{"_id":"61cac9985a623563943e3642","slug":"600-crore-scam-in-mp-damor-has-no-answer-over-the-allegations-ran-away-from-media-in-bhopal","type":"story","status":"publish","title_hn":"600 करोड़ के घोटाले पर सरकार चुप: भोपाल में भाजपा कार्यालय में सांसद डामोर आगे-आगे, मीडिया पीछे-पीछे; सवालों से बचते हुए भाग निकले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
600 करोड़ के घोटाले पर सरकार चुप: भोपाल में भाजपा कार्यालय में सांसद डामोर आगे-आगे, मीडिया पीछे-पीछे; सवालों से बचते हुए भाग निकले
Tue, 28 Dec 2021 01:57 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:57 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट से भाजपा सांसद गुमान सिंह डामोर के खिलाफ अलीराजपुर की एक कोर्ट ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। भोपाल में मीडिया ने उनसे सवाल किए तो वह बचते-बचाते भाग निकले।
विज्ञापन
MP News: गुमान सिंह डामोर मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना भाग निकले।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट से भाजपा के सांसद गुमान सिंह डामोर के पास उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का कोई जवाब नहीं है। भोपाल में मंगलवार सुबह डामोर भाजपा कार्यालय आए थे। जब मीडिया ने उनसे 600 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में सवाल किए तो वे बचते-बचाते भाग निकले। इस मामले में सरकार की ओर से भी कोई स्पष्टीकरण या बयान सामने नहीं आया है।
दरअसल, अलीराजपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित जैन के निर्देश पर डामोर के साथ-साथ अलीराजपुर कलेक्टर गणेश शंकर मिश्र के खिलाफ, पीएचई के कार्यपालन यंत्री डीएल सूर्यवंशी, सुधीर कुमार सक्सेना और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 197, 217, 269, 403, 406 , 409 एवं 420 के तहत एफआईआर हुई है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों को 17 जनवरी 2022 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
क्या है यह घोटाला
यह कथित घोटाला उस समय का है जब डामोर राजनीति में नहीं आए थे। फ्लोरोसिस कंट्रोल प्रोजेक्ट में कार्यपालन यंत्री थे। इसी दौरान गणेश शंकर मिश्रा, सूर्यवंशी, सुधीर सक्सेना समेत अन्य भी पदस्थ थे। अलीराजपुर और झाबुआ क्षेत्र में फ्लोरोसिस कंट्रोल एवं अन्य प्रोजेक्ट के लिए की गई खरीद में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप हैं। करोड़ों रुपये के बिल बिना सप्लाई के पास हो गए। डामोर रिटायर होने के बाद भाजपा से सांसद बने। महू के पत्रकार धर्मेंद्र शुक्ला ने इस मामले में हाईकोर्ट में दस्तावेज पेश किए थे। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर अलीराजपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में मामला आया था। आरोप है कि हैंडपंप का खनन नहीं हुआ और सिर्फ कागजों में ही हैंडपंप खुदाई हो गई थी।
विज्ञापन
दरअसल, अलीराजपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित जैन के निर्देश पर डामोर के साथ-साथ अलीराजपुर कलेक्टर गणेश शंकर मिश्र के खिलाफ, पीएचई के कार्यपालन यंत्री डीएल सूर्यवंशी, सुधीर कुमार सक्सेना और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 197, 217, 269, 403, 406 , 409 एवं 420 के तहत एफआईआर हुई है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों को 17 जनवरी 2022 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है यह घोटाला
यह कथित घोटाला उस समय का है जब डामोर राजनीति में नहीं आए थे। फ्लोरोसिस कंट्रोल प्रोजेक्ट में कार्यपालन यंत्री थे। इसी दौरान गणेश शंकर मिश्रा, सूर्यवंशी, सुधीर सक्सेना समेत अन्य भी पदस्थ थे। अलीराजपुर और झाबुआ क्षेत्र में फ्लोरोसिस कंट्रोल एवं अन्य प्रोजेक्ट के लिए की गई खरीद में भ्रष्टाचार और गबन के आरोप हैं। करोड़ों रुपये के बिल बिना सप्लाई के पास हो गए। डामोर रिटायर होने के बाद भाजपा से सांसद बने। महू के पत्रकार धर्मेंद्र शुक्ला ने इस मामले में हाईकोर्ट में दस्तावेज पेश किए थे। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर अलीराजपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में मामला आया था। आरोप है कि हैंडपंप का खनन नहीं हुआ और सिर्फ कागजों में ही हैंडपंप खुदाई हो गई थी।
