{"_id":"69dc74e310661cf39f05fcea","slug":"4-day-performance-review-for-mp-congress-district-presidents-to-face-scrutiny-starting-april-15-the-underper-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमपी कांग्रेस में 4 दिन की कामकाज परीक्षा: 15 अप्रैल से जिला अध्यक्षों का हिसाब-किताब, कमजोरों पर गिरेगी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमपी कांग्रेस में 4 दिन की कामकाज परीक्षा: 15 अप्रैल से जिला अध्यक्षों का हिसाब-किताब, कमजोरों पर गिरेगी गाज
Mon, 13 Apr 2026 10:20 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 13 Apr 2026 10:20 AM IST
सार
मध्य प्रदेश कांग्रेस 15 से 18 अप्रैल तक जिला अध्यक्षों के कामकाज की सख्त समीक्षा करने जा रही है। चार दिन तक आमने-सामने चर्चा में उनके पिछले काम का हिसाब लिया जाएगा और कमजोर प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है। पार्टी अब संगठन में ढिलाई खत्म कर जवाबदेही तय करने के मूड में है।
विज्ञापन
पीसीसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लगातार चुनावी झटकों के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अब संगठन को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है। पार्टी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब केवल पद नहीं, बल्कि काम ही पहचान तय करेगा। इसी के तहत 15 से 18 अप्रैल तक जिला अध्यक्षों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाएगी, जिसमें कमजोर प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
चार दिन तक चलेगी काम की क्लास
संगठन सृजन अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी चल्ला वामशी चंद रेड्डी राजधानी भोपाल में चार दिन तक डेरा डालेंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी 71 जिला अध्यक्षों से एक-एक कर आमने-सामने चर्चा करेंगे। हर अध्यक्ष को उसके पिछले आठ महीने के काम का पूरा ब्यौरा दिखाया जाएगा और उसी आधार पर जवाब भी लिया जाएगा।
रिपोर्ट कार्ड सामने, जवाब देना होगा
बताया जा रहा है कि सभी जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर विस्तृत रिपोर्ट पहले से तैयार है। समीक्षा के दौरान यह रिपोर्ट उनके सामने रखी जाएगी। जिन जिलों में संगठन कमजोर पड़ा है या गतिविधियां ठंडी रही हैं, वहां के अध्यक्षों को सीधा जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पद से हटाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
विज्ञापन
इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
- मतदाता सूची के कार्य में कितनी भागीदारी रही
- जिले में जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियां कितनी सक्रिय रहीं
- बूथ और पंचायत स्तर तक संगठन कितना मजबूत हुआ
- स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की मौजूदगी कैसी रही
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में गर्मी ने दिखाया अपना असर, पारा 41 डिग्री पार, गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
भोपाल में शक्ति प्रदर्शन, 17 को बड़ा सम्मेलन
17 अप्रैल को रविन्द्र भवन में ब्लॉक अध्यक्षों का पहला बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। इस मंच से आगामी रणनीति और संगठन की नई दिशा तय की जाएगी।
यह भी पढ़ें-ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी, आग का गोला बनी फॉर्च्यूनर, बिल्डिंग तक पहुंचीं लपटें
पहले दी छूट, अब तय होगी जिम्मेदारी
पार्टी ने पिछले वर्ष 16 अगस्त को 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर उन्हें संगठन खड़ा करने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी थी। शुरुआत में उन्हें काम करने की खुली छूट दी गई, लेकिन अब उसी काम का मूल्यांकन किया जा रहा है। इससे साफ है कि संगठन में अब जवाबदेही तय की जा रही है और ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
विज्ञापन
चार दिन तक चलेगी काम की क्लास
संगठन सृजन अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी चल्ला वामशी चंद रेड्डी राजधानी भोपाल में चार दिन तक डेरा डालेंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी 71 जिला अध्यक्षों से एक-एक कर आमने-सामने चर्चा करेंगे। हर अध्यक्ष को उसके पिछले आठ महीने के काम का पूरा ब्यौरा दिखाया जाएगा और उसी आधार पर जवाब भी लिया जाएगा।
विज्ञापन
रिपोर्ट कार्ड सामने, जवाब देना होगा
बताया जा रहा है कि सभी जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर विस्तृत रिपोर्ट पहले से तैयार है। समीक्षा के दौरान यह रिपोर्ट उनके सामने रखी जाएगी। जिन जिलों में संगठन कमजोर पड़ा है या गतिविधियां ठंडी रही हैं, वहां के अध्यक्षों को सीधा जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पद से हटाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
विज्ञापन
इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
- मतदाता सूची के कार्य में कितनी भागीदारी रही
- जिले में जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियां कितनी सक्रिय रहीं
- बूथ और पंचायत स्तर तक संगठन कितना मजबूत हुआ
- स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की मौजूदगी कैसी रही
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में गर्मी ने दिखाया अपना असर, पारा 41 डिग्री पार, गर्म हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
भोपाल में शक्ति प्रदर्शन, 17 को बड़ा सम्मेलन
17 अप्रैल को रविन्द्र भवन में ब्लॉक अध्यक्षों का पहला बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। इस मंच से आगामी रणनीति और संगठन की नई दिशा तय की जाएगी।
यह भी पढ़ें-ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी, आग का गोला बनी फॉर्च्यूनर, बिल्डिंग तक पहुंचीं लपटें
पहले दी छूट, अब तय होगी जिम्मेदारी
पार्टी ने पिछले वर्ष 16 अगस्त को 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर उन्हें संगठन खड़ा करने की पूरी जिम्मेदारी सौंपी थी। शुरुआत में उन्हें काम करने की खुली छूट दी गई, लेकिन अब उसी काम का मूल्यांकन किया जा रहा है। इससे साफ है कि संगठन में अब जवाबदेही तय की जा रही है और ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
