एम्स के मरीजों का लिया गया फीडबैक, 21 फीसदी हैं असंतुष्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 13 Mar 2018 03:54 PM IST
21 percent people are not satisfied with aims service in  bhopal
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ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज (एम्स) भोपाल में लोगों का फीडबैक लिया गया है। करीब तीन साल पहले जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों से फीडबैक लेने के निर्देश स्वास्थ्य संचनालय ने जारी किए थे। इसके तहत ओपीडी में आने वाले 10 फीसदी और 5 फीसदी भर्ती मरीजों से फीडबैक लिया जाना था। हालांकि अधिकतर अस्पतालों में यह फीडबैक कागजों तक ही सीमित रह गया।
आंकड़ों के अनुसार 32 फीसदी मरीज अस्पताल व्यवस्था से 'बेहद संतुष्ट' हैं। 47 फीसदी लोगों का कहना है कि वह केवल 'संतुष्ट' हैं जबकि 21 फीसदी लोगो का कहना है कि वह अस्पताल व्यवस्था से 'संतुष्ट नहीं' हैं। आपको बता दें कि यह फीडबैक 2016-17 में अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों से लिए गए हैं। फीडबैक करीब 6 हजार मरीजों ने दिए हैं। 

लोगों की असंतुष्टि की बात की जाए तो 28 फीसदी लोग एम्स के स्टाफ के व्यवहार से नाखुश हैं। 8 फीसदी लोग साफ सफाई, 15 फीसदी इलाज पर होने वाले खर्च और 16 फीसदी इलाज की क्वालिटी और बाकी अन्य कारणों से नाखुश हैं। जानकारी के मुताबिक 261 असंतुष्ट मरीजों में 42 फीसदी वार्ड बॉय, 34 फीसदी डॉक्टरों के व्यवहार, 10 फीसदी लोग नर्सों के व्यवहार और 9 फीसदी मरीज टेक्नीशियन के स्वभाव से नाखुश हैं। 

एम्स भोपाल के डॉयरेक्टर डॉ. नितिन एम का कहना है कि ज्यादातर मरीज संतुष्ट हैं। अस्पताल जैसे ही पूरी तरह से शुरू होता है वैसे ही इलाज में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा मरीजों के सुझावों से हमें अपनी कमियां पता चलती हैं जिन्हें हम दूर भी करते हैं। इसलिए फीडबैक लिए जा रहे हैं।  

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