है। जिसमें कुछ नगर निगम की दुकाने और मकान भी शामिल है।
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विभाग को 65 एकड़ जमीन की जरूरत
एसडीएम श्रीवास्तव ने बताया, पशुपालन विभाग ने एक आवेदन दिया है। जिसमें राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 65 एकड़ जमीन में रिसर्च सेंटर और एक चारागाह बनाना है। इसलिए उनकी पहले से आवंटित भूमि का सीमांकन किया गया। उन्होने बताया कि साल 1991 में विभाग को 99 एकड़ जमीन अलॉट की गई थी। इसमें से पोल्ट्री रिसर्च फार्म और ऑफिस पहले ही बना है। अब 65 एकड़ जमीन और चाहिए। ताकि, रिसर्च सेंटर और चारागाह बना लिया जाए। इसलिए हमने 65 एकड़ जमीन का सीमांकन किया है।
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इनका कब्जा सामने आया
1-डायमंड सिटी समेत आसपास के इलाके में 40 मकान, कोटियार्ड का गेट, कई खेत।
2-कॉलोनियों के गेट भी कब्जे में पाए गए हैं।
3-एक पेट्रोल पंप और 30 दुकानें भी जद में आ रही है।
4-एक तीन मंजिल की निजी स्कूल भी इसी जमीन में है।
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20 करोड़ से ज्यादा की जमीन पर कब्जा
पशुपाल विभाग की कब्जा हुई 6 एकड़ जमीन की कीमत 20 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। जिस पर मछली परिवार के दखल की पड़ताल भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, डायमंड सिटी में 3 मंजिला डेढ़ से दो हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बनी है। अधिकारियों को आशंका है कि इस स्कूल बिल्डिंग पर मछली परिवार का सीधे तौर पर नहीं, पर दखल जरूर है। इसलिए बिल्डिंग से जुड़ी सभी जांच की जा रही है। हालांकि, मछली परिवार से जुड़े वकील पहले ही गोविंदपुरा एसडीएम को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सीमांकन कार्रवाई में अनपात्ति है।
