{"_id":"6193b98cd3ece845a45c5ba3","slug":"appointment-rajesh-lal-mehra-appointed-as-chairman-of-madhya-pradesh-public-service-commission","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियुक्ति: राजेश लाल मेहरा बने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियुक्ति: राजेश लाल मेहरा बने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
Tue, 16 Nov 2021 07:30 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 16 Nov 2021 07:30 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार ने राजेश लाल मेहरा को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे अब तक आयोग के सदस्य और कार्यवाहक अध्यक्ष थे।
विज्ञापन
डॉ. राजेश लाल मेहरा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. राजेश लाल मेहरा अब मप्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष होंगे। इस संबंध में मप्र शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। मध्यप्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को बैठक में प्रो. राजेशलाल मेहरा सदस्य एवं कार्यवाहक अध्यक्ष को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष और डॉ. कृष्णकांत शर्मा प्राध्यापक (गणित) को सदस्य के पद पर नियुक्त करने का अनुमोदन किया है।
साहित्यकार, शिक्षाविद, लोक साहित्य- मालवी- निमाड़ी के प्रोफेसर राजेश लाल मेहरा का जन्म इंदौर जिले के महू में हुआ है। उन्होंने बीएससी, एमए हिन्दी तथा हिन्दी विषय में पीएचडी की है। उन्हें 21 वर्षों का महाविद्यालयीन प्राध्यापक के रूप में अध्यापन का अनुभव है। वे राष्ट्रीय सेवा योजना एवं समाज कार्यों में संलग्न रहे हैं। विभिन्न साहित्यक पत्रिकाओं के सम्पादन कार्य का अनुभव है। राष्ट्रीय भाषा उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं।
प्रो. मेहरा की नियुक्ति को लेकर अब पुरानी बातें दोहराई जा रही है। पूर्व में डॉ. मेहरा को लोक सेवा आयोग का सदस्य और बाद में कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन इसके बाद नए विवाद ने जन्म लिया था और मेहरा की शिकायत हुई थी। आरोप लगे थे कि मेहरा का चयन बगैर पीएससी की परीक्षा दिए सिर्फ साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। इसी प्रक्रिया के चलते वे प्रोफेसर बने थे। मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई शिकायत में कहा गया था कि जिसकी मूल नियुक्ति पर ही विवाद हो उसे सदस्य और अध्यक्ष बनाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साहित्यकार, शिक्षाविद, लोक साहित्य- मालवी- निमाड़ी के प्रोफेसर राजेश लाल मेहरा का जन्म इंदौर जिले के महू में हुआ है। उन्होंने बीएससी, एमए हिन्दी तथा हिन्दी विषय में पीएचडी की है। उन्हें 21 वर्षों का महाविद्यालयीन प्राध्यापक के रूप में अध्यापन का अनुभव है। वे राष्ट्रीय सेवा योजना एवं समाज कार्यों में संलग्न रहे हैं। विभिन्न साहित्यक पत्रिकाओं के सम्पादन कार्य का अनुभव है। राष्ट्रीय भाषा उपाधि से सम्मानित हो चुके हैं।
विज्ञापन
प्रो. मेहरा की नियुक्ति को लेकर अब पुरानी बातें दोहराई जा रही है। पूर्व में डॉ. मेहरा को लोक सेवा आयोग का सदस्य और बाद में कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन इसके बाद नए विवाद ने जन्म लिया था और मेहरा की शिकायत हुई थी। आरोप लगे थे कि मेहरा का चयन बगैर पीएससी की परीक्षा दिए सिर्फ साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। इसी प्रक्रिया के चलते वे प्रोफेसर बने थे। मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई शिकायत में कहा गया था कि जिसकी मूल नियुक्ति पर ही विवाद हो उसे सदस्य और अध्यक्ष बनाना उचित नहीं है।
विज्ञापन
